बिहार स्पेशल पैकेज: कुछ नया नहीं दिया, अफवाह मास्टर बना रहे हैं माहौल- नीतीश कुमार

By: | Last Updated: Wednesday, 26 August 2015 1:06 PM

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश के लिए 1.25 लाख करोड रूपये के विशेष पैकेज की घोषणा को पुरानी योजनाओं की ‘रिपैकेजिंग’ बताते हुए आज कहा कि इसमें एक लाख आठ हजार करोड़ रुपये अथवा 87 प्रतिशत राशि पुरानी योजनाओं की है.

 

नीतीश ने आज कहा कि हमने मुनासिब समझा कि इस विशेष पैकेज का अध्ययन कर उसकी सच्चाई लोगों के बीच लाएं क्योंकि लोगों को लगता कि बहुत राशि मिल गयी जबकि ऐसा कुछ नहीं है. यह विशेष पैकेज के नाम पर ‘रिपैकेजिंग’ और ‘पैकेज पालिटिक्स’ है. इसके नाम पर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में जनता का समर्थन हासिल करने का इरादा है.

 

उन्होंने कहा कि तब से लेकर आज तक भाजपा और उसके सहयोगी दल एक प्रकार की हवा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, सरकारी संसाधनों की मदद से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि मानो विशेष पैकेज बिहार और यहां के लोगों की तकदीर बदलने वाली हो. नीतीश ने कहा, ‘‘1.25 लाख करोड रूपये में से एक लाख आठ हजार करोड़ रुपये आंकडों का मायाजाल अथवा 87 प्रतिशत राशि पुराने माल को एक नए पैकेट में बेचने की कोशिश है. पहले से प्रस्तावित और वर्तमान में चल रही योजनाओं और परियोजनाओं के पैसे को ‘रिपैकेज’ कर इसे नए सहायता के रूप में दिखाया जा रहा है.’’

 

नीतीश ने विशेष पैकेज के बाकी 6000 करोड रूपये को केवल हवाई दावा बताते हुए कहा कि इसके उपयोग का कोई ब्यौरा जमीन पर उतरता नहीं दिखता तथा 1.25 लाख करोड रूपये गुब्बारेनुमा के पैकेज में मात्र 10368 करोड रूपये की अतिरिक्त राशि है तथा इस पैकेज के तहत मिलने वाली राशि कब तक और कैसे मिलेगी उसके बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है.

 

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने पर लोगों को दिग्भ्रमित करने की कोशिश की गयी, इसलिए मुख्यमंत्री के नाते उनका कर्तव्य था कि उसकी असलियत लोगों के सामने उजागर करें. यह बात जनता की अदालत में जाएगी तथा लोग इन चीजों को जानेंगे और समझेंगे. हमने इसको उजागर किया है और प्रधानमंत्री जी का कर्तव्य बनता है कि वह स्थिति स्पष्ट करें. नीतीश ने आरोप लगाया कि पैकेज देने के अंदाज को देखकर ऐसा लगा कि जैसे बिहार के लोगों के समर्थन के साथ-साथ उनके भरोसे की बोली लगा दी.

 

पटेल आरक्षण पर ली चुटकी

उन्होंने उनके गृह प्रदेश गुजरात में पटेल समुदाय के ओबीसी के तहत आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन छेडे जाने पर मोदी पर कटाक्ष किया, ‘अपने राज्य की सूरत को देख लें, बिहार की सूरत को क्या बदलेंगे.’

 

नीतीश ने कहा कि पैकेज में राज मार्ग, पुल और रेल उपरी पुल की 41 परियोजनाओं में से 37 परियोजनाओं पर 47553 करोड रूपये की राशि 2007 से 2015 के बीच आवंटित की गयी थी, तो केवल 7160 करोड रूपये की अतिरिक्त राशि को ही तिल का ताड बनाया गया है. उन्होंने कहा कि विशेष पैकेज में 22500 किलोमीटर सडक बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत 13620 करोड रूपये देंगे. इस योजना के तहत तो सभी राज्यों को राशि मिलती है, तो बिहार के अधिकार को विशेष पैकेज क्यों बताया जा रहा है?

