जानें: भारत में कैसी होगी ओबामा की सुरक्षा?

By: | Last Updated: Thursday, 15 January 2015 4:54 PM

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस पर मेहमान बनकर आ रहे हैं अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा. सिर्फ दस दिन बाकी हैं. सुरक्षा बड़ा मसला है. कुछ इंतजाम हो चुके हैं और कुछ उलझे हैं.

 

जानें क्या हो चुका है और क्या अभी बाकी है?

 

अमेरिकी शहर सिनसिनाटी की हथियार बेचने वाली एक दुकान से एक शख्स को गिरफ्तार किया गया. 20 साल के क्रिस्टोफर कॉरनेल ने हाल ही में इस्लाम कुबूल किया था और बुधवार को दो सेमी-ऑटोमैटिक राइफल और 600 राउंड कारतूस खरीद चुका था. आरोप है कि राजधानी वाशिंगटन में ओबामा सरकार के अधिकारियों पर हमला करना चाहता था.

 

दूसरी ओर कश्मीर घाटी के शोपियां में पिछले 24 घंटों से एक घर में छिपे आतंकियों की तलाश की जा रही है. सेना के जवान एक तरफ आतंकियों को ढूंढ़ने में लगे हैं वहीं भारत पाकिस्तान सीमा पर तैनात सेना के आला अधिकारी कह रहे हैं कि 200 आतंकी 36 लांच पैड के जरिए आतंकी वारदातों को अंजाम दे सकते हैं.

 

बराक ओबामा के 25 जनवरी को भारत आने से पहले आतंकियों ने भी जमकर मंसूबे बना रखे हैं.

 

जाहिर है, 25 जनवरी को बराक ओबामा गणतंत्र दिवस पर भारत के मेहमान बनकर आ रहे हैं और उनकी सुरक्षा की चुनौतियां बढ़ गई हैं और तैयारियां भी ऐसी हैं जो अब से पहले कभी नहीं देखी गई थीं. पहले भारत की तैयारी पर नजर.

 

ओबामा की सुरक्षा

दिल्ली का पांचसितारा होटल मौर्या शेरेटन. इसके सामने से गुजरता है सरदार पटेल मार्ग और पिछले हिस्से से वो रास्ता जहां से बराक ओबामा राजपथ की परेड के लिए निकल सकते हैं.

 

दिल्ली पुलिस ने 40 दिन पहले जो ऑडिट किया था उसके मुताबिक यहां सीसीटीवी नहीं लगे थे लेकिन अब यहां 75 सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं. यही नहीं ऐसे हाई डेफिनिशन कैमरे भी लगाए जा रहे हैं जिनसे गाड़ियों की नंबर प्लेट भी पढ़ी जा सके. इन कैमरों से ली गई तस्वीरों को 36 गुना बड़ा करके देखा जा सकता है.

 

खुफिया सूत्रों के मुताबिक होटल मोर्या शेरटन की तीन मंजिलों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षा कवायद और माक एक्सरसाइज शुरू कर दी गई है. सूत्रो कें मुताबिक होटल में अगले दो दिनों के बाद नए लोगों को प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की योजना है. साथ ही संदिग्ध लगने पर होटल में ठहरे किसी भी शख्स को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.

 

राजपथ पर क्या होगा?

 

सुरक्षा के लिहाज से दूसरी बड़ी चुनौती है राजपथ जहां बराक ओबामा को 2 घंटे गुजारने हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा का इंतजाम किया गया है.

 

पहले घेरे में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां होंगी, दूसरे घेरे में पुलिस के साथ पैरामिलिट्री के जवान होंगे, तीसरे घेरे में दिल्ली पुलिस के जवान होंगे जिनकी तादाद करीब 80 हजार है.

 

गणतंत्र दिवस पर पहले से करीब 20 हजार लोग ज्यादा आने की उम्मीद की जा रही है. ऐसे में भीड़ पर नजर रखने के लिए पहली बार फेस स्कैनर यानी चेहरा पहचानने वाले उपकरण की मदद ले सकती है.

 

फेस स्कैनर लगेगा?

 

आमतौर पर विदेश में सीसीटीवी की तरह दिखने वाले अत्याधुनिक कैमरे इस काम के लिए इस्तेमाल होते हैं. इनसे ली गई तस्वीरें लगातार एक मॉनीटर पर नजर आती हैं.

 

कैमरा अपने सामने वाले हर चेहरे की तस्वीर रिकॉर्ड करता है. इससे जुड़ा सॉफ्टवेयर कंप्यूटर पर मौजूद अपराधी और आतंकियों की तस्वीरों से मिलान करता है और संदिग्ध चेहरों की सूचना देता है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई का मौका मिल जाता है.

 

राजपथ पर ये कैमरे लगेंगे या नहीं इसका फैसला होना भी अभी बाकी है. लेकिन ये तय हो चुका है कि राजधानी की निगरानी ड्रोनों के जरिए होगी.

