कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से कॉलोनियां बनाने की कोई योजना नहीं: मुफ्ती

By: | Last Updated: Thursday, 9 April 2015 8:46 AM
No plans to make separate clusters for Kashmiri Pandits: Mufti

फ़ाइल फ़ोटो: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद

जम्मू: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आज विधानसभा को बताया कि उनकी सरकार की घाटी में कश्मीरी पंडितों के रहने के लिए अलग से कॉलोनियां बनाने की कोई योजना नहीं है.

 

सदन में विपक्षी दलों ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए ‘‘समग्र टाउनशिप’’ बनाने के राज्य सरकार के कदम का जम कर विरोध किया. इस बीच सईद ने सदन से कहा, ‘‘ मैं सदन को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से कॉलोनियां नहीं बनाएंगे.’’

 

सईद की मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक के बाद आधिकारिक रूप से यह कहा गया था कि मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया है कि राज्य सरकार विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से टाउनशिप बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण करेगी और उन्हें जमीन मुहैया कराएगी.

 

जम्मू कश्मीर में मुख्य विपक्षी दलों और अलगाववादी समूहों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा था कि यह लोगों को बांट देगा और इससे सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो जाएंगे.

 

सईद ने सरकार का रख स्पष्ट करते हुए कहा, ‘‘ मैंने केंद्रीय गृह मंत्री को बताया है कि कश्मीरी पंडित अलग नहीं रह सकते और उन्हें साथ रहना होगा.’’ उन्होंने कहा कि ‘कश्मीर के भीतर एक और प्रदेश ’संभव नहीं है और राज्य के भीतर विवाद पैदा करने के लिए अफवाहें उड़ाई जा रही हैं.

 

सईद ने जोर देकर कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों को वापसी के लिए अनुकूल माहौल मुहैया कराने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की अफवाहें उड़ाई जाती हैं तो वे वापस कैसे आएंगे.

 

सईद ने कहा, ‘‘ हम जल्दी में यह नहीं करना चाहते. हम कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों से बात करेंगे. हम कश्मीर में धर्मनिरपेक्षता को फलते फूलते देखना चाहते है ताकि कश्मीर अलग अलग किस्म के फूलों का बगीचा बन जाए.’’ मुख्यमंत्री ने अलगाववादियों से भी अपील की कि उन्हें इस मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे कश्मीर की बदनामी होती है.

 

उन्होंने कश्मीरी पंडितों से घाटी में लौटने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके लिए अनुकूल माहौल पैदा करेगी ताकि वे ‘‘सम्मान एवं गरिमा’’ के साथ अपने स्थानों पर बस सकें.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ जो वापस आना चाहते हैं, उन्हें अलग नहीं रहना चाहिए. घाटी में इस्राइल की तरह कॉलोनियां नहीं होगी और हम वापस आकर अपने स्थानों पर बसने के लिए उनका स्वागत करते हैं.’’

 

सदन की कार्यवाही आज सुबह जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस विधायक दल के नेता नवांग रिगजिन जोरा ने कश्मीरी पंडितों के लिए टाउनशिप का मामला उठाया और पीडीपी-भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने इसके लिए घाटी में 500 कनाल जमीन देने का केंद्र से वादा किया है. उन्होंने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा.

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Web Title: No plans to make separate clusters for Kashmiri Pandits: Mufti
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