हिंदी मेरी मातृभाषा नहीं, मैंने चाय बेचते-बेचते सीखी हिंदी: मोदी

By: | Last Updated: Thursday, 10 September 2015 3:16 AM
PM Narendra Modi to inaugurate ‘Vishwa Hindi Sammelan’ in Bhopal today

भोपाल : पीएम मोदी ने 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन के उद्घाटन में कहा कि उनकी मातृ भाषा हिंदी नहीं है लेकिन इसकी ताकत का उन्हें अहसास है. मोदी ने कहा, “हिंदी के बिना मैं यहां नहीं होता.” इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिंदी का आंदोलन चलाने वाले ज्यादातर गैर हिंदी भाषी ही थे.

 

इसके साथ ही मोदी ने अपने हिंदी सीखने की कहानी रोचक ढ़ंग से बताई. उन्होंने यूपी के दूध बेचने वाले उन लोगों का जिक्र किया जो उनके गांव में आते थे और मोदी उन्हें चाय बेचने जाते थे. इसी दौरान उन्होंने, उनकी सोहबत में हिंदी भाषा पर अपनी पकड़ मजबूत की.

 

डिजिटल दुनिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सिर्फ तीन ही भाषाओं का दबदबा होगा जिसमें अंग्रेजी और चाइनीज के साथ हिंदी है. इसके साथ ही हिंदी को दुनियाभर में पहुंचाने के लिए बॉलीवुड के प्रयासों की भी प्रशंसा की. मोदी ने कहा, “हमें भाषा की विरासत को बचा कर रखना होगा. भाषा के लुप्त होने पर ही हमें उसकी अहमियत पता लगेगी.”

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हिन्दी के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए जिन लोगों ने काम किया उनमें ज्यादातर अहिन्दी भाषी रहे हैं. उन्होंने महात्मा गांधी और कुछ अन्य लोगों के नाम लेते हुए कहा कि आचार्य विनोबा भावे ने भाषा और लिपि-लेखनी की ताकत को पहचाना था और एक रास्ता दिया.

 

मोदी ने आगे कहा कि, भाषा को समृद्ध करने की जरूरत है. हम देश में बोली जाने वाली अन्‍य भाषाओं से नए और ज्‍यादा उपयोग किए जाने वाले शब्‍दों को लेकर हिन्‍दी को समृद्ध करें. भाषा में बड़ी ताकत होती है.

 

इस बीच 10वां विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन भोपाल में शुरू हो गया. 10 से 12 सितंबर, 2015 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. 32 साल बाद देश में होने जा रहे इस सम्मेलन का आयोजन लाल परेड ग्राउंड, भोपाल में किया गया है.

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देश-विदेश के 5000 से ज्यादा विद्वान और मेहमान सम्मेलन में भाग लेंगे. 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन की थीम ‘हिंदी जगत : विस्तार एवं संभावनाएं’ है. तीन दिन तक समानांतर सत्रों में विद्वान और प्रतिभागी 12 विषयों पर अपने विचार रखेंगे.

 

इन विषयों पर होगा मंथन :

 

गिरमिटिया देशों में हिंदी, विदेशों में हिंदी शिक्षण- समस्याएं और समाधान , विदेशियों के लिए भारत में हिंदी अध्ययन की सुविधा, अन्य भाषा भाषी राज्यों में हिंदी, विदेशी नीति में हिंदी, प्रशासन में हिंदी, विज्ञान क्षेत्र में हिंदी, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में हिंदी, विधि एवं न्याय क्षेत्र में हिंदी और भारतीय भाषाएं, बाल साहित्य में हिंदी, हिंदी पत्रकारिता और संचार माध्यमों में भाषषा की शुद्धता, देश और विदेश में प्रकाशनः समस्याएं एवं समाधान.

 

विश्व हिंदी सम्मेलन सन् 1975 से विश्व के विभिन्न देशों में आयोजित किए जाते रहे हैं. सन् 2015 में 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन 10 से 12 सितंबर तक भारत में मध्य प्रदेश के भोपाल में किया गया है.

 

विश्व हिंदी सम्मेलनों के प्रमुख लक्ष्य हिंदी भाषा का प्रचार एवं प्रसार करना, इसे विश्व भाषा के रूप में स्थापित करना, हिंदी को शिक्षा का अग्रणी एवं महत्वपूर्ण माध्यम बनाना तथा विदेशी और भारतीय मूल के निवासियों द्वारा किए जा रहे अनुसंधान एवं सृजित साहित्य में हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देना है.

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Web Title: PM Narendra Modi to inaugurate ‘Vishwa Hindi Sammelan’ in Bhopal today
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