उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का अध्यादेश?

By: | Last Updated: Tuesday, 30 December 2014 1:43 AM
ordinance to amend land acquisition bill

फ़ाइल फ़ोटो: पीएम मोदी दायीं ओर और वित्त मंत्री अरुण जेटली दायीं ओर

नई दिल्ली: सोमवार को पीएम मोदी की अगुवाई में कैबिनेट ने दो बड़े फैसले लिए. इनमें भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश और दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के फैसले शामिल हैं. साल 2013 में बने भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के अध्यादेश पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी.

 

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये कानून का रूप ले लेगा. सरकार के मुताबिक…अध्यादेश से भूमि अधिग्रहण की मौजूदा प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, लेकिन मुआवजा और पुनर्वास की शर्तों में ढील नहीं दी गई है. अब सस्ते घर, गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास, औद्योगिक कॉरिडोर, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनशिप और रक्षा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करना आसान होगा.

 

इन पांचों मामलों में अनिवार्य रूप से लागू सहमति की शर्तें सरकार ने हटा दी है. अध्यादेश लाने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली की दलील है कि भूमि अधिग्रहण कानून के दायरे में आने वाले 13 क्षेत्रों की अधिसूचना 31 दिसंबर को खत्म हो रही थी और इसीलिए अध्यादेश लाना पड़ा. पिछले साल सितंबर में यूपीए सरकार ने 119 साल पुराने कानून को हटाकर नया भूमि अधिग्रहण कानून बनाया था.

 

कांग्रेस और जेडीयू ने सरकार को चेतावनी दी कि अध्यादेश वापस ले लिया जाए वरना संसद में विरोध के साथ देश भर में आंदोलन किए जाएंगे. विपक्ष का आरोप है कि औद्योगिक घरानों और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए अध्यादेश लाया गया है, किसानों के हितों की भी अनदेखी हुई है.

 

सूत्रों का दावा है कि भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन से ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह नाखुश है. किसानों के हितों की अनदेखी को लेकर कैबिनेट की बैठक में उन्होंने चुप रहकर नाराजगी जताई.

 

संशोधित भूमि अधिग्रहण अधिनियम पर नाराज हुए बीरेन्द्र सिंह: सूत्र 

 

संशोधित भूमि अधिग्रहण अधिनियम किसानों के लिए बेहतर: मोदी

 

भूमि अधिग्रहण अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन करने के सरकार के फैसले को लेकर उपजे विवाद के बीच पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि किसानों के लिए मुआवजा, राहत और पुनर्वास के उपायों में कोई समझौता किए बिना प्रक्रिया का तेजी से निपटान सुनिश्चित करने के लिए कानून में बदलाव जरूरी था. पिछली यूपीए सरकार के दौरान लागू किए गए कानून में संशोधन के मकसद से अध्यादेश का रास्ता अपनाने के लिए मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के कुछ घंटे बाद पीएम ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन दो लक्ष्यों को पूरा करते हैं जिनमें किसानों का कल्याण और देश की रणनीतिक और विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाना शामिल है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘प्रभावित परिवारों के हितों के संरक्षण के मकसद से प्रावधानों को और मजबूत बनाने के लिए अधिनियम में कुछ संशोधन किए गए हैं.’’ मोदी ने कहा कि मानव संसाधन विकास, नवप्रवर्तन और अनुसंधान को सरकार के डीएनए का हिस्सा बनना चाहिये. पीएम ने भारत को विनिर्माण गतिविधियों का बड़ा केन्द्र बनाने के लिये अपने विजन का खुलासा करते हुये कहा, ‘‘मेक इन इंडिया अभियान की पहचान एक शून्य खराबी और पर्यावरण को शून्य नुकसान के तौर पर होगी.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह देखना होगा कि वैश्विक स्तर पर ब्रांड इंडिया को किस तरह विकसित करना है…जब तक कि वैश्विक बाजार में हम अपने लिये एक पहचान कायम करने में सफल नहीं होते हैं.’’ देश में संतुलित विकास पर जोर देते हुये मोदी ने कहा कि मानव संसाधन, सामान, मशीन और खनिज का देशभर में अधिक से अधिक आवागमन होना चाहिये. मोदी ने कहा, ‘‘दिनभर चले प्रयास में जवाबदेही तय कर दी गई, कार्ययोजना तैयार कर ली गई, नीतियों में जरुरी बदलावों को तय कर लिया गया…और अब मैं समझता हूं कि किसी कागजी कार्य की आवश्यकता नहीं है. चीजों का क्रियान्वयन अपने आप ही होने लगेगा.’’

