MUST READ: सुषमा-ललित मोदी का कनेक्शन कहां तक?

By: | Last Updated: Tuesday, 16 June 2015 2:00 AM

नई दिल्ली: ललित मोदी मदद विवाद में फंसने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ विरोधियों ने मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस ने आज सुषमा के घर के बाहर प्रदर्शन किया. कांग्रेस आरोप लगा रही है कि ललित मोदी और सुषमा की फोन पर बात होती थी. इस पूरे मामले में  पीएम की सहमति का भी कांग्रेस आरोप लगा रही है. कांग्रेस  का कहना है कि ललित मोदी के संबंध अमित शाह से भी हैं. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी सरकार और पार्टी पर सुषमा को बचाने का आरोप लगाया. इस बीच बीजेपी नेता कीर्ति आजाद ने कहा है कि किसी आस्तीन के सांप ने ये साचिश रची है.

 

ललित मोदी मदद विवाद में फंसने के बाद विरोधियों ने सुषमा के खिलाफ मोर्चा खोल रहा है. पार्टी और सरकार भले ही सुषमा के बचाव में खडी है. लेकिन मदद की बात कबूल कर सुषमा बुरी तरह घिर गई हैं. इसी वजह से अब ये सवाल उठ रहे हैं कि सुषमा की विदेश मंत्री की कुर्सी बचेगी या फिर जाएगी ?

 

ABP News Special: विवादों का बादशाह ललित मोदी 

कैसे घिरीं सुषमा स्वराज ?

IPL घोटाले के आरोपी ललित मोदी ने जांच में भारत सरकार का सहयोग नहीं किया लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उसी ललित मोदी की मदद की. सुषमा ने ट्विटर पर बताया कि जुलाई 2014 में ललित मोदी ने मुझसे बात की थी कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं 4 अगस्त को पुर्तगाल में उनकी सर्जरी होनी है. ललित ने बताया कि उन्हें अस्पताल में कन्सेंट पेपर पर दस्तखत करने के लिए मौजूद रहना होगा.

 

जबकि पुर्तगाल का कानून कहता है कि ऑपरेशन के लिए ललित मोदी की सहमति की जरूरत नहीं थी. सहमति की जरूरत 14 साल से कम उम्र के लोगों के लिए होती है. अब सवाल ये है कि क्या सुषमा सच छिपा रही हैं या वाकई में हकीकत से वो वाकिफ नहीं थी. पार्टी के सांसद कीर्ति आजाद ने सुषमा के बचाव में ट्विटर पर लिखा है कि बीजेपी के आस्तीन के सांप और पत्रकार अर्नब गोस्वामी बीजेपी नेताओं के खिलाफ साजिश रच रहे हैं. सोचिए कौन है आस्तीन का सांप?

 

सुषमा पर ललित मोदी को ब्रिटेन से बाहर यात्रा करने के लिए वीजा दस्तावेज बनवाने में मदद का आरोप लगा है. लंदन के संडे टाइम्स अखबार ने ये खबर भी छापी कि जब सुषमा स्वराज लोकसभा में विपक्ष की नेता थीं तो उन्होंने अपने एक रिश्तेदार ज्योतिर्मय कौशल का ब्रिटेन में एडमिशन करवाने के लिए ब्रिटिश सांसद कीथ वाज की मदद ली थी. अखबार के मुताबिक लेबर पार्टी के सांसद कीथ वाज ने ही वीजा-इमीग्रेनशन विभाग की मुखिया सारा रैप्सन को चिट्ठी लिखकर ललित मोदी के मसले को जल्द से जल्द निपटाने को कहा था और अपनी चिट्ठियों में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का नाम लेकर दबाव भी बनाया था.

 

सुषमा की सफाई

एडमिशन के विवाद पर भी सुषमा ने सफाई दी है कि ससेक्स के लॉ कोर्स में ज्योतिर्मय कौशल का एडिशन सामान्य प्रक्रिया के तहत हुआ है. मेरे मंत्री बनने के साल भर पहले 2013 में उसका एडमिशन हुआ.

 

सुषमा ने ट्विटर के जरिये मदद की पूरी कहानी बताई है. जुलाई 2014 में ललित मोदी ने मुझसे बात की थी कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं 4 अगस्त को पुर्तगाल में उनकी सर्जरी होनी है. ललित ने बताया कि उन्हें अस्पताल में कन्सेंट पेपर पर दस्तखत करने के लिए मौजूद रहना होगा. ललित ने मुझे ये भी बताया कि उन्होंने लंदन में ट्रैवल डॉक्यूमेंट के लिए अप्लाई किया है और ब्रिटिश सरकार दस्तावेज देने के लिए तैयार भी है लेकिन यूपीए सरकार के एक सर्कुलर के कारण वो ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि इससे भारत और ब्रिटेन के संबंधों पर असर पड़ेगा.

