सर्विस चार्ज को लेकर होटल-रेस्टोरेंट की मनमानी पर सख्ती की तैयारी

सर्विस चार्ज को लेकर होटल-रेस्टोरेंट की मनमानी पर सख्ती की तैयारी

होटल या रेस्टोरेंट में टिप के बदले सर्विस चार्ज का प्रावधान होता है. सर्विस चार्ज के नाम पर ग्राहकों से बिल का दस फीसदी तक वसूला जाता है. अप्रैल महीने में सरकार ने सर्विस चार्ज जबरदस्ती नहीं लिए जाने का निर्देश जारी किया था.

By: | Updated: 13 Sep 2017 09:07 AM
नई दिल्ली:  केंद्र सरकार होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज को लेकर मालिकों की मनमानी पर सख्ती की तैयारी कर रही है. अब सर्विस चार्ज की मनमानी रेस्टोरेंट के मालिकों पर भारी पड़ सकती है. ग्राहकों से जबरदस्ती सर्विस चार्ज लिए जाने की शिकायतों को उपभोक्ता मंत्रालय ने बेहद गंभीरता से लिया है.

दरअसल होटल या रेस्टोरेंट में टिप के बदले सर्विस चार्ज का प्रावधान होता है.  सर्विस चार्ज के नाम पर ग्राहकों से बिल का दस फीसदी तक वसूला जाता है. अप्रैल महीने में सरकार ने सर्विस चार्ज जबरदस्ती नहीं लिए जाने का निर्देश जारी किया था. इसके बावजूद नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन को जबरदस्ती सर्विस टैक्स वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं.

इन शिकायतों को देखते हुए रेस्टोरेंट की अवैध कमाई पर रोकने की तैयारी हो रही है. इसी के तहक उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को सर्विस चार्ज को टैक्स असेसमेंट में शामिल करने पर विचार को कहा है. यानी सर्विस चार्ज की कमाई टैक्स के दायरे में आ सकती है.

उन्होंने ट्वीट किया है, ‘’होटल और रेस्टोरेंट से कहा गया है कि वे बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम या तो खाली छोड़ दें या फिर उल्लेख करें कि सर्विस चार्ज स्वैच्छिक है.’’




सरकार के निर्देश के बावजूद रेस्टोरेंट मालिकों की मनमानी रुक नहीं रही, जिससे आए दिन ग्राहकों को परेशान होना पड़ता है.

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