कश्मीर पर चर्चा को लेकर अड़ा पाक, सरताज ने साधा मोदी पर निशाना

By: | Last Updated: Saturday, 22 August 2015 8:37 AM
Pakistan national security adviser Sartaj Aziz

नई दिल्ली: पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने कहा है कि बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत शर्त थोप रहा है. पाकिस्तान अब भी बातचीत के लिए तैयार है. ये बात उन्होंने शनिवार को इस्लामाद में एक प्रेस कांफ्रेस में कही.

भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए पाक एनएसए ने कहा कि वह अपनी शर्तों पर पाकिस्तान से रिश्ता कायम रखना चाहते हैं. अजीज ने एक बार फिर से कश्मीर में जनमत संग्रह करवाने का मुद्दा भी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उठाया.

 

इससे पहले उन्होंने साफ किया कि कश्मीर का मुद्दा उनके एजेंडे में हर बार रहेगा. इससे पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता. इसके बिना किसी वार्ता का कोई औचित्य नहीं है. सरताज ने आरोप लगाया कि इतिहास के नाम पर पाकिस्तान को दबाने की कोशिश की जा रही है.

 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बातचीत रद्द नहीं की है जबकि भारत अपने ही किए फैसले से पीछे हट रहा है. भारत इससे पहले भी दोनों देशों के बीच वार्ता को रद कर चुका है, यदि ऐसा फिर होता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा.

 

सरताज अज़ीज़ ने दिल्ली आ रहे अलगाववादी हुर्रियत नेता शब्बीर शाह की गिरफ्तारी को गलत बताया.  इससे पहले सरताज ने कहा कि पाकिस्तान अब भी बातचीत के लिए तैयार है और वो रूस के ऊफा में हुई सहमित पर अब भी कायम है. भारत ऊफा समझौते के गलत मायने निकाल रहा है.

 

पाकिस्तान के एनएसए ने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ 3 डॉजियर पेश करेगा. डॉजियर में पाक में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के दखल में बात होगी.  भारत सरकार मीडिया के जरिए कूटनीति कर रही है.

 

पाकिस्तान की तरफ से हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि पिछले काफी समय से भारत की तरफ से सीजफायर का उल्रलंघन किया जा रहा है. पिछले दो महीनों में 100 बार से ज्यादा संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ है. भारत पाकिस्तान को दबाव बना रहा है. हिंदुस्तान को बहुत जल्द अहसास हो जाएगा कि वो अपनी शर्तों पर बातचीत करके कश्मीर के मुद्दे से पीछे नहीं रह सकता.

 

इससे पहले खबरें आई थीं कि भारत और पाकिस्तान के बीच तय NSA स्तर की बातचीत रद्द हो सकती है. वहीं पाकिस्तान ने भी कहा कि ऐसी बातचीत का कोई मतलब नहीं है. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान बातचीत के लिए कुछ और समय चाहता है.

 

पाकिस्तान के अड़ियल रूख के कारण भारत बातचीत रद्द कर सकता है. हुर्रियत नेताओं से बातचीत पर पाकिस्तान अड़ा था. पाकिस्तान सरकार की सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों को वक्त चाहिए. इस बातचीत का कोई मतलब नहीं है.

 

कब होनी है बातचीत?

आपको बता दें कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से मिलने पर अड़ा हुआ है. यह बातचीत सोमवार को होनी है. पाक सरकार के सूत्रों के मुताबिक सरताज अजीज सोमवार को सुबह साढ़े 9 बजे पाकिस्तान हाईकमीशन में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मिलेंगे.

 

वहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर बातचीत से पहले शर्त लगाने को लेकर निराशा जताई. भारत पर बातचीत से भागने का आरोप मढ़ा. वहीं भारत ने पाकिस्तान को दो टूक कहा कि कश्मीरी अलगाववादियों की मेहमाननवाजी नहीं सहेंगे, भारत ने कहा पाकिस्तान ने बातचीत चाहते हैं.

 

भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि बातचीत का एजेंडा तीन दिन पहले ही पाकिस्तान को बता दिया गया, लेकिन पाकिस्तान ने इस पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं भेजा. आपको बता दें कि भारत ने बातचीत से पहले पाकिस्तान की शर्तों को खारिज कर दिया है. भारत ने शर्तों को रूस के ऊफा में की गई घोषणा का उल्लंघन माना है.

 

भारत ने क्या कहा?

पाकिस्तान की लगातार की पैंतरेबाजी से नाराज भारत ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कह दिया कि पाकिस्तान की शर्तो के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की वार्ता नहीं हो सकती.