 

मैंने मानवीय आधार पर ब्रिटिश हाईकमिश्नर से कहा कि ब्रिटिश सरकार अपने नियमों के मुताबिक ललित मोदी की अपील की जांच करें. अगर ब्रिटिश सरकार ललित मोदी को दस्तावेज जारी करती है तो इसका असर दोनों देशों के संबंध पर नहीं पड़ना चाहिए. ब्रिटिश सांसद कीथ वाज से भी मैंने यही कहा. कुछ दिन बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने यूपीए सरकार के ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द करने के आदेश को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया और उन्हें पासपोर्ट वापस मिल गया.

 

विवाद में सुषमा के फंसने को लेकर पार्टी के सांसद ही जब पार्टी के नेताओं पर अंगुली उठा रहे हैं. तो भला विरोधी क्यों चुप रहे? आम आदमी पार्टी कह रही है कि बीजेपी में गैंगवार की हालत है.

 

सुषमा-ललित मोदी का कनेक्शन कहां तक?

इस विवाद में सुषमा यहीं तक नहीं फंसी हैं. सुषमा की बेटी बांसुरी उस टीम का हिस्सा थी जिसने हाईकोर्ट में ललित मोदी के पासपोर्ट का केस लड़ा और जीता था. कहा जाता है कि सुषमा स्वराज के पति के भतीजे ज्योतिर्मय कौशल का दाखिला भी ब्रिटेन के लॉ कॉलेज में ललित मोदी ने ही करवाया था. तब सुषमा नेता विपक्ष थीं .

 

तब इन बातों की उतनी चर्चा नहीं थी . लेकिन अब सीधे तौर पर हेराफेरी के आरोपी ललित मोदी को मदद करने के आरोप में फंसने के बाद सुषमा विरोधियों के निशाने पर हैं और उनके इस्तीफे की मांग हो रही है .

 

ललित मोदी की मदद के आरोपों पर सुषमा चुप रह सकती थीं लेकिन टिवटर पर सुषमा ने सारी कहानी लिख दी. फिर पूछा कि उनकी मदद से आखिर ललित मोदी को फायदा क्या हुआ?

 

सुषमा ललित मोदी से संपर्क की बात मान चुकी हैं और सवाल उठ रहे हैं कि विदेश मंत्री रहते एक आरोपी को देश वापस लाने की कोशिश करनी चाहिए या उनकी मदद.

 

मानवता के आधार पर किए मदद के खुलासे पर कांग्रेस सवाल पूछ रही है कि जब पार्टी से लेकर सरकार तक सुषमा के साथ खड़ी है. सूत्र बताते हैं कि मदद की खबर आने के बाद सुषमा ने सुबह ही राजनाथ से बात कर सारा मामला साफ कर दिया था जिसके बाद राजनाथ ने संघ के बड़े नेताओं से 15 मिनट तक बात की और फिर पीएम को भी पूरी बात बताई. इन सब मुलाकातों के बाद तय हुआ कि सरकार और पार्टी सुषमा के साथ है.

 

कांग्रेस इस्तीफ मांग रही है तो समजावदी पार्टी कह रही है कि सुषमा ने गलत क्या किया?

 

सरकार और पार्टी भले सुषमा के बचाव में हैं लेकिन सवाल यही है कि मानवता बड़ी है या कानून ?

 

तारीख- 27 अगस्त 2014 को ललित मोदी बनाम भारत सरकार में हाईकोर्ट का फैसला आया. दिल्ली हाई कोर्ट ने ललित मोदी के पासपोर्ट को रद्द करने के केंद्र सरकार के आदेश को असंवैधानिक करार दिया था.

 

बड़ी बात ये है कि हाईकोर्ट में ललित मोदी के केस को लड़ने वाली लीगल टीम के सदस्यों में सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज भी थीं. ललित मोदी ने इस बड़ी राहत के बाद ट्विटर पर लिखा था कि सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज भी सुर्खियों में हैं क्योंकि खुलासा हुआ है कि सुषमा की बेटी बांसुरी ने IPL घोटाले के आरोपी ललित मोदी का केस लड़ा था.

