नीतीश कुमार का 'वार रूम'

By: | Last Updated: Wednesday, 10 June 2015 2:11 PM
nitish kumar_war room

नई दिल्ली: पीएम मोदी पर ट्वीटर के इस्तेमाल की खिल्ली उड़ाने वाले नीतीश अब मोदी के नक्शेकदम पर ही नहीं बल्कि उनकी प्रचार टीम का हिस्सा रहे प्रशांत किशोर को चुनाव जीताने की जिम्मेदारी सौंप दी.

 

कुछ केजरीवाल से, तो कुछ मोदी से सीख लेकर नीतीश खुद को बेचना सीख रहें हैं. प्रशांत किशोर नीतीश के सरकारी आवास 7 सी आर में रहकर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. किशोर की टीम में चार सौ लड़के-लड़कियां होंगे जो नीतीश को चुनावी लड़ाई में जीत दिलाने के लिए दिन-रात काम करेंगे.

 

किशोर मीडिया में न खुद दिखना चाहते हैं ना ही कुछ बोलना चाहते हैं पर नीतीश अपने पूरे चुनावी अभियान की बागडोर उनके हाथ में सौंप चुके हैं. जब तक आचार संहिता लागू नहीं हो जाता किशोर परदे के पीछे रह कर सलाह देते रहेंगे.  

 

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश सरकार ने पिछले दस साल के अपने शासन की उपल्ब्धियों तथा अगले दस साल के लिए बिहार का ‘विज़न डॉक्यूमेंट’ तैयार करने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान का शुभारंभ किया. नीतीश कुमार ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा आयोजित एक आकर्षक कार्यक्रम में “बढ़ चला बिहार’’ अभियान की शुरूआत नौ जून को की.

 

– जनता के सुझावों पर अगले दस साल के विकास कार्यों की तैयार की जाएगी रूपरेखा

– दस हजार अधिकारियों, सिविल सोसायटी, युवाओं व विशेषज्ञों को लगाया गया है कार्यक्रम में

– राज्य के 40 हजार गांवों में अगले आठ से दस सप्ताह तक चलेगा कार्यक्रम

– पारंपरिक व आधुनिक मीडिया और सोशल मीडिया का इस अभियान में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा.

– अप्रवासी बिहारियों से संवाद के लिए नीतीश खुद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उपल्ब्ध होंगे.

– राजधानी पटना में ब्रेकफास्ट विद सीएम का आयोजन होगा.

 

इसके तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम:-

 

1. अगले आठ से दस सप्ताक तक राज्य के 40 हजार गांवों में रहने वाले करीब 11 करोड़ लोगों से सीधा सम्पर्क किया जाएगा. इस कार्य में अधिकारियों के साथ-साथ सिविल सोसायटी के दस हजार लोगों को लगाया जाएगा.

 

2. इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर के 40 हजार गांवों में इतनी ही संख्या में सभाओं का आयोजन होगा. इन सभाओं में गांव के लोग अगले दस साल के लिए राज्य के विकास का एजेंडा तय करेंगे.

 

3. इस कार्यक्रम के तहत 400 ट्र्कों को राज्य के 40 हजार गांवों तक भेजने की तैयारी की गई है. ये ट्रकें ऑडियों-विजुअल सिस्टम से लैस हैं जो सरकार की विकास योजनाओं का प्रचार-प्रसार गांव-गांव तक करेंगे.

 

लोगों का कहना है कि यह कार्यक्रम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा के चुनावी प्रचार से प्राभावित है. कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा प्रशांत किशोर की उसी टीम ने तैयार किया है जिसने लोकसभा चुनाव के समय मोदी की अक्रामक ब्रांडिंग कर उनके मुद्दों को हावी कर दिया था. नीतीश कुमार के घर पर ही पूरा कंट्रोल रूम है जहां से यह टीम काम करती है.     