 

राजधानी दिल्ली में कुछ खास जगहों पर ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जायेगी लेकिन इन ड्रोनों को परेड स्थल के पास नहीं आने दिया जायेगा जिससे अमेरिकी एजेसियों को किसी प्रकार की गलतफहमी ना हो. पूरे नयी दिल्ली जिले में हर चौराहे पर सुरक्षा के डबल बैरीकेड लगाए जायेंगे जिससे कोई वाहन तेजी के साथ रोड क्रास ना कर सके.

 

वीवीआईपी बॉक्स

 

ऐसा पहली बार होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति के साथ 26 जनवरी की परेड में सलामी लेगा. अमेरिकी प्रोटोकॉल के मुताबिक ओबामा खुली जगहों पर 20 मिनट ही रहते हैं. ये प्रोटोकॉल सिर्फ ओबामा के शपथग्रहण समारोह में ही टूटा था.

 

क्या ओबामा पूरे दो घंटे तक गणतंत्र दिवस समारोह में मौजूद रहेंगे या पहले ही चले जाएंगे?

 

दूसरा सस्पेंस ये है कि अगर ओबामा रुके तो क्या सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ कांच का बॉक्स बनाया जाएगा. दरअसल भारत का राष्ट्रपति भवन इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं है.

 

तीसरा सस्पेंस ये है कि अगर ये दोनों इंतजाम नहीं हुए भारत और अमेरिका क्या मेहमानों वाले बॉक्स के सामने बुलेटप्रूफ कांच की दीवार बनाने पर राजी होंगी?

 

ओबामा की सिक्योरिटी टीम भारत के साथ ऐसे अहम मुद्दों पर आखिरी फैसला करने में जुटी है. इनमें जो एक और मुद्दा शामिल है वो ये है कि बराक ओबामा अमेरिका से लाई जा रही बेहद सुरक्षित कैडिलक कार में अकेले राजपथ पहुंचेंगे या फिर भारतीय प्रोटोकॉल के मुताबिक राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की लिमोजीन में?

 

बराक ओबामा भारत आएंगे तो सिर्फ बाहरी सुरक्षा घेरा ही होगा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हवाले, बाकी इंतजाम खुद अमेरिका करेगा. विमान से लेकर ईंधन तक साथ लाएगी ओबामा की टीम.

 

अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान है ये. जिसे नाम दिया गया है एयरफोर्स वन का. बराक ओबामा के सुरक्षा घेरे का ये सबसे मजबूत किला कहा जा सकता है. ओबामा दुनिया भर के दौरे में इसी विमान का इस्तेमाल करते हैं.

 

एयरफोर्स-वन

 

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति के लिए ऐसे दो विमान तैयार किए हैं जो सुरक्षा की हर बड़ी चुनौती से निपट सकते हैं. एयरफोर्स वन को इस तरह से डिजाइन किया गया है इसमें अलग अलग कामों के लिए तीन मंजिले तैयार की गई हैं.

 

इस हिस्से की ऊपरी मंजिल पर कॉकपिट और राष्ट्रपति बराक ओबामा का दफ्तर बनाया गया है. जबकि बीच की मंजिल पर बराक ओबामा का जिम्नेजियम और एक हाईटेक ऑपरेशन थिएटर बनाया गया है.

 

बराक ओबामा के इस बोइंग 747-200B  विमान के पिछले हिस्से की बात करें तो इस हिस्से में दुनिया भर के रडारों को जाम कर देने वाला जैमर मौजूद है और यहीं पर मौजूद है अमेरिकी राष्ट्रपति के आला अफसरों का दफ्तर.

 

इसके पीछे का हिस्सा राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके परिवार के लिए है. इसमें एक डायनिंग रूम है और इससे जुड़ा किचन करीब 100 लोगों के लिए 20 बार खाना परोस सकता है.

 

इसी हिस्से में राष्ट्रपति के परिवार का बेडरूम भी है.

 

इसके बाद के तीसरे हिस्से में राष्ट्रपति का स्टाफ 85 टेलिफोन्स और 19 टेलिविजन सेट पर दुनिया की हर खबर पर नजर रखते हैं.

 

सबसे आखिरी और चौथे हिस्से में ओबामा की सुरक्षा में लगे सीक्रेट एजेंट और कमांडो के लिए इंतजाम किए गए हैं.

 

बराक ओबामा की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत माना जाने वाले एयरफोर्स वन में करीब 4000 वर्ग फुट जगह है. ये एक बार में पूरी दुनिया का चक्कर काट सकता है. इसके शीशों से लेकर पूरी बॉडी परमाणु धमाके तक सह सकती है. सबसे अहम ताकत है इसकी निचली मंजिल में मौजूद हथियारों का जखीरा और अमेरिकी जमीन पर मौजूद परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के लिए रिमोट कंट्रोल रूम. ओबामा की उड़ान पर करीब हर घंटे 6 करोड़ रुपये खर्च होते हैं.

 

का एक मालवाहक पोत उनके विमानों और गाड़ियों के लिए ईंधन लेकर पहुंचा था. अब देखना है कि ओबामा के भारत दौरे पर क्या इंतजाम करती हैं अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां.

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