Nitish Kumar_Jitan Ram Manjhi_Bihar Govt._

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By: | Updated: 09 Mar 2015 10:24 AM

पटना: मांझी मंत्रिमंडल के फैसलों को रद्द करने के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कदम के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एक दिन के उपवास पर बैठे हैं.

 

यहां गांधी मैदान में राष्ट्रपिता गांधी की प्रतिमा के नीचे उपवास पर बैठे मांझी ने कहा कि उन्होंने जनहित में ये फैसले किए थे और उसे रद्द करने का नीतीश मंत्रिमंडल कदम नाजायज है.

 

उन्होंने नीतीश सरकार की यह दलील खारिज कर दी कि इन फैसले को लागू करने के लिए प्रदेश के खजाने में उतनी राशि नहीं है.

 

मांझी ने आरोप लगाया जो राशि गरीबों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए खर्च होनी चाहिए उस राशि को नीतीश अपनी वाहवाही और शान-बान तथा दिखावे के लिए अनावश्यक निर्माण कार्यों में लगाकर ठेकेदारों की जेब भर रहे हैं और कमीशनखोरी को बढावा दे रहे हैं.

 

पूर्व मुख्यमंत्री का इशारा अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय, महाधिवेशन भवन, बिहार विधानसभा का नया भवन, विधायकों के लिए नया आवास निर्माण किए जाने की ओर था.

 

उन्होंने दावा किया कि उन्हें जनता और सभी वर्गो का अपार समर्थन है और नीतीश को बाध्य होकर उनके निर्णयों को मानना होगा. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो बिहार विधानसभा चुनाव में जनता उनको सबक सिखा देगी. मांझी से जब पूछा गया कि 10 से 19 फरवरी के बीच अपने मंत्रिमंडल की तीन बैठकों के दौरान जल्दबाजी में फैसले करने के बजाए पहले भी ऐसा कर सकते थे ताकि उन्हें अमली जामा पहनाने के लिए उन्हें अवसर मिल जाता तो उनका जवाब था कि नीतीश समर्थक मंत्रियों के कारण वे ऐसा नहीं कर पाए.

 

उनके मंत्रिमंडल से इस्तीफा के बाद उन्होंने अंतिम समय में ये निर्णय लिए. नीतीश ने मांझी के इन निर्णयों को अनियमित तथा बिना कैबिनेट नोट के मनमाने ढंग से लिया गया निर्णय बताया है. इसके बारे में पूछे जाने पर मांझी ने कहा कि अन्यान्य के तौर पर निर्णय किए जाते हैं और पहले भी ऐसे फैसले किए गए हैं.

 

आम आदमी पार्टी (आप) की तर्ज पर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के बैनर तले आयोजित इस उपवास कार्यक्रम मे बारे में मांझी ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रदेश में ‘हम’ बनाने के निर्णय की एक तरह से शुरूआत है.

 

इस अवसर पर मांझी मंत्रिमंडल में शामिल रहे मंत्री वृषिण पटेल, नीतीश मिश्र, महाचंद्र प्रसाद सिंह, शाहिद अली खान, जदयू के बागी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह एवं पूनम देवी तथा जदयू के पूर्व सांसद शिवनानंद तिवारी, पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साला अनुरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव मौजूद थे.

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