 

मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया में उससे संबंद्ध सभी पक्षों को शामिल कर सरकार सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में एक नया आयाम जोड़ रही है. उन्होंने कहा, सरकार अब तक गोपनीय ढंग से काम करती रही है, लेकिन लक्ष्यों को हासिल करने के लिये यह कार्यशाला आपस में खुलेपन और साथ मिलकर काम करने का एक बेहतर उदाहरण है. मोदी ने विनिर्माण के सभी क्षेत्रों को अंतरिक्ष और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा हासिल की गई सफलताओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.

 

उन्होंने कहा, ‘‘समूचे भारत में आर्थिक वृद्धि संतुलित होनी चाहिये और इसके लिये विशेष प्रयास करने होंगे कि पूर्वी क्षेत्र जो कि प्राकृतिक संसाधनों के मामले में काफी धनी है उतना ही विकसित होना चाहिये जितना कि देश का पश्चिमी हिस्सा.’’ कार्यशाला में पीएम को भारत में ‘व्यासाय करने में सरलता’ के बारे में प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया गया. इसके अलावा रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल, तेल और गैस, उर्जा और रसायन सहित दो दर्जन से अधिक क्षेत्रों में किये जा रहे नवीन प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी गई.

 

पीएम ने इस दौरान देश में अगले 30 से 40 सालों की आवश्यकता को देखते हुये मानव संसाधन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. इसके लिये उन्होंने विश्वविद्यालयों, संस्थानों और उद्योगों को मिलकर काम करने और भारत को कुशल लोगों का देश बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में जब तक हम नई खोज और अनुसंधान के साथ आगे नहीं जायेंगे…जैसा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में 25 साल पहले अपना कौशल दिखाया लेकिन हम इस क्षेत्र में ‘गूगल’ नहीं बना सके, हमारी प्रतिभायें विदेश चली गई.’’

 

कानून में कई खामियां रह गई हैं: जेटली

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी. अध्यादेश में कानून में निर्धारित अनिवार्यताओं में से पांच और क्षेत्रों को बाहर रखा गया. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “किसानों के हित और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन कायम करने की जरूरत है.”

 

जेटली ने कहा कि पांच क्षेत्रों में शामिल हैं- रक्षा उद्देश्य, ग्रामीण अवसंरचना, सस्ते मकान और गरीबों के लिए आवासीय परियोजना, औद्योगिक गलियारे और अवसंरचना या सामाजिक अवसंरचना (इनमें ऐसी सार्वजनिक-निजी परियोजनाएं भी शामिल होंगी, जिसमें भूमि की मिल्कियत सरकार के पास रहेगी) के लिए भूमि को मंजूरी.

 

जेटली ने कहा कि कानून के मुताबिक मुआवजा राशि ऊंची होगी और पुनर्वास और स्थानांतरण कार्य को अंजाम दिया जाएगा, लेकिन इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान होगी. इसमें सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन, खाद्य सुरक्षा मुल्यांकन और 80 फीसदी भूस्वामियों की सहमति तथा कानून में उल्लिखित अन्य कई प्रावधानों को नहीं अपनाया जाएगा.

 

उन्होंने कहा, “हमने इस कानून में एक संतुलन स्थापित कर लिया है…इन पांच विकास गतिविधियों में प्रक्रिया में ढील दी गई है और ज्यादा मुआवजा राशि, पुनर्वास और स्थानांतरण को पूर्ववत कायम रखा गया है.” उन्होंने कहा, “ये पांच लक्ष्य विकास और ग्रामीण विकास से संबंधित हैं.”

 

यह पूछे जाने पर कि जिन मामलों में छूट दी गई है, उसके दायरे में एक विशाल क्षेत्र आ जाता है, जेटली ने कहा, “ऐसा नहीं करने पर हम अवसंरचना कैसे बनाएंगे. हमें इसके लिए भूमि की जरूरत होगी.” भूमि अधिग्रहण कानून में राजमार्ग, सिंचाई के नहरों, रेलमार्गो, बंदरगाहों जैसी सभी रैखिकीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को अनिवार्यताओं से बाहर रखा गया है.