 

नीतीश ने कहा कि वास्तविकता यह है कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत 22532 किलोमीटर पथों का निर्माण किया जाना शेष है जिसके लिए करीब 14197 करोड रूपये की आवश्यकता होगी, पर आश्चर्य की बात यह है कि इसको केंद्र सरकार बिहार को विशेष सहायता बताने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की योजनाओं पर विशेष पैकेज में 21476 रूपये खर्च किए जाने की बात कही गयी जिसमें से 21127 करोड रूपये पूर्व से स्वीकृत हैं ऐसे में इसमें मात्र नए 224 करोड रूपये की वृद्धि है जिसमें से 125 करोड रूपये के जमीनी आधार के बारे में कुछ भी अता-पता नहीं है.

 

नीतीश ने कहा कि नागर विमानन की योजना पर 2700 करोड रूपये खर्च किए जाने का वादा किया गया है पर उसके बारे में स्पष्टता नहीं है. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र के लिए एक हजार करोड रूपये की राशि में से 50 करोड रूपये पूर्व स्वीकृत है तथा नया प्रावधान 950 करोड रूपये का है…भागलपुर जिले में 500 करोड रूपये की लागत से विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा का हम स्वागत करते हैं. लेकिन इस कार्य के लिए न तो स्थल का चयन हुआ और ना ही कोई डीपीआर बना है, ऐसे में यह मानना बहुत ही कठिन है कि इस योजना का कुछ प्रमाण भविष्य में जल्द ही दिखेगा.

 

उन्होंने कहा कि बोधगया के आईआईएम के लिए पिछले साल ही 50 करोड रूपये की लागत से स्वीकृत हो चुका है, इसके लिए राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध करा चुकी है और वहां इस साल से कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है, पर उसे भी विशेष पैकेज में शामिल किया गया है. पहले से जारी चीजों को पैकेज बताया गया है. नीतीश ने कहा कि हमारा लक्ष्य है पांच साल के भीतर एक करोड लोगों के कौशल विकास का और उस पर 12580 करोड रूपये खर्च आएंगे, पर उसके लिए कोई ध्यान नहीं दिया गया. नीतीश ने कहा कि पिछले पांच साल में कृषि के विकास के लिए 6505 करोड रूपये खर्च किए और अगले पांच सालों के दौरान 11710 करोड रूपये का खर्च प्रस्तावित है, जबकि केंद्र द्वारा 3094 करोड रूपये का पैकेज देने की बात की जा रही है.

 

उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में हम लोग सात परिपथ की बात कर रहे हैं जिसे पूरा करने में 5912 करोड रूपये लगेंगे, पर केंद्र द्वारा 600 करोड रूपये दिए जाने की बात की जा रही है. केंद्र के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के बारे में नीतीश ने कहा कि इसमें बिहार के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है. उसके तहत देश के बाकी हिस्सों की तरह बिहार भी डिजिटलीकरण होगा.

 

ऐसा नहीं है कि देश के बाकी हिस्सों को छोडकर अलग से केवल बिहार डिजिटलीकरण हो रहा है. उन्होंने कहा कि अन्य की तरह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और कौशल विकास कार्यक्रम को इस विशेष पैकेज से जोडा जाना और इसके जरिए केंद्र द्वारा अंधाधुंध विज्ञापन पर खर्च करके लोगों के मानस पटल पर यह बिठाना कि देखो हम काम कर रहे हैं, जो सही और मुनासिब नहीं है. नीतीश ने कहा कि जहां तक अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट के लिए 40 हजार करोड रूपये दिए जाने की बात है वह तो पहले से है. उसमें केंद्र सरकार को क्या करना है. राज्य सरकार को बुनियादी काम करना है, निजी पार्टियों को प्लांट लगाना है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत बीआरजीएफ के माध्यम से विशेष सहायता के तौर पर जो धन राशि (12000 करोड रूपये) पहले से स्वीकृत है या मिलती थी उसके बारे में कहा गया कि उक्त राशि खर्च नहीं की गयी. वह राशि दी ही नहीं गयी है. अब आप कह रहे हैं कि देंगे. वह ‘डिब्बा’ जिसमें उक्त राशि रखी है वह आपके ही पास था, उस पर लगे ताला की चाभी भी आपके ही पास ही थी.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: nitish attacks modi on special package
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017