ओडिशा में खराब हो चुकी दवाएं बांटी गईं : सीएजी

By: | Last Updated: Tuesday, 29 July 2014 12:56 PM

भुवनेश्वरः ओडिशा में वर्ष 2007-13 के दौरान मरीजों को खराब (इस्तेमाल की तारीख बीती हुई) दवाएं वितरित की गईं. यह खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट में किया गया है. इससे पता चलता है कि राज्य सरकार ने किस कदर अपने नागरिकों की जिंदगी को खतरे में डाला. राज्य स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक पी. सीताराम ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया, “खराब हो चुकीं दवाओं से एलर्जी और कई बार विषाक्त प्रभाव तक हो सकते हैं.”

 

सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2013 तक राज्य के सामान्य और सामाजिक क्षेत्रों में 74,000 रुपये की खराब हो चुकी दवाएं मरीजों को वितरित की गईं.

 

सीएजी की रिपोर्ट सोमवार को विधानसभा में पेश की गई, जिसकी एक प्रति आईएएनएस के पास भी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब हो चुकी दवाएं कटक, जाजपुर, मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिलों में 2007-13 के दौरान वितरित की गई.

 

रिपोर्ट में कहा गया कि सवाल उठाए जाने पर चिकित्सा अधिकारियों का कहना था कि खराब हो चुकी दवाएं अधिक आपूर्ति के कारण वितरित की गईं, जिनमें बैच संख्या और इस्तेमाल की समय सीमा का रिकॉर्ड नहीं था.

 

राज्य सरकार ने दिसंबर 2013 में कहा था कि ऑनलाइन ड्रग इंवेंटरी मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के स्तर पर फर्स्ट एक्सपायरी फर्स्ट आउट (एफईएफओ) विधि एवं अलर्ट सिस्टम के माध्यम से कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि दवाओं के इस्तेमाल से तीन महीने पहले उनके इस्तेमाल की समय सीमा पर नजर रखी जा सके.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: odisha_cag_medicine
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017