खुले में शौच जाते हैं तो सरकारी नौकरी नहीं देगी हरियाणा सरकार

By: | Last Updated: Wednesday, 18 November 2015 5:22 AM
no government jobs for defecating in open

चंडीगढ़: पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक अनोखा और प्रशंसनीय कदम उठाया है. हरियाणा सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसके अनुसार खुले में शौच करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी.

 

डिस्ट्रिक रूरल डेवलपमेंट एजेंसी, कुरुक्षेत्र की ओर से ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स, क्लस्टर मोटिवेटर्स के पद पर आवेदन के लिए यह नियम जारी किया गया है. पदों के लिए जारी सरकारी नोटिस में योग्यता के कॉलम में उम्मीदवार का ग्रेजुएट होने के साथ घर में शौचालय रखने वालों और खुले में शौचनिवृति न करने वालों को वरीयता दिए जाने की बात कही गई है.

 

एक अधिकारी के मुताबिक, अभ्यर्थियों को यह लिखकर देना होगा कि वह व्यवस्थित ढंग से रहते हैं, टॉइलट का प्रयोग करते हैं और खुले में शौच नहीं करते हैं. ताकि बाद में इन शर्तों से मुकर ना जाएं. उन्होंने बताया कि नौकरियों के लिए यह शर्त एक तरह से केंद्र के निर्देश का पालन भर है.

 

जनगणना 2011 के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में 47.18 लाख लोगों के पास घर हैं जिनमें से 69 प्रतिशत लोगों के घर में शौचालय है, लेकिन 30 प्रतिशत लोग खुले में शौच जाते हैं. वहीं 1 प्रतिशत लोग सार्वजनिक शौचालयों पर निर्भर हैं.

 

आपको बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है कि देश में सरकारी नौकरी के लिए इस तरह की शर्त रखी गई हो. हलांकि इसके पहले हरियाणा सरकार ने कुछ इसी तरह का कदम उठाते हुए हरियाणा में प्रधानी के चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की न्यूनतम योग्यता 10वीं पास होना तय कर दी थी.

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Web Title: no government jobs for defecating in open
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