 

वही ललित मोदी जिसने जांच में भारत सरकार का सहयोग नहीं किया लेकिन विदेश मंत्री रहते सुषमा स्वराज ने उनकी मदद की.

 

बांसुरी स्वराज केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और वरिष्ठ वकील स्वराज कौशल की इकलौती संतान हैं. पूर्वोत्तर भारत से जुड़े मामलों के जानकार माने जाने वाले स्वराज कौशल मिज़ोरम के राज्यपाल भी रह चुके हैं. बांसुरी ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं. उन्होंने प्रतिष्ठित इनर टेंपल से बैरिस्टर एट लॉ की उपाधि ली है.

 

दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाली बांसुरी स्वराज ने जाने माने वकील उदय यू ललित की जूनियर के तौर पर अपना करियर शुरू किया. ललित पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के जज बन चुके हैं. बांसुरी अब स्वतंत्र वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रही हैं. उनका दफ्तर दिल्ली की डिफेन्स कॉलोनी में है.

 

ललित मोदी ने ट्विटर पर लिखा था…आज का मेरा आखिरी ट्वीट दुनिया की सबसे महान लीगल टीम को समर्पित, उसके बिना मैं आज यहां नहीं होता. महमूद अब्दी, बांसुरी स्वराज, रोजर घेरसन, डॉरटसेल मार्था, बियांका हेलमिरिक, वेंकटेश ढोंड, अभिषेक सिंह, अंकुर चावला शुक्रिया.

 

ललित मोदी की मदद के विवाद पर सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर जो सफाई दी है उसका ये हिस्सा पढिए. जुलाई 2014 में ललित मोदी ने मुझसे बात की थी कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं 4 अगस्त को पुर्तगाल में उनकी सर्जरी होनी है.

 

कुछ दिन बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने यूपीए सरकार के ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द करने के आदेश को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया और उन्हें पासपोर्ट वापस मिल गया.

 

जनवरी 2013 में ललित मोदी की अर्जी रद्द हुई थी और अगस्त 2014 में ललित मोदी हाईकोर्ट से केस जीतने पर पासपोर्ट मिलने का रास्ता साफ हुआ था और इस बीच जुलाई 2014 में सुषमा की ललित मोदी से बात हुई. यानी पद पर रहते हुए सुषमा ने ललित मोदी की मदद की और उस वक्त उनकी बेटी ललित मोदी की लीगल टीम की सदस्य थी.

 

ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या ये हितों का टकराव नहीं था? क्या सुषमा को ये नहीं बताना चाहिए था कि उनकी बेटी ललित मोदी का केस लड़ रही हैं? और सबसे बड़ा सवाल विदेश मंत्री रहते आरोपी की मदद करनी चाहिए या उसे वापस भारत लाकर कार्रवाई की कोशिश.

 

क्या है ललित मोदी पर आरोप?

 

ललित मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. इसीलिए उनकी मदद करने पर सुषमा पर निशाना साधा जा रहा है उन पर क्या आरोप हैं.

 

देश में आईपीएल की शुरुआत करने वाले ललित मोदी साल 2005 से 2010 तक बीसीसीआई के उपाध्यक्ष रहे और 2008 से 2010 तक आईपीएल के चेयरमैन और कमिश्नर रहे. लेकिन 2010 में ललित मोदी पर आईपीएल संचालन में पैसों की गड़बड़ी का आरोप लगा. आरोप कि उन्होंने दो नई टीमों कोच्चि और पुणे की नीलामी के दौरान ग़लत तरीक़े अपनाए.

 

ललित मोदी पर ईडी ने दो केस दर्ज कर रखे हैं. पहला … मॉरीशस की कंपनी वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप को आईपीएल का सवा चार सौ करोड़ का ठेका दिया था. बाद में यही ठेका वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप से एमएसएम कंपनी को ट्रांसफर किया गया. आरोप है कि इसी में ललित मोदी ने 125 करोड़ रुपये कमीशन लिए. और दूसरा आरोप. 2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुए आईपीएल के पेमेंट में गड़बड़ी का है.

 

2010 में आईपीएल के बाद ललित मोदी को आईपीएल कमिश्नर के पद से निलंबित कर दिया गया और बीसीसीआई से भी निलंबित कर दिया गया. 2010 से ही ललित मोदी लंदन में रह रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने मोदी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है. 

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: opposition target on Sushma Swaraj over Lalit Modi’s travel
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017