नर्स के पिता ने कहा, भगवान पर से भरोसा उठ चला था

By: | Last Updated: Friday, 4 July 2014 3:21 PM

तिरुवनंतपुरम: इराक में सुन्नी आतंकवादियों के खौफ के साए से मुक्त होने वाली नर्सो में से एक के पिता इस खबर के बाद शुक्रवार को अत्यंत खुश हुए कि सभी नर्से सकुशल स्वदेश लौट रही हैं. इससे एक दिन पहले उनका भगवान पर से भरोसा उठ चला था.

 

बुजुर्ग पिता को जब उनकी बेटी मरीना ने तिकरित से फोन पर बताया कि उनलोगों को हथियारबंद आतंकवादियों ने जबरन एक बस में बिठा दिया है तो वह कांप गए थे.

 

अपना नाम सिर्फ जोस (70) बताने वाले कोट्टयम स्थित अपने घर से आईएएनएस के साथ फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा, “कल (गुरुवार को) दोपहर के आसपास जब उसका फोन आया तब तक मैं शांत था.”

 

अवकाश का जीवन बिता रहे जोस ने कहा, “लेकिन जब उसने कहा कि उन्हें हथियारबंद लोग कहीं ले जा रहे हैं तो पहली बार मेरा विश्वास जीसस पर से उठ गया.”

 

उन्होंने कहा, “मैं गहरी चिंता से घिर गया. मैंने महसूस किया जितना भाग्य उतार-चढ़ाव से भरा होता है, उससे कहीं ज्यादा विश्वास डगमगाता है.”

 

जोस ने कहा, “लेकिन आज जब मुझे उसका फोन मिला जिसमें उसने यह बताया कि उन्हें मुक्त किया जा रहा है तब मेरी आंखें बरस पड़ी और इस परीक्षा की घड़ी में ईश्वर पर से भरोसा उठने के लिए शर्मिदा महसूस किया.”

 

मरीना सऊदी अरब और मलेशिया में काम कर चुकी है. करीब 11 महीने पहले वह अपने नए अनुबंध पर इराक गई थी.

 

मरीना के पति कतर में काम करते हैं जबकि उसके दो बच्चे एक लड़का (कक्षा 3) और एक लड़की (कक्षा 5) हैं जिनकी देखभाल जोस और उनकी पत्नी करती हैं.

 

मरीना भी इराक के तिकरित अस्पताल में केरल की 46 नर्सो में से एक है.

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Web Title: nurse_father_very_happy_toback_their_daughter
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