मैट्रिक परीक्षा: नकल करते-कराते 900 परीक्षार्थी और अभिभावक गिरफ्तार

By: | Last Updated: Sunday, 22 March 2015 2:37 AM
Over 900 held in anti-cheating operation in matriculation exam

पटना: पटना उच्च न्यायालय के निर्देश और देश व्यापी आलोचना के बाद कदाचार मुक्त मैट्रिक परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित कराने के लिए हरकत में आयी बिहार सरकार ने परीक्षा में नकल करते और कराने के प्रयास में लगे करीब 900 परीक्षार्थियों और अभिभावकों को शनिवार गिरफ्तार किया.

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में कदाचार को स्वीकारते हुए शनिवार को कहा कि इसके कारण जगहंसाई हुई है.

 

पटना स्थित अधिवेशन भवन में आज द्वितीय बिहार उद्यमिता सम्मेलन का उद्घाटन करने के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि परीक्षा में कदाचार के कारण जगहंसाई हुई है.

 

पटना स्थित अधिवेशन भवन में आज द्वितीय बिहार उद्यमिता सम्मेलन का उद्घाटन करने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नीतीश ने कहा कि उन्होंने जैसे ही कदाचार से संबंधित एक चित्र देखा, तुरंत शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कदाचार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई का निदेश दिया. सभी जिलों के जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कांन्फ्रेसिंग कर कदाचर मुक्त परीक्षा संचालन के लिए कड़ी हिदायत दी.

 

उन्होंने कहा कि कदाचार से सर्टिफिकेट तो मिल जायेगा, मगर ज्ञान नहीं प्राप्त होगा. कदाचार से कोई लाभ नहीं होगा.

 

गत 17 मार्च से प्रदेश में जारी मैट्रिक परीक्षा में जिले में स्कूल भवन के चौथे तल्ले तक दीवारों पर चढकर परीक्षार्थियों के अभिभावक, रिश्तेदार और सहयोगियों को अपने-अपने उम्मीदवारों को खिड़कियों के माध्यम नकल कराते समाचार पत्रों में फोटो प्रकाशित होने के साथ समाचार चैनलों में उसे दिखाया गया था. इसके बाद कल वैशाली जिला के महनार में दो परीक्षा केंद्रों में आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. सहरसा और नवादा जिला के एक-एक परीक्षा केंद्रों पर भी कदाचार की शिकायत मिलने पर वहां भी आयोजित परीक्षा को रद्द किए जाने का कल निर्णय लिया गया.

 

कदाचार मुक्त मैट्रिक परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित कराने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देशों के बाद प्रदेश के जिलों में नकल करते 213 परीक्षार्थियों, नकल कराने के प्रयास में लगे 721 अभिभावकों, रिश्तेदारांे और सहयोगियों को गिरफ्तार किया. अपर पुलिस महानिदेशक :मुख्यालय: गुप्तेश्वर पांडेय ने भाषा को बताया कि नकल में मदद करने वाले छह पुलिसकर्मियांे, जिनमें चार वैशाली में तथा दो जमूई जिलों के हैं, को आज गिरफ्तार किया गया.

 

उन्होंने बताया कि नकल कर रहे 551 परीक्षार्थियों को परीक्षा से निष्कासित किया गया तथा 13 लाख रूपये जुर्माना राशि के तौर पर वसूले गए.

 

वैशाली जिला जहां मैट्रिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार की शिकायत मिली थी में नकल करते आज 81 परीक्षार्थी परीक्षा से निष्कासित किए गए तथा वहां परीक्षार्थियों को नकल कराने के प्रयास में लगे 161 उनके अभिभावक, रिश्तेदार और सहयोगियांे को गिरफ्तार किया गया.

 

पांडेय ने बताया कि वैशाली जिला में आज परीक्षा के दौरान परीक्षा डूयटी पर तैनात एक पुरुष को पकड़ा गया जबकि एक महिलाकर्मी फरार हो गयी.

 

उन्होंने बताया कि वैशाली जिला में चार होमगार्ड जवानों को पकड़ा गया तथा वहां 3.20 लाख रूपये जुर्माना के तौर पर वसूले गए. कल सहरसा जिला में नकल कराने में मदद कर रहे तथा कर्तव्यहीनता के आरोप में आठ होमगार्ड जवानों के बांड निरस्त किए जाने का सरकार ने निर्देश दिया था.

 

इसबीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार में मैट्रिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर हो रहे कदाचार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आज कहा कि इसको लेकर उनका मंत्रालय राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब कर कदाचार मुक्त परीक्षा के आयोजन के लिए प्रदेश सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.

 

पटना में आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुशवाहा ने बिहार के शिक्षा मंत्री पी के शाही के बयान पर उनपर प्रहार करते हुए कहा कि पटना उच्च न्यायालय ने सही कहा है कि अगर मंत्री कदाचारमुक्त परीक्षा का आयोजन नहीं करा सकते तो उन्हें शिक्षा मंत्री के पद को छोड देना चाहिए. उन्होंने कहा कि शाही अगर अपने को इस लायक नहीं समझते वे अन्य के लिए मार्ग प्रशस्त करें.

 

वैशाली जिला, जहां मैट्रिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार की शिकायत मिली थी, में नकल कराने के प्रयास में लगे 150 अभिभावक और रिश्तेदारों को विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर आज गिरफ्तार किया गया. गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि कदाचार मुक्त परीक्षा के आयोजन के लिए वैशाली और नवादा जिलों में बिहार सैन्य बल के जवानों को भी लगाया गया है.

 

बिहार में जारी मैट्रिक की परीक्षा में बड़े पैमाने पर हो रहे कदाचार के कारण देश भर में आलोचना हो रही है.

 

बिहार के शिक्षा विभाग के प्रधानसचिव आर के महाजन में पीटीआई-भाषा को बताया कि कदाचारमुक्त परीक्षा के आयोजन से संबंधित निर्देश का आज व्यापक असर दिख रहा है. परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती बढा दी गयी है और जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं गश्त कर रहे हैं.

 

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों से कल शाम विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे बात की थी तथा नकल पर रोक सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया था.

 

बिहार में गत 17 मार्च से जारी मैट्रिक की परीक्षा में 14.26 लाख परीक्षार्थी 1217 केंद्रो पर परीक्षा दे रहे हैं तथा यह परीक्षा आगामी 24 मार्च को संपन्न होगी.

 

वहीं राजद सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि परीक्षा में कदाचार संबंधी मीडिया में आयी तस्वीरों और मंत्री के बयान से देश भर में बिहार की छवि खराब हुई है.

 

पटना में आज पत्रकारांे को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग की महत्ता को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे शाही को उस विभाग के मंत्री पद से हटाएं और सीधे उसे अपने नियंत्रण में लें.

 

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्कूलों में आधारभूत संरचना की कमी, गुणवत्तापूर्वक शिक्षा के अभाव और शिक्षकों को दो तरह का वेतन भुगतान के कारण उनमें उत्साह की कमी की वजह से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के चौपट होने से निराशा छात्र और अभिभावक इसतरह का मार्ग अपनाने को विवश होते हैं.

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Web Title: Over 900 held in anti-cheating operation in matriculation exam
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