सम्मान लौटाने वाले लेखकों के समर्थन में आए नीतीश

By: | Last Updated: Thursday, 15 October 2015 5:35 PM

पटना: देश में ‘बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता’ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमले के विरोध में लेखकों द्वारा साहित्यिक सम्मान लौटाने की घोषणा का बिहार के मुख्यमंत्री नीतीष कुमार ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि देश के बुनियादी मूल्यों को कम करने का केंद्र में सत्ताधारी वर्ग का प्रयास एक बड़ी चिंता का विषय है.

 

नीतीश कुमार ने सोशल साइट ‘फेसबुक’ और ‘ट्विटर’ पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, “देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में हमारी 25 से अधिक सांस्कृतिक विभूतियों ने अपने पुरस्कार लौटा दिए हैं और अब सिविल सोसाइटी सीआईसी सम्मेलन का बहिष्कार कर रही है.”

 

उन्होंने आगे लिखा कि इन लोगों तक पहुंचने और इनके भय को सक्रियता से दूर करने की बजाए मोदी सरकार इनमें ही दोष खोजने का प्रयास कर रही है.

 

उन्होंने कहा, “हमारे देश के बुनियादी लोकाचार और मूल्यों को कम करने का सत्ताधारी वर्ग का प्रयास और उसकी असंवेदनशीलता अत्यंत चिंता का विषय है.” उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ग्रेटर नोएडा में कथित गोमांस खाने पर कुछ लोगों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

 

पिछले सप्ताह सबसे पहले मशहूर लेखिका नयनतारा सहगल ने इस घटना और महाराष्ट्र व कर्नाटक में बुद्धिजीवियों की हत्या के विरोध में अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाया. उनके बाद देशभर में विरोध में कई अन्य पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने भी ऐसा किया है.

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Web Title: Payback honor writers who came to support Nitish
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