प्रवासी छोटे-छोटे काम से योगदान दे सकते हैं: मोदी

By: | Last Updated: Thursday, 8 January 2015 11:45 AM

गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सूरत से ताल्लुक रखने वाले प्रवासी भारतीय का उल्लेख किया, जो हर वर्ष भारत आने पर अपने गांव की सड़कों की सफाई किया करते हैं.

 

मोदी ने कहा कि उनका काम यह दर्शाता है कि किस तरह प्रवासी भारतीय छोटे-छोटे काम से अपनी मातृभूमि के लिए योगदान दे सकते हैं. 13वें प्रवासी भारतीय दिवस के उद्घाटन पर मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने उनके अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जो यह दिखाता है कि विश्व, भारत से जुड़ना चाहता है.

 

उन्होंने कहा कि दूर देश में रहने वाले प्रवासियों को अक्सर लगता है कि वे अपनी मातृभूमि के लिए अर्थपूर्ण तरीके से योगदान नहीं दे पा रहे.

 

मोदी ने उस पल को याद किया जब उनके एक मित्र ने समाचार पत्र का टुकड़ा भेजा, जिसमें सूरत के प्रवासी भारतीय की खबर थी, जो हर साल 15 दिन के लिए अपने गांव आते हैं.

 

मोदी ने कहा, “वह व्यक्ति हर दिन झाड़ू उठाता और कचरा साफ करता था और लोग मजाक उड़ाकर कहते थे कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है, लेकिन इस बार जब वह आया, हमेशा की तरह झाड़ू उठाया तो गांव को कई लोग भी उससे जुड़ गए.” प्रधानमंत्री का उल्लेख सीधे-सीधे उनके स्वच्छ भारत मिशन के संदर्भ में लग रहा था.

 

उन्होंने कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि किस तरह एक व्यक्ति की प्रतिबद्धता एक गांव को बदल सकती है और कहा कि ऐसे कई प्रवासी हैं जो मातृभूमि के लिए अपना योगदान दे सकते हैं.

 

मोदी ने पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की अपनी पेशकश को याद करते हुए कहा कि कैसे 40 मुस्लिम देशों सहित कई देशों ने इसका समर्थन किया.

 

उन्होंने कहा कि 193 में से 177 देशों ने इसका समर्थन किया, जो एक रिकार्ड है. प्रधानमंत्री ने कहा कि आम तौर पर किसी प्रस्ताव को पारित होने में दो साल लग जाते हैं, जबकि इसके पारित होने में करीब 100 दिन ही लगे.

 

उन्होंने कहा, “विश्व, भारत से जुड़ने के लिए उत्सुक है और यह एक छोटा उदाहरण है.” मोदी ने कहा कि भारत की जनता को अपने भीतर मौजूद संभावनाओं पर विश्वास करने की जरूरत है.

 

उन्होंने प्रवासी मुस्लिम महिला का भी जिक्र किया, जिन्होंने 2002 में गुजरात के कच्छ में आए भूकंप के दौरान यहां का दौरा किया था और कई महीनों तक वहां रुकीं और पुनर्वास के प्रयास में लोगों की मदद की.

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Web Title: pm modi gandhinagar
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