 

भारत ने कहा कि “एक तरफा तरीके से शर्तो को थोपना और पहले से तय एजेंडे को बिगाड़ देना” एनएसए स्तर की वार्ता का आधार नहीं हो सकते. भारत ने वार्ता रद्द करने का कोई औपचारिक एलान तो नहीं किया लेकिन संकेत दे दिया कि उसके सब्र की भी एक सीमा है.

 

हुर्रियत नेताओं से मिलने पर अड़े पाक को भारत ने सीधी चेतावनी दी. पाकिस्तान के साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत खटाई में पड़ती दिख रही है. इसकी वजह पाकिस्तान का अड़ियल रवैया है.

 

पाकिस्तान एनएसए स्तर की बात होने से पहले अलगाववादी नेताओं से मुलाकात करने पर अड़ा है. बातचीत में वो कश्मीर मुद्दे को शामिल करने की बात भी लगातार कर रहा है जबकि भारत पाकिस्तान से दो टूक कह चुका है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में तीसरा पक्ष उसे बिलकुल भी मंजूर नहीं है लिहाजा बात होने से पहले पाकिस्तान हुर्रियत नेताओं से मुलाकात ना करे.

 

भारत की तरफ से ये भी साफ किया जा चुका है कि पाकिस्तान से बात सिर्फ आतंकवाद के मुद्दे पर होगी – क्योंकि ऊफा में दोनों देशों के बीच इसी बात पर सहमति बनी थी.

 

भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों में बातचीत सोमवार को तय है, लेकिन पाकिस्तान अपनी जिद पर अड़ा रहा तो भारत सख्ती दिखाते हुए उसके साथ होने वाली इस बातचीत को रद्द कर सकता है.

 

इससे पहले सुबह से अब तक की खबर

 

सूत्रों के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान के साथ होने वाली बातचीत का एजेंडा तय कर दिया है. भारत वार्ता से पीछे नहीं हटेगा भारत ने कहा है कि सिर्फ आतंकवाद पर बात होगी. सूत्रों के मुतबिक दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बातचीत रविवार को सुबह दस बजे से हैदराबाद हाउस में शुरू होगी. एबीपी न्यूज को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये भी तय हुआ है कि हुर्रियत के नेताओं को किसी भी कीमत पर दिल्ली नहीं आने दिया जाएगा.

 

रविवार से शुरू होने वाली भारत और पाकिस्तान के बीच एनएसए स्तर की बातचीत से ठीक पहले भारत सरकार ने दो टूक लफ्जों में साफ कर दिया है कि बातचीत से पहले हुर्रियत नेताओं से बात ठीक नहीं है. बात सिर्फ आतंकवाद पर होगी और भारत ने अपना एजेंडा तय कर लिया है.

 

NSA बातचीत से पहले भारत ने पाकिस्तान से कहा कि सरताज अजीज का हुर्रियत नेताओं से मिलना ठीक नहीं होगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ऊफा समझौते के खिलाफ ऐसी मुलाकात होगी.

 

10 जुलाई को रूस के ऊफा शहर में पीएम मोदी और पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ की मुलाकात हुई थी जिसमें दोनों देशों के बीच NSA स्तर की बातचीत का फैसला हुआ था.

 

भारत सरकार पाकिस्तान को ऊफा समझौते की याद दिला रही है कि आतंकवाद के अलावा कोई और मुद्दा बात का नहीं हो सकता. भारत ने बातचीत का एजेंडा पाकिस्तान को अट्ठारह अगस्त को ही दे दिया है लेकिन पाकिस्तान ने अपनी तरफ से कोई एजेंडा भारत के सामने पेश नहीं किया है. पाकिस्तानी सुरक्षा सलाहकार के सरताज अजीज हुर्रियत नेताओं से मिलने पर अड़े हैं. पाकिस्तान कह रहा है कि उसे भारत की शर्तें मंजूर नहीं हैं और अलगाववादी नेता भी अजीज से मिलने की तैयारी में जुटे हैं.

 

दिल्ली आए तो हिरासत में होंगे अलगाववादी, पाक मिलने पर अड़ा

 

हालांकि भारत सरकार साफ कर चुकी है कि अलगाववादी नेताओं को दिल्ली आने की इजाजत नहीं दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक अलगाववादी नेताओं को श्रीनगर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा और अगर वो किसी तरह दिल्ली पहुंच भी गए तो उन्हें एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया जाएगा.

 

भारत सरकार हर हाल में बातचीत को अंजाम तक पहुंचाना चाहती है जबकि कांग्रेस कह रही है कि बातचीत की तस्वीर ही साफ नहीं है. पूर्व राजनयिक जी पार्थ सारथी मानते हैं कि विदेश नीति से कन्फ्यूजन फैला हुआ है.

