दुष्कर्म पीड़िता के गर्भापात का फरमान, जुर्माना देकर छूटा आरोपी

By: | Last Updated: Wednesday, 18 November 2015 3:53 AM
Panchayat asks rape survivor to accept money and undergo abortion

लखनऊ : इलाहाबाद में बलात्कार की वजह से गर्भवती हुई महज़ चौदह साल की नाबालिग पीड़िता पर पंचायत और पुलिस की गाज गिरी है. बेतुका फरमान सुनाते हुए पीड़िता को गर्भपात कराने को कहा गया और 75 हजार का जुर्माना लगा कर आरोपी को बरी कर दिया गया. आश्चर्य की बात है कि इस मामले को पंचों ने थाने में पंचायत लगाई थी.

 

आरोप है कि थानेदार और गांव के पंचों ने आरोपी पर 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर उसे क्लीन चिट दे दी और पीड़िता को इस मुआवजे के बदले कोई कार्रवाई नहीं करने और गर्भपात कराने का फरमान सुना दिया. आरोप है कि इस सनसनीखेज मामले की पंचायत उस थाने में ही हुई, जहाँ पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए पहुंचा था. इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं.

 

पंचायत में पीड़ित लड़की के आंसूओं और उसके दर्द को नजरअंदाज कर पुलिस और पंचायत ने अपना तुगलकी फरमान सुनाया. बहरहाल पीड़िता और उसके परिवार वालों ने पंचायत के फरमान को नकार दिया और फरियाद लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे. मामला बढ़ता देख पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी गिरफ्तार किया गया है.

 

इंसानियत को शर्मसार करने और क़ानून का माखौल उड़ाने वाला यह सनसनीखेज मामला शहर से करीब साठ किलोमीटर दूर इलाहाबाद- जौनपुर बार्डर के पास के सरांय ममरेज इलाके का है. यहां एक विधवा की चौदह साल की नाबालिग लड़की के साथ गाँव के ही दिवाकर नाम के एक युवक ने मई महीने में रेप किया था. रेप का आरोपी दिवाकर पीड़ित लड़की का करीबी रिश्तेदार भी है.

 

घटना के बाद पीड़िता और उसकी माँ शिकायत के लिए सराय ममरेज थाने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के बजाय मां-बेटी को डांटकर भगा दिया. इस मामले में गाँव की पंचायत ने आरोपी पर पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाकर पैसा अपने पास रख लिया और पीड़ित परिवार को थाने नहीं जाने का फरमान सुना दिया. पंचायत का फैसला नहीं मानने पर पीड़ित परिवार का हुक्का-पानी बंद किये जाने और गाँव से बेदखल किये जाने की धमकी भी दी गई.

 

करीब हफ्ते भर पहले तबीयत बिगड़ने पर जब पता चला कि रेप की शिकार लड़की गर्भवती है तो गाँव के पंच फिर से सक्रिय हो गए. पंचों को नजरअंदाज कर पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए थाने पंहुचा तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पंचों को भी थाने बुलवा लिया. आरोप है कि थाने में घंटों चली पंचायत के बाद पुलिस के सामने दोनों पक्षों में जबरन समझौता करा दिया गया.

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Web Title: Panchayat asks rape survivor to accept money and undergo abortion
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