योजना आयोग की जगह नई संस्था बनायी जाएगी: मोदी

By: | Last Updated: Friday, 15 August 2014 8:36 AM

नई दिल्ली: सरकार ने विकास योजना की रूपरेखा तैयार करने वाली 64 साल पुरानी संस्था योजना आयोग को समाप्त कर इसकी जगह एक ऐसी नई संस्था शुरू करने का फैसला किया है जो बदले परिवेश में देश की नई आर्थिक आवश्यकताओं और संघीय ढांचे को मजबूत करने के लक्ष्य को बेहतर तरीके से पूरा कर सके.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने पहले स्वतंत्रता दिवस उद्बोधन में आज कहा, ‘‘हम योजना आयोग के स्थान पर ‘जल्दी ही’ एक नई संस्था स्थापित करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि योजना आयोग का गठन तात्कालिक अवश्यकताओं को देखकर किया गया था और उसने देश के विकास में अपना योगदान किया लेकिन ‘‘अब आंतरिक स्थिति बदल गयी है, वैश्विक वातावरण में भी बदलाव आया है.’’ उन्होंने कहा कि यदि भारत को आगे बढ़ना है तो राज्यों का विकास जरूरी है. आज संघीय ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गयी है.

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब ‘पीएम’ और ‘सीएम’ :प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों: को एक टीम के रूप में काम करने का समय है.

 

इसी संदर्भ में उन्होंने योजना आयोग में बदलाव की आवश्यता जतायी तथा इसकी जगह और अधिक रचनात्मक संस्था के गठन की जरूरत बताई.

 

नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘कभी-कभी घर की मरम्मत की जरूरत होती है पर मरम्मत की लागत बहुत ज्यादा होती है और हम उससे संतुष्ट भी नहीं होते तथा हमें लगता है कि मरम्मत की जगह नया घर बनाना ही अच्छा होता.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमें एक रचनात्मक संस्था की जरूरत है जो देश के प्राकृतिक संसाधनों, युवा शक्ति का अच्छा-से-अच्छा उपयोग करने में सहायक हो और जिससे निजी-सरकारी भागीदारी के मॉडल को बल मिले तथा संघीय ढांचा भी मजबूत हो.’’

योजना आयोग का गठन 1950 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था. प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं और इसका दैनंदिन कार्य सरकार द्वारा नियुक्त एक उपाध्यक्ष देखता है. आयोग का कार्यकाल हर सरकार के कार्यकाल के साथ समाप्त हो जाता है. आयोग देश के संसाधनों तथा सामाजिक आर्थिक विकास की भविष्य की आवश्यकताओं के आकलन के आधार पर विकास की योजनाओं का निर्धारण करता है.

 

योजना आयोग के पूर्व सदस्य और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने प्रधानमंत्री की इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘यह अच्छा विचार है. योजना आयोग की अवधारणा पुरानी पड़ गयी थी. इसको आधुनिक बनाने की जरूरत है. अभी हमें इस संबंध में सरकार के नये खाके को देखना है. लेकिन बदलाव जरूरी हो गया था.’’

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Web Title: PM announces scrapping of Planning commission in present form
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