 

हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि ‘बढ़ चला बिहार’ का उद्देश्य व्यापक है, यह प्रगतिशील विचार है, इसके माध्यम से बिहार के विकास का दृष्टिपत्र तैयार होगा. इसके आधार पर बिहार के विकास के कार्ययोजना में लोगों को जोड़ना, उनकी राय लेना, समाज के हर तबके की राय लेकर उनकी भागीदारी इस कार्यक्रम में सुनिश्चित कराना है. यह विश्व की सबसे बड़ी जन भागीदारी की योजना बनने जा रही है.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बढ़ चला बिहार’ एक नए प्रकार की पहल है. उनके मन में एक विचार नौ वर्ष से अधिक समय से चल रहा था कि बिहार में हमलोगों ने अनेक कार्य किए हैं. कानून का राज स्थापित करने के बाद हर क्षेत्र में काम किया गया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सड़क, आधारभूत संरचना के साथ-साथ अन्य सभी क्षेत्रों में व्यापक कार्य किया गया है.

 

बिहार की प्रगति प्रारंभ हो चुकी है और प्रगति ने रफ्तार भी हासिल कर ली है. विकास दर प्राप्त करने में उल्लेखनीय सफलता पायी है. बिहार के बारे में यह अवधारणा बन चुकी थी कि यहां कुछ भी नहीं किया जा सकता है. बिहार का उपहास उड़ाया जाता था. कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि बिहार के डीएनए में जाति है. हमलोगों का इतिहास गौरवशाली है.

 

तमाम परियोजनाओं में सबको भागीदार बनाया. न्याय के साथ विकास कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया. बिहार ने विकास का नया मानक स्थापित किया. बिहार की चर्चा विकास के मानक के लिए होने लगी. हमने 2009 में विकास यात्रा शुरू की. लोगों के बीच जाकर समस्या के समाधान का प्रयास किया.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत विभिन्न वर्गों के साथ विमर्श कर बिहार के विकास का विजन पत्र बनाया जाएगा. लोगों को जोड़ना, उनकी राय को लेना, समाज के हर तबके की राय को लेकर योजनाओं में जन भागीदारी सुनिश्चित कराने का यह कार्यक्रम है. लोगों की तरफ से जो बातें आती है, उससे रोशनी मिलती है और आगे के लिए बेहतर रास्ता निकलता है.

 

वस्तु स्थिति को रखकर, उनसे पूछकर कि अब तक क्या हुआ और क्या होना चाहिए, उनकी भावना, उनके विचार को लेकर नीति निर्माण करने में सहयोग मिलेगी. इस कार्यक्रम को ठीक ढंग से प्रस्तुत किया जाए तो शानदार नतीजा आएगा. निर्विवाद डॉक्यूमेंट तैयार होगा, इसमें सभी वर्ग, तबके की भागीदारी होगी.

 

नई पीढ़ी की भावनाओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. यह कार्यक्रम समावेशी विकास की तरफ ले जाने की पहल है. यही इस अभियान का मकसद है. जो कुछ होगा, सबके सहयोग से होगा. यह अभियान बिहार के भविष्य को बेहतर बनाने वाला होगा. इसमें हम सबका सहयोग चाहते हैं. इस अभियान में किसी बात के परिमार्जन के लिए कोई सुझाव आएगा तो उस पर भी विचार होंगे. सुशासन के लक्ष्य को बिना लोगों की भागीदारी के प्राप्त नहीं किया जा सकता है.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक, पुलिस, पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की. त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं को पचास प्रतिशत का आरक्षण दिया, इसका अनुकरण दूसरे राज्यों में भी किया गया. सड़क की हालत को सुधारा. बिजली के क्षेत्र में काम हुआ. साढ़े बारह प्रतिशत से अधिक बच्चे जो स्कूल से बाहर रह जाते थे, उन्हें स्कूल में लाया गया.

 

अब दो प्रतिशत से भी कम बच्चे स्कूल से बाहर हैं. 2006 में प्राप्त आंकड़े के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पहले महीने में 39 मरीज आते थे, जब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति 24X7 होने लगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क दवाएं मिलने लगी तो लोगों का विश्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रति बढ़ा और मरीजों की औसतन संख्या प्रतिमाह आठ हजार होने लगी.

