फिर से खटाई में पड़ती नजर आ रही पीडीपी-बीजेपी की बातचीत?

By: | Last Updated: Tuesday, 17 February 2015 1:41 AM
PDP-BJP talks for govt formation in JK run into rough weather?

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के मुद्दे पर पीडीपी और बीजेपी के बीच प्रस्तावित गठबंधन को लेकर बातचीत फिर से खटाई में पड़ती नजर आ रही है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 और सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (आफ्सपा) के मुद्दे पर मतभेद के कारण बातचीत की गाड़ी आगे बढ़ती नहीं दिखाई दे रही. बहरहाल, दोनों पार्टियों इन मुद्दों पर अपने मतभेद दूर करने के लिए प्रयासरत हैं.

सूत्रों ने बताया कि पर्दे के पीछे चल रही बीजेपी से चल रही बातचीत में पीडीपी जोर देकर कह रही है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) एक सार्वजनिक दस्तावेज होगा जबकि 25 विधायकों वाली भगवा पार्टी अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दे न उठाने को लेकर लिखित आश्वासन देने को लेकर मुश्किल में है . अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है .

 

जम्मू-कश्मीर के बीजेपी नेताओं ने भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से स्पष्ट कर दिया है कि आफ्सपा पर कोई फैसला थलसेना से विचार-विमर्श के बाद ही किया जाएगा .

 

बहरहाल, दोनों पक्ष कह रहे हैं कि बातचीत चल रही है और सीएमपी को अंतिम रूप देने तथा जल्द सरकार बनाने की कोशिशें जारी है . पिछले हफ्ते ऐसी खबरें आई थीं कि संसद के आगामी बजट सत्र से पहले सरकार बन जाएगी . बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है .

 

पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा कि बातचीत चल रह है और ‘मैं कह सकता हूं कि मतभेद से ज्यादा ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हमारी राय एक है. इन मतभेदों को सुलझाने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं.’ बीजेपी नेता निर्मल सिंह, जिनका नाम उप-मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा में है, ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि राज्य में एक स्थायी एवं विश्वसनीय सरकार जल्द बनेगी.’

 

यह पूछे जाने पर कि राज्य में कितनी जल्दी सरकार का गठन होगा, इस पर सिंह ने कहा, ‘मैं बहुत जल्दी तो नहीं कह सकता, लेकिन जल्द ही हम एक नई सरकार देखेंगे.’

 

आफ्सपा पर किसी फैसले से पहले थलसेना से सलाह-मशविरे की जरूरत की राय जाहिर करने को लेकर उनसे जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मेरा मतलब था कि आफ्सपा को हटाने पर कोई फैसला लेने से पहले थलसेना से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए.’ 28 विधायकों वाली पीडीपी की मांग, कि भारत को पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए, पर सिंह ने कहा, ‘यह केंद्र का विशेषाधिकार है और मेरा मानना है कि यह मामला केंद्र सरकार पर छोड़ देना चाहिए.’

 

सूत्रों ने बताया कि पीडीपी लिखित आश्वासन चाहती है कि बीजेपी अनुच्छेद 370 का मुद्दा नहीं उठाएगी और इसे सीएमपी में शामिल किया जाएगा . बीजेपी लिखित आश्वासन देने को लेकर मुश्किल में है और पीडीपी से पूछा है कि क्या वह अपनी ‘स्व-शासन’ नीति पर कोई आश्वासन देना चाहेगी .

 

सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों द्वारा सीएमपी को अंतिम रूप दिए जाने के बाद बीजेपी और पीडीपी के बीच एक सुनियोजित वार्ता होगी और फिर पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करार को अंतिम रूप देंगे .

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Web Title: PDP-BJP talks for govt formation in JK run into rough weather?
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