छापे में नोएडा में इंजीनियर यादव सिंह की सैंकड़ों करोड़ो संपत्ति का खुलासा

By: | Last Updated: Saturday, 29 November 2014 5:40 AM

नई दिल्ली: नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर यादव सिंह के घर औऱ ठिकानों पर छापेमारी से सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं. यादव सिंह के घर इनकम टैक्स ने छापे मारे तो अफसरों की आंखें फटी रह गई हैं. यादव सिंह का घर दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 51 में है. यादव सिंह के घर से दो किलो हीरे मिले हैं.

 

जिनकी कीमत 100 करोड़ बताई जा रही है. उनकी कार से 10 करोड़ कैश मिले हैं. रियल एस्टेट में उनके भारी-भरकम निवेश की जा रही है. अनुमान है कि यादव सिंह के पास करीब एक हजार करोड़ की संपत्ति होगी. यादव सिंह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर थे. सारे पदों से उन्हें हटा दिया गया है. आरोप है कि 40 कंपनियां बनाकर यादव सिंह, उनकी पत्नी और साथियों ने हेराफेरी की. यादव सिंह पर आरोप है कि नोएडा अथॉरिटी में तैनाती का फायदा उठाते हुए अपनी पत्नी के नाम रजिस्टर्ड फर्म को सरकारी दर पर बड़े-बड़े व्यावसायिक प्लॉट अलॉट करा देते थे. इसके बाद इन्हीं प्लॉट को वह बिल्डरों को काफी ऊंचे दामों में बेच देते थे.

 

प्राधिकरण समेत तीन अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर यादव सिंह के घर इनकम टैक्स के छापे में उनकी गाड़ी से 10 करोड़ कैश मिला है. इसके अलावा 100 करोड़ रुपए कीमत की डायमंड ज्वेलरी जब्त किए गए हैं. इनका वजन करीब दो किलो है. प्रदेश के कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में यादव सिंह की हिस्सेदारी बताई जाती है. उनके कई मॉल भी निर्माणाधीन हैं. बताया जा रहा है कि चीफ इंजीनियर और उनके परिवार के सदस्यों के पास कुल करीब एक हजार करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति हो सकती है.  हालांकि, इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि अभी बाकी है. छापेमारी की खबर सामने आने के बाद यादव सिंह को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर पद से हटा दिया गया है.

 

इनकम टैक्स विभाग के वरिष्ठ अफसर कृष्णा सैनी के मुताबिक, ‘पूरा मामला यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता और उनके पार्टनरों-राजेंद्र मनोचा, नम्रता मनोचा और अनिल पेशावरी द्वारा 40 कंपनियां बनाकर हेराफेरी करने का है. बोगस शेयर होल्डिंग के बूते सिर्फ नाम के लिए करीब 40 कंपनियां बनाकर नोएडा विकास प्राधिकरण से प्लॉट आवंटित करवाए गए. इसके बाद प्लॉट कंपनी समेत बेच दिए. इससे हुई आय को दस्तावेजों में न दिखा कर बड़े पैमाने पर आयकर चोरी की गई. इसकी विस्तृत जानकारी शुक्रवार को दी जाएगी.’

 

बीवी के फर्म के जरिए बेचते थे प्लॉट

यादव सिंह नोएडा अथॉरिटी में तैनाती का फायदा उठाते हुए अपनी पत्नी के नाम रजिस्टर्ड फर्म को सरकारी दर पर बड़े-बड़े व्यावसायिक प्लॉट अलॉट करा देते थे. इसके बाद इन्हीं प्लॉट को वह बिल्डरों को काफी ऊंचे दामों में बेच देते थे. अधिकारियों ने यादव सिंह की पत्नी के नाम से चल रही मैकॉन इंफ्राटेक और मीनू क्रिएशंस नाम की फर्मों में छापेमारी की. इस दौरान जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए.

 

20 टीमों ने 30 ठिकानों पर छापा

यादव सिंह के घर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी शुक्रवार को भी जारी रही. आईटी विभाग की टीम को नोएडा के सेक्टर-51 में ए-10  स्थित उनके घर से 90 लाख रुपए की ऑडी कार भी मिली है. गौरतलब है कि गुरुवार को इनकम टैक्स की 20 टीमों ने यादव सिंह और उनकी पत्नी के 30 ठिकानों पर छापा मारा था. ये ठिकानें गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा में हैं. टीम ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए. इसके अलावा 13 लॉकर भी सीज किए. दस्तावेजों के आधार पर यादव द्वारा करोड़ों रुपए के टैक्स चोरी का अनुमान लगाया गया है.

 

100 मीटर ग्रीन बेल्ट पर कब्जा 

यादव सिंह के नोएडा स्थित सेक्टर 51 की कोठी पर छापा मारने पहुंची आयकर विभाग की टीम कोठी के सामने खास तौर पर तैयार किए गए ग्रीन बेल्ट को देखकर दंग रह गई. तकरीबन सौ मीटर के हिस्से में बनी ग्रीन बेल्ट में ईको फ्रेंडली शौचालय, फुट लाइट, चार्जिंग प्वॉइंट, कबूतरों का पिंजड़ा और रंग-बिरंगे झूले और बेंच देख सभी दंग रह गए. ग्रीन बेल्ट में ही यादव सिंह के घर के लिए जनरेटर और एक ट्रांसफामर रखा हुआ था. अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर होने के नाते यादव सिंह की एक जिम्मेदारी ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जे को हटाना भी था, लेकिन वे खुद ऐसी पट्टी पर कब्जा किए हुए थे.

 

नोएडा में प्राधिकरण में तेनात चीफ इंजिनयर यादव सिंह के यहा चल रही छापेमारी की कार्यवाही पूरी हो चुकी है. कल सुबह 9 बजे से आज सुबह करीब 7 बजे तक ये छापेमारी की कार्यवाही की गयी. इस दोरान सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक काफी मात्रा में केस ज्वेलरी और प्रोपर्टी से सम्बंदित दस्तावेज बरामद की गयी. जिस ओड़ी कार की चाबी कल पूरा दिन यादव सिंह दुआरा आई टी अधिकारियो नही दी गयी थी और कार की चाबी देर रात मिलने के बाद आई टी अधिकारियो ने इस कार से की भी तलासी ली गयी बताया जा रहा है की इस कार से भारी मात्रा में केस और कुछ महत्पूर्ण दस्तावेज बरामद हुए है. इस छापेमारी में आई टी के करीब 130 अधिकारियो ने नोएडा दिल्ली और गाज़ियाबाद स्तिथ यादव सिंह और उनकी पत्नी के  20 ठिकानो पर छापेमारी की थी. नोएडा पुलिस के करीब 50 पुलिस कर्मी भी इस छापेमारी में सामिल थे.

 

आप को बता दें की इस छापेमारी के बाद आज यादव सिंह को तीनो प्राधिकरण के CME पद से हटा दिया गया है. और उन्हें प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमारमण के कार्यालय से सम्बंद कर दिया गया है.इन्ही यादव सिंह पे मायावती सरकार में 954 करोड़  घोटाले का आरोप भी लगा था और उसकी जाँच अभी चल रही है लेकिन यादव सिंह को उसी CME के पद पर तैनात कर दिया गया इतना ही नहीं तीनो प्राधिकरण का CME बना दिया गया इससे आप अंदाजा लगा सकते है की यादव सिंह की कितनी पहुंच है

 

नोएडा प्राधिकरण में तेनात प्रोजेक्ट इंजिनयर  यादव सिंह के 20 ठिकानो पर कल  इनकम टेक्स की टीम ने छापेमारी की. इनकम टेक्स के करीब 130 अधिकारी नोएडा गाज़ियाबाद और दिल्ली के ठिकानो पर छापे मारी की है. इस कार्यवाही के दौरान  नोएडा के सेक्टर 51 में स्तिथ यादव सिंह के मकान  के बहार खड़ी एक ओड़ी कार को यादव सिंह के लोग लेकर फरार हो गये. फिलहाल छापे मारी करने आई टीम ने यहा खड़ी करीब आधा दर्जन गाडियों की तलासी भी ली गयी है और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यादव सिंह के घर से कई अहम दस्तावेज के साथ साथ दस करोड़ रुपया नगद बरामद हुआ

 

यादव सिंह को सीएमई पद से हटाया गया. सीईओ के कार्यालय से अटैच किया गया. यादव सिंह की नोएडा,ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरणों का पदभार मिला हुआ था.इनके करीबी और प्राधिकरण के अन्य साथियो के खिलाफ भी कार्यवाही होगी.

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