 

लड़कियां गरीबी के कारण स्कूल नहीं जाती थी. स्कूल में पोशाक की योजना एवं अन्य योजना चलाकर बच्चियों को स्कूल के प्रति आकृष्ट किया. बालिकाओं के लिए साइकिल योजना चलायी गयी. पहले बच्चियां साइकिल नहीं चलाती थी, जब कोई बच्ची साइकिल चलाती थी तो लोग अचरज करते थे.

साइकिल योजना से सामाजिक सोच बदला, नजरिया में परिवर्तन आया. बच्चियां साइकिल चलाकर झुण्ड में स्कूल जाने लगी. उनके अरमानों में पंख लग गए. महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा मिली. बच्चियों का मनोबल ऊँचा हुआ. समाज के हर तबके की भागीदारी हमरे कार्यक्रमों में हुई. समाज के जो भी लोग हाशिये पर थे, उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया गया.

 

अभिवंचित, उपेक्षितों एवं अन्य दबे, कुचले लोगों को मुख्य धारा में लाने एवं महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया, इसका अच्छा परिणाम आया. बिहार की चर्चा विकास के नए मानकों के लिए की जाने लगी. अपनी सोच, अपनी पहल से हमेशा लोगों के साथ रहे. अपने विभिन्न यात्राओं के क्रम में लोगों के साथ संवाद का कार्यक्रम होता था, लोगों की शिकायतें सुनता था और उनके निदान के लिए प्रयत्न किया. विकलांगों को पेंशन नहीं मिलता था, जब मैंने विभिन्न तरह की यात्राएं की और यथार्थ को स्वयं जाकर देखा तो सब चीजों में परिवर्तन आया.

 

भ्रष्टाचार कानून में बदलाव आया. भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्ति को जब्त कर उन्हें अभिसात किया. लोगों की बातों को सुन, समझकर उनके समाधान का प्रयास किया. लोक सेवा अधिकार कानून बनाया. 15 अगस्त 2011 को इसे लागू किया. नवम्बर में फिर यात्रा पर निकल पड़े, इससे लोगों को फायदा हुआ. कठिनाइयों को दूर करने की पहल की. विचार आया, बहुत कुछ किया किन्तु बहुत कुछ करना बाकी है. दस साल में जो कुछ किया, इसका लाभ मिला.

 

अगले दस साल के लिए कार्ययोजना बनेई, इसके लिए लोगों की सोच को जानेंगे. हम चाहते हैं कि लोग खुद बताएं. ‘बढ़ चला बिहार’ को अभियान के रूप में चलाया जाएगा. विशेषज्ञ, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों एवं समाज के सभी वर्ग, तबकों के साथ विचार किया जाएगा. विजन डॉक्यूमेंट तो बनता रहा है लेकिन यह पहला प्रयास है कि सीधे लोगों से जानना चाहते हैं कि वे क्या काम चाहते हैं.

 

चालीस हजार गांव तक पहुंचने का लक्ष्य है. लोगों को मालूम है, क्या हुआ है और क्या हो सकता है. इसके बारे में वे क्या सोचते हैं, इसके लिए युवाओं, विशेषज्ञों के साथ इन्टरेक्ट करना चाहेंगे. आठ-दस सप्ताह के अंदर आधुनिक तकनिकी का सहारा लेकर लोगों से सम्पर्क कार्य होगा. बिहार बढ़ चला है. लोगों के बीच जाकर डॉक्यूमेंट तैयार होगा. बिहार बढ़ चला है, इसे और इसे आगे बढ़ना है.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग का काम लोगों के साथ जन-संबंध का भी है. जन-संबंध स्थापित कर डॉक्यूमेंट तैयार करना चाहते हैं, लोगों को भागीदार बनाना चाहते हैं. यह सरकार की पहल है, इसमें सबका सहयोग है. मेरी अवधारणा न्याय के साथ विकास की है. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिहार 2015 सीडी एव पुस्तिका का लोकापर्ण भी किया.

 

इस कार्यक्रम के बारे में ज्यादा जानकारी, यहां उपलब्ध है:-

www.fb.com/bihar2025

www.twitter.com/bihar2025

www.bit.do/bihar2025

www.bihar2025.in

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: nitish kumar_war room
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017