 

कानून के प्रावधान 13 मौजूदा कानूनों के तहत भूमि अधिग्रहण पर भी लागू नहीं होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से विशेष आर्थिक जोन अधिनियम-2005, परमाणु ऊर्जा अधिनियम-1962 और रेलवे अधिनियम-1989 जैसे कानून शामिल हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: ordinance to amend land acquisition bill
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Related Stories

बाढ़ से रेलवे की चाल को लगा 'ग्रहण', सात दिनों में करीब 150 करोड़ का नुकसान
बाढ़ से रेलवे की चाल को लगा 'ग्रहण', सात दिनों में करीब 150 करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली: असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में आई बाढ़ की वजह से भारतीय रेल को पिछले सात...

चीन के साथ डोकलाम विवाद पर विदेश मंत्रालय ने कहा- समाधान के लिए करते रहेंगे बातचीत
चीन के साथ डोकलाम विवाद पर विदेश मंत्रालय ने कहा- समाधान के लिए करते रहेंगे...

नई दिल्ली: बॉर्डर पर चीन से तनातनी और नेपाल में आई बाढ़ को लेकर शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने...

15 अगस्त को राष्ट्रगान नहीं गाने वाले मदरसों के खिलाफ होगी कार्रवाई, यूपी सरकार ने मंगवाए वीडियो
15 अगस्त को राष्ट्रगान नहीं गाने वाले मदरसों के खिलाफ होगी कार्रवाई, यूपी...

लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योगी सरकार ने राज्य के सभी मदरसों में राष्ट्रगान गाए जाने का...

ब्रिक्स सम्मेलन: तनातनी के बीच सितंबर के पहले हफ्ते में चीन जाएंगे पीएम मोदी
ब्रिक्स सम्मेलन: तनातनी के बीच सितंबर के पहले हफ्ते में चीन जाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली: डोकलाम विवाद को लेकर चीन युद्ध का माहौल बना रहा है. इस तनाव के माहौल में पीएम नरेंद्र...

गोरखपुर ट्रेजडी: इलाहाबाद HC ने योगी सरकार से पूछा सवाल, बच्चों की मौत कैसे हुई ?
गोरखपुर ट्रेजडी: इलाहाबाद HC ने योगी सरकार से पूछा सवाल, बच्चों की मौत कैसे...

इलाहाबाद: गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के मामले की न्यायिक जांच की मांग को...

योगी के बयान पर बोले अखिलेश- थानों में पहले भी मनती थी जन्माष्टमी, हमने रोक नहीं लगाई
योगी के बयान पर बोले अखिलेश- थानों में पहले भी मनती थी जन्माष्टमी, हमने रोक...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री...

ABP न्यूज़ का खुलासा: सृजन NGO में बाहर से सामान मंगाकर सिर्फ पैकिंग होती थी
ABP न्यूज़ का खुलासा: सृजन NGO में बाहर से सामान मंगाकर सिर्फ पैकिंग होती थी

भागलपुर:  बिहार में जिस सृजन घोटाले को लेकर राजनीति गरम है उसको लेकर बड़ा खुलासा किया है. एबीपी...

CCTV में कैद दिल्ली का 'दुशासन': 5 स्टार के सिक्योरिटी मैनेजर ने की महिला से छेड़खानी
CCTV में कैद दिल्ली का 'दुशासन': 5 स्टार के सिक्योरिटी मैनेजर ने की महिला से...

नई दिलली: राजधानी दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में महिला से छेड़खानी का एक सनसनीखेज मामला सामने...

आज हर कीमत पर चुनाव जीतना चाहती हैं राजनीतिक पार्टियां: चुनाव आयुक्त
आज हर कीमत पर चुनाव जीतना चाहती हैं राजनीतिक पार्टियां: चुनाव आयुक्त

गुरुवार को एडीआर के एक कार्यक्रम में चुनाव आयुक्त ने कहा, जब चुनाव निष्पक्ष और साफ सुथरे तरीके...

भारत को मिला जापान का साथ, डोकलाम में सेना की तैनाती को सही ठहराया
भारत को मिला जापान का साथ, डोकलाम में सेना की तैनाती को सही ठहराया

नई दिल्ली: डोकलाम को लेकर चीन से तनातनी के बीच भारत को जापान का समर्थन मिला है. जापान ने डोकलाम...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017