 

पिछले साल बासित की हुर्रियत नेताओं से मुलाकात के बाद भारत ने विदेशसचिव स्तरीय बातचीत बंद कर दी थी लेकिन अब उसने रुख बदल दिया है. इससे लगता है कि मोदी सरकार की नीति ही स्पष्ट नहीं है. तब सोचा ही नहीं था कि आगे यदि इस तरह की परिस्थिति बनी तो कैसे निपटेंगे. विदेश नीति में इस तरह के फैसले अच्छी बात नहीं है. अब यदि आपने अलगाववादियों को मिलने दिया तो लोग कहेंगे कि पहले आपने विदेश सचिव स्तरीय बातचीत क्यों बद की?

 

कुल जमा तस्वीर ये है कि भारत हर हाल में बातचीत चाहता है लेकिन पाकिस्तान के दोगले रवैये से मुश्किल में पड़ चुका है.

 

हमें हुक्म नहीं दे सकता है भारत: पाकिस्तान

NSA बातचीत से पहले पाकिस्तान का अड़ियल रवैया. पाकिस्तान ने कहा कि सरताज अजीज दिल्ली आएंगे लेकिन भारत की शर्तों पर नहीं.

 

पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने पीटीआई से कहा है कि भारत पाकिस्तान को हुक्म नहीं दे सकता. भारत का कहना है कि NSA बातचीत से पहले सरताज अजीज का अलगाववादी नेताओं से मिलना ठीक नहीं होगा. भारत ये भी चाहता है कि बातचीत सिर्फ आतंकवाद के मुद्दे पर ही हो, जैसा कि ऊफा में तय हुआ था. लेकिन पाकिस्तान दोनों ही बातें मानने को तैयार नहीं है. वो NSA बातचीत से पहले हुर्रियत नेताओं से मुलाकात करने और चर्चा में कश्मीर का मुद्दा उठाने पर अड़ा हुआ है.

 

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ये आरोप भी लगा रहा है कि भारत दोनों देशों बीच NSA स्तरीय बातचीत से भारत भागने की कोशिश कर रहा है.

 

ऊफा में किन-किन मुद्दों पर हुई थी बात?

 

रूस के ऊफा शहर में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच मुलाकात हुई.  यह मुलाकात तय समय से ज्यादा करीब 1 घंटा तक चली.

 

मुलाकात के बाद दोनों देशों के विदेश सचिवों ने साझा प्रेस वार्ता में कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों की बात अच्छे माहौल में हुई और बैठक सार्थक रही. इसमें शांति और तरक्की पर बात हुई.

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नवाज शरीफ ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की और इस बुराई से निपटने के लिए कदम उठाने का निर्णय किया.

 

इसके साथ ही सार्क के लिए पीएम मोदी को नवाज शरीफ ने न्योता भी दिया और पीएम मोदी ने भी पाकिस्तान जाने पर सहमति जताई है.

 

वे मुद्दे जिन पर सहमति बनी

 

दोनों पक्ष सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार

भारत और पाकिस्तान ने मुम्बई आतंकी हमले से संबंधित मुकदमे में तेजी लाने का निर्णय

दिल्ली में मिलेंगे भारत-पाकिस्तान के NSA

डीजी BSF और DGMI की बैठक

दोनों पक्षों ने 15 दिनों के भीतर एक-दूसरे के मछुआरों और उनकी नौकाओं को छोड़ने का निर्णय

मुंबई हमले के वॉयस सैंपल मुहैया कराएंगे

नवाज शरीफ ने पीएम मोदी को दिया सार्क सम्मेलन में आने का न्योता

 

पाकिस्तान क्यों अड़ंगा लगा रहा है?

 

भारत सिर्फ आतंकवाद पर बात करना चाहता है.

आतंकी नवेद को लेकर पाकिस्तान घिरेगा

आतंक पर पाकिस्तान को भारत डोजियर देगी जिसमें सबूत होंगे

सीजफायर को लेकर भारत पाकिस्तान को घेरेगा

 

भारत का क्या कहना है?

 

सिर्फ आतंकवाद पर बात होगी

अलगाववादियों से बात नहीं करे पाकिस्तान

आतंकी नवेद पाकिस्तान का है

पाकिस्तान की फायरिंग पर बात

 

पाकिस्तान का क्या कहना है?

 

कश्मीर पर बात होनी चाहिए

अलगाववादियों से बातचीत जरूरी

नवेद पाकिस्तान का नहीं है

फायरिंग भारत कर रहा है

 

मोदी के पीएम बनने के बाद क्या हुआ है?

मुंबई हमले का केस तेजी से चलेगा

दिल्ली में मिलेंगे दोनों देशों के NSA

मुंबई हमले के आरोपियों के वॉयस सैंपल साझा होंगे

नवाज ने मोदी को सार्क सम्मेलन के लिए पाक आने को कहा

बातचीत की तैयारियां पूरी

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