पतंजलि केश कांति विज्ञापन में बाल काले करने का सबूत नहीं दे पाए रामदेव

By: | Last Updated: Friday, 29 January 2016 9:03 AM
No Clinical Evidence of Patanjali’s Kesh Kanti

नई दिल्ली: भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने पतंजलि आयुर्वेद के बालों के ऑयल प्रॉडक्ट केश कांति संबंधी विज्ञापन को भ्रामक पाया है. परिषद का कहना है कि कंपनी विज्ञापन में किए गए दावों के समर्थन में कोई क्लिनिक्ल साक्ष्य पेश नहीं कर पाई है.

इसके साथ ही परिषद ने भारती एयरटेल, आइडिया सेल्यूलर, फ्लिपकार्ट, मायंत्रा, बजाज आटो, निसान मोटर तथा इंडिगो एयरलाइंस सहित विभिन्न कंपनियों के 37 विज्ञापन अभियानों के खिलाफ शिकायतों को भी सही पाया है. उक्त कंपनियों के विज्ञापन भी भ्रामक बताते हुए शिकायत की गई थी.

हरिद्वार स्थित पतंजलि आयुर्वेद ने केश कांति के विज्ञापन में इसे ‘दोमुंहे व बाल झड़ने’ का उपचार करने करने वाला तेल बताया है. परिषद का कहना है कि कंपनी इसको प्रमाणित करने के लिए कोई ‘क्लिनिक्ल साक्ष्य’ पेश नहीं कर पाई.

परिषद ने हेल्थकेयर श्रेणी में भ्रामक विज्ञापनों की 19 शिकायतों, दूरसंचार क्षेत्र में पांच तथा पर्सनल केयर में चार शिकायतों को सही पाया है.

भारती एयरटेल के 4G सेवाओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विज्ञापनों के खिलाफ तीन शिकायतों जबकि आइडिया सेल्यूलर के खिलाफ एक शिकायत सही पाई गई.

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Web Title: No Clinical Evidence of Patanjali’s Kesh Kanti
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