एक रुपये के नोट में कीमत से ज्यादा छपाई का खर्च

By: | Last Updated: Thursday, 2 July 2015 2:45 PM
One Rupee Note_

नई दिल्ली: एक रुपये के नोट को छापने की लागत 1.14 रूपये बैठती है. सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में यह तथ्य सामने आया है. करीब 20 साल बाद एक रुपये का नोट फिर पेश किया गया है.

 

केंद्र सरकार के तहत सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कारपोरेशन आफ इंडिया (एसपीएमसीआईएल) ने आरटीआई के जरिये पूछे गए सवाल पर कहा कि लागत आडिट से बताई जा सकती है.

 

वित्त वर्ष 2014-15 के लिए आडिट अभी चल रहा है. आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल को दिए जवाब में एसपीएमपीसीआईएल ने कहा कि रूपये की छपाई की अस्थायी लागत 1.14 रूपये है.

 

अग्रवाल ने बताया कि छपाई की उंची लागत की वजह से एक रुपये के नोट की छपाई 1994 में बंद कर दी गई थी. इसी तरह दो रुपये और पांच रुपये के नोट की भी छपाई बंद की गई. अब एक, दो और पांच रुपये के सिक्के प्रचलन में हैं.

 

अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 16 दिसंबर, 2014 की गजट अधिसूचना के जरिये अंतत: 6 मार्च, 2015 को एक रुपये का नोट नए सिरे से जारी किया. अन्य करेंसी नोटों पर रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं, जबकि एक रुपये के नोट पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर हैं. अग्रवाल ने इस कदम की जांच की मांग की है.

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