यहां पढ़ें: मोदी के योग की पूरी कहानी

By: | Last Updated: Thursday, 23 June 2016 5:15 PM
pm narendra modi yoga

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी की दिनचर्या में योग शामिल है. योग से उनका प्रेम करीब 20 साल पुराना है और इसकी जड़ें आज भी बैंगलोर में मौजूद हैं.

 

दुनिया के सबसे अहम अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब सारी दुनिया के लिए साल का एक दिन योग दिवस के तौर पर मनाने की पेशकश की थी तो हर कोई हैरान रह गया था लेकिन मोदी अपनी इस मांग को मनवाने में कामयाब रहे और 21 जून को पूरी दुनिया के लिए भारतीय योग एक अंतर्राष्ट्रीय उत्सव में बदल गया.

 

मोदी इसे अपनी बड़ी उपलब्धि मानते भी हैं और गिनाते भी हैं लेकिन फिर वही सवाल कि नरेंद्र मोदी को योग से इतना गहरा लगाव आखिर क्यों है?

 

बैंगलोर, जहां साल 1986 में स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान की स्थापना हुई थी और इस जगह को प्रशांति कुटीर के नाम से जाना जाता है. आज इस संस्थान में दुनिया भर से छात्र योग की शिक्षा लेने आते हैं और इसे योग विश्वविद्यालय का दर्जा मिल चुका है.

 

ये उस दौर की बात है जब नरेंद्र मोदी राजनीति में नहीं आए थे लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक के तौर पर उनका प्रशांति कुटीर में आना जाना लगा रहता था. यहीं से योग की दुनिया से नरेंद्र मोदी का पहला परिचय हुआ था और उनके सामने मौजूद था एक ऐसा वैज्ञानिक जो भारतीय संस्कृति की किताब से योग के सूत्र बांच रहा था.

 

नासा में वैज्ञानिक रह चुके डॉ एच आर नागेंद्र की शख्सियत और योग की उनकी समझ से नरेंद्र मोदी पर गहरा असर पड़ा. फिर शुरू हुई विवेकानंद के नाम पर बने इस योग केंद्र में नरेंद्र मोदी की ऐसी ही कड़ी ट्रेनिंग जो हर छात्र को करनी पड़ती है. नरेंद्र मोदी ने योग के पांचों अंग सीख लिए और योग नरेंद्र मोदी के जीवन का हिस्सा बन गया.

 

पिछले साल प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारियां बढ़ीं तो उनके योग में भी बदलाव किया गया. नरेंद्र मोदी के योगगुरु के मुताबिक आवर्तन ध्यान नरेंद्र मोदी के योग का अहम हिस्सा बन गया है. दरअसल डॉ नागेंद्र के संस्थान ने ही आवर्तन ध्यान पर आज के दौर का सबसे बड़ा रिसर्च किया था.

 

शवासन में शरीर को लेटकर ढीला छोड़ दिया जाता है इससे ऑक्सीजन का इस्तेमाल 10 फीसदी घट जाता है लेकिन बैठकर किए जाने वाले आवर्तन ध्यान पर हुई रिसर्च के मुताबिक इसमें ऑक्सीजन का इस्तेमाल 32 फीसदी तक कम हो जाता है लेकिन ये बेहद कठिन है.

 

मोदी के योगगुरू डॉक्टर नागेंद्र बताते हैं कि योग के अभ्यास ने नरेंद्र मोदी को भीतर से पूरी तरह बदल दिया है. मोदी की शख्सियत बदली तो उन्होंने योग को अपने सहयोगियों में भी प्रचारित किया. पीएम बनने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए अपने मंत्रिमंडल के लिए डॉ नागेंद्र की पाठशाला का इंतजाम भी कर दिया था.

 

तब से ही नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी ने अपनी दिनचर्या का एक घंटा ना सिर्फ योग को देने की ठानी बल्कि गुजरात में योग विश्वविद्यालय की स्थापना भी करवाई. दुनिया को भारतीय योगगुरुओं का तोहफा देने का सपना भी मोदी के मन में तब से ही पल रहा है और अब डॉ नागेंद्र भी उनके इस मिशन से जुड़ चुके हैं.

 

डॉ नागेंद्र ना होते तो शायद नरेंद्र मोदी के जीवन में योग इतनी अहम जगह ना बना पाता. चीन के दौरे पर टेंपल ऑफ हेवन में चीन की मार्शल आर्ट ताई ची और भारत के योग के कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उस कार्यक्रम में इसी वजह से नरेंद्र मोदी ने खासतौर पर डॉ नागेंद्र को बीजिंग बुलाया था.

 

पीएम मोदी के योग की पूरी कहानी  

 

डॉ नागेंद्र ने नरेंद्र मोदी पर असर डाला तो इसकी भी वजह है. वैज्ञानिक रहते हुए डॉ नागेंद्र विज्ञान की सीमा से बाहर के सवालों से जूझ रहे थे और यही जिज्ञासा उन्हें योग की ओर खींच लाई. डॉ नागेंद्र भारतीय योग पद्दति को वो आध्यात्म के हर उलझे हुए सवाल का जवाब मानते हैं.

 

अपने गुरू की सोच ने नरेंद्र मोदी को योग को पूरी दुनिया में प्रचारित करने के लिए प्रेरित किया. दुनिया के पहले योग दिवस यानी 21 जून के लिए भी उन्होंने अपने योग गुरू के निर्देश पर ही कार्यक्रम तय किया है.

 

मोदी का योग से ये संयोग अब पूरी दुनिया को योग बारे में जानने समझने का मौका दे रहा है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: pm narendra modi yoga
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: PM Narendra Modi summer
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017