उपन्यास- नॉन रेजिडेंट बिहारी : टाइटल का कमाल

By: | Last Updated: Tuesday, 1 December 2015 5:48 PM

नई दिल्ली: उपन्यास का टाइटल बाजार को कितना प्रभावित कर सकता है, ये समझना है तो राजकमल प्रकाशन समूह से प्रकाशित ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी : कहीं पास, कहीं फेल’ के करिश्मे पर गौर फरमाइए . अनजान लेखक शशि कांत मिश्र की पहली रचना-‘नॉन रेजिडेंट बिहारी : कहीं पास, कहीं फेल’ लेकिन अमेजन पर प्री बुकिंग 2 हजार से ज्यादा !

 

विशेषज्ञों के मुताबिक इस उपन्यास का टाइटल-‘नॉन रेजिटेंड बिहारी : कहीं पास, कहीं फेल’ पाठकों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है . जो बिहार के हैं, वो इस शीर्षक से भावनात्मक रुप से जुड़ रहे हैं, जो बिहार के नहीं हैं, वो बिहारी कल्चर को जानने समझने के लिए इसे खरीद रहे हैं . हाल में आयोजित इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल में भी उपन्यास का जलवा दिखा . उपन्यास का कवर पेज भी अंदर की कहानी को काफी हद तक बयां कर देता है.

 

एक तरफ बिहार का गांव, दूसरी तरफ दिल्ली का मुखर्जीनगर, बीच में upsc कुल्फी खरीदता लड़का और उसको निहारती लड़की . यूपीएससी और प्यार मोहब्बत की इस दास्तां के बीच उपन्यास में बिहार के पारिवारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सोच को भी उकेरा गया है. स्टूडेंट लाइफ की मौज मस्ती के बीच अल्ला मियां और हनुमान जी की मुलाकात लोगों को धर्म का मर्म समझाती है . उपन्यास अमेजन पर उपलब्ध है.

 

और आखिर में दो शब्द उपन्यास के लेखक और एबीपी न्यूज के पत्रकार शशिकांत के बारे में. तमाम दूसरे बिहारी स्टूडेंट की तरह ये भी बिहार से दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुंचे थे यूपीएससी की तैयारी करने. लालबत्ती नहीं मिली तो उठा लिए लैपटॉप और लिख दिए- ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास, कहीं फेल’. आधी हकीकत, आधा फसाना ! नॉन रेजिडेंट बिहारी कहां पास हुआ है, कहां फेल ? इसका आखिरी फैसला आपके हाथों में.

 

लेखक और पत्रकार शशिकांत से आप फेसबुक और ट्विटर के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं और ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास, कहीं फेल’ से संबंधित हर जानकारी ले सकते हैं. उनका फेसबुक पेज है- नॉन रेज़िडेन्ट बिहारी: कहीं पास कहीं फेल . इस पेज को लाइक कर आप उपन्यास से संबंधित सभी जानकारियां हासिल कर सकते हैं.

 

वहीं ट्वीटर से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें- Shashi Kant Mishra ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास, कहीं फेल’.

 

अगर आप इस उपन्यास को खरीदना चाहते हैं तो Amazon की साइट पर जाकर प्री-बुकिंग कर सकते हैं. या फिर एक क्लिक के साथ आप यहां से केवल 89 रुपये में किताब घर बैठे मंगवा सकते हैं. लिंक- Pre booking for Non resident Bihari

 

आप ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास, कहीं फेल’ के यू-ट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं. लिंक है- ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास, कहीं फेल’ .

 

यहां देखें उनकी किताब से जुड़ी हुई एक दिलचस्प वीडियो-