एबीपी न्यूज स्पेशल : 15 अगस्त को मोदी देंगे यह भाषण!

By: | Last Updated: Thursday, 14 August 2014 3:32 PM
pm narendra modi_speech on fifteenth august

नई दिल्ली : मुकद्दर से मुलाकात. हालांकि पंडित नेहरू ने 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि के अपने भाषण ट्रॉयस्ट विद डेस्टिनी में आजाद भारत की मुकद्दर से मुलाकात का बात कर उसे एतिहासिक बन दिया था. लेकिन नरेंद्र मोदी का इस बार का 15 अगस्त भाषण भी इतिहास में ही दर्ज होने वाला है. सबसे बड़ी वजह तो ये कि ये मोदी की ट्रॉयस्ट विद डेस्टिनी है. उनका लाल क़िले तक पहुंचना ही ऐतिहासिक घटना बन चुका है.

 

पिछले साल भुज के लालन कॉलेज से जब मोदी पीएम के भाषण के मुकाबले भाषण दिया था तो बहुत थे जिनको यकीन नहीं था कि 15 अगस्त 2014 को वो होने वाला है जिसका दावा उस वक्त सिर्फ और सिर्फ मोदी कर रहे थे. और मोदी कोई कसर नहीं छोड़ने वाले इस भाषण को इतिहास के पन्नों में दर्ज करवाने में.

 

इसका सबसे बड़ा संकेत इस बात से मिल रहा है कि हर बार की तरह इस बार पीएम के भाषण की प्रतियां नहीं बंटेंगी. वह इसलिये क्योंकि मोदी लिखा हुआ भाषण नहीं पढ़ेंगे. नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह ने जो नहीं किया वह मोदी करने जा रहे हैं. मोदी अपने अंदाज में धाराप्रवाह बिना किसी कागज से पढ़े, प्रधानमंत्री के रूप में अपना पहला भाषण देने वाले हैं.

 

अच्छे दिनों की बड़ी घोषणाओं की उम्मीद लोग बजट से लगाए बैठे थे. लेकिन माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी वह दर्जा 15 अगस्त के भाषण को देना चाहते हैं. अपने पहले ही भाषण से वह इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं.

 

बड़ी-बड़ी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा अब बजट में नहीं बल्कि लाल क़िले से हुआ करेगी. मोदी की कोशिश होगी 15 अगस्त के भाषण का देश ऐसे इंतजार करे जैसे बजट का करता है. और खुद नरेंद्र मोदी बताएं कि वह देश के लिए क्या करने वाले हैं, लोगों को क्या देने वाले हैं, और कैसे अच्छे दिन आने वाले हैं.

 

इसकी शुरुआत अपने पहले भाषण में हर परिवार में बैंक खाता खोलने की बड़ी योजना की घोषणा से करने वाले हैं. इसके तहत अगले चार साल में यानी अगस्त 2018 तक 15 करोड़ ऐसे लोगों के बैंक खाते खोले जाएंगे जिनका अभी तक बैंक खाता नहीं है. मकसद है कि बैंकों तक हर भारतीय की पहुंच हो ताकि बैंकों के जरिए सरकार की योजनाओं की पहुंच सीधे आम आदमी तक हो. अगर कोई सब्सिडी पहुंचानी है, कोई स्कॉलरशिप देनी है, या कोई भी सरकारी मदद किसी भी व्यक्ति तक पहुंचानी है तो सीधा उसके बैंक खाते तक पहुंचाई जा सके. ये बड़ी घोषणा लाल किले से अपने पहले भाषण में खुद नरेंद्र मोदी करेंगे.

 

पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का 125वां जयंति वर्ष भले ही चल रहा हो लेकिन अपने भाषण में नेहरू का कोई भी ज़िक्र नहीं करने वाले हैं मोदी. हां 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंति पर स्वच्छ भारत बनाने की बात वह जरूर करेंगे औऱ बाकायदा योजना पेश करेंगे.

 

लेकिन गांधी के अलावा इस भाषण में पीएम की कोशिश होगी विनायक दामोदर सावरकर जिनको वीर सावरकर के नाम से भी याद किया जाता है, उन्हें वह सम्मान देने की जो बीजेपी मानती है कि अब तक नहीं दिया गया है.

 

माना जा रहा है कि वीर सावरकर  को लाल किले से अपने पहले भाषण में याद कर मोदी उन्हें गांधी, पटेल, तिलक की श्रेणी में स्थापित करेंगे. बीजेपी और आरएसएस का मानना रहा है कि महात्मा गांधी की हत्या के केस में दोषी न पाए जाने के बावजूद सावरकर के साथ अन्याय हुआ है. पिछली एनडीए सरकार ने सावरकर का चित्र संसद भवन में लगवाया था. औऱ अब मोदी सावरकर को लाल किले से याद करेंगे.

 

गांधी और सावरकर के अलावा नेताजी बोस, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह को भी पीएम इस मौके पर श्रद्धांजलि देंगे. भले ही इन शब्दों में न कहें, लेकिन मोदी का साफ इशारा इस ओर होगा कि आजादी के आंदोलन के इन योद्धाओं को कांग्रेस की सरकारों ने याद तक नहीं किया.

 

मोदी नेहरू की 125वीं जयंति का कोई जिक्र नहीं करेंगे तो इंदिरा गांधी के नाम पर चल रही ग्रामीण आवास योजना पर भी पर्दा गिरा देंगे. ज़ाहिर है ऐसा साफ तो नहीं कहेंगे, लेकिन मोदी एक नए ग्रामीण आवास मिशन की घोषणा करेंगे जिसके बाद इंदिरा आवास योजना अपने आप बंद हो जाएगी.

 

मोदी के राष्ट्रीय ग्रामीण आवास मिशन में गांवों में लोगों को न सिर्फ मकान मिलेगा बल्कि उसमें बिजली भी होगी, पानी भी और शौचालय भी. गांवों में बिजली-पानी और शौचालय वाले मकानों का राष्ट्रीय ग्रामीण आवास मिशन अगर कामयाब हो जाए तो मोदी सरकार के लिए वो कर सकता है जो मनरेगा ने यूपीए के लिए किया था. इसीलिए पीएम खुद इसकी घोषणा लाल किले से करेंगे.

 

ऐसी खबरें हैं कि लाल किले से अपने पहले भाषण में दिल्ली को लेकर जो सबसे बड़ी घोषणा नरेंद्र मोदी करेंगे वह होगी पूर्ण राज्य के दर्जे की. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देना बीजेपी का चुनावी वादा भी था. और अब जब दिल्ली में फिर से चुनाव की नौबत आ गई है तो मोदी की लाल किले से की गई पूर्ण राज्य के दर्जे की घोषणा बीजेपी को काफी मदद कर सकती है.

 

पूर्ण राज्य का मतलब दिल्ली पुलिस जो अभी केंद्र सरकार के पास है, वो दिल्ली सरकार के अधीन आ जाएगी. हालांकि संसद, मंत्रालयों और राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से लेकर बाकी मंत्रियों औऱ सांसदों के निवास के नई दिल्ली के वीआईपी इलाके के लिए क्या कोई औऱ व्यवस्था होगी, इसपर अलग-अलग मत हैं, लेकिन दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की घोषणा मोदी अपने 15 अगस्त के भाषण में कर सकते हैं.

 

लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना पहला भाषण देते हुए कई नजीर पेश करने वाले हैं. उन्हीं में से एक होगी. लाल किले के सामने वाले मैदान पर आम जनता की मौजूदगी. इस हिस्से से प्रधानमंत्री लाल किले में अपना भाषण देते हैं पिछले कई सालों से लाल किले के इस सामने वाले मैदान पर सुरक्षा कारणों से सिर्फ वीआईपी. डिप्लोमैट और स्कूली बच्चों को ही बैठने की इजाजत थी. लेकिन इस साल यहां आम लोग मोदी का भाषण सुनते हुए नजर आ सकते हैं.

 

बताया जा रहा है कि दिल्ली बीजेपी ईकाई पीएम मोदी का पहला भाषण सुनने के लिए दस हजार लोगों की भीड़ इकट्ठा कर कर रही है और 15 अगस्त के दिन डीटीसी बसों को सुबह 6 से 10 बजे के बीच लोगों को फ्री सेवा देने के लिए कहा गया है.

 

एक बड़ी घोषणा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से अपने पहले भाषण में करने वाले हैं वो होगी उनके प्रिय विषय स्कील डेवलेपमेंट को लेकर. चुनाव प्रचार से लेकर प्रधानमंत्री बनने के बाद तक, मोदी स्कील डेवलेपमेंट यानी कौशल विकास पर खास ज़ोर देते रहे हैं.

 

 

मोदी का मानना है कि अलग-अलग स्कील सीखकर युवा रोजगार के बहतर मौकों का फायदा उठा सकते हैं. सरकार बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी इसपर एक बड़े कार्यक्रम की घोषणा होगी. 

 

खबर है कि अब इसका खाका तैयार है औऱ ये बड़ी घोषणा मोदी खुद लाल किले से करेंगे. अभी तक स्कील डेवलेपमेंट की योजनाएं 21 अलग-अलग मंत्रालयों के अधीन हैं. ये सब मिलाकर एक स्कील डेवलेपमेंट मिशन की घोषणा मोदी करेंगे. और ये मिशन होगा मानव संसदाधन मंत्रालय का. यानी स्मृति ईरानी के अधीन.

 

स्मृति ईरानी को अगर मानव संसाधन मंत्री होने के नाते स्किल डेवलपमेंट मिशन की बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने वाली है, तो उमा भारती से जुड़ी भी एक बड़ी घोषणा करने वाले हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

 

गंगा की सफाई के लिए एक नई औऱ व्यापक परियोजना की घोषणा लाल किले से करेंगे नरेंद्र मोदी. और इसका ज़िम्मा उमा भारती का होगा.

 

क्लीन गंगा प्रॉजेक्ट के साथ-साथ दो और बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा भी मोदी अपने भाषण में पेश करेंगे. एक तो है स्मार्ट सिटी योजना जिसका बजट में जिक्र था. महानगरों के अलावा देश भर में हर सुविधा वाली 100 स्मार्ट सिटी बनाई जाएंगी जो रोजगार बढाने औऱ विकास के इंजन का काम करेंगी.

 

स्मार्ट सिटी के अलावा डीजिटल इंडिया प्रॉजेक्ट की घोषणा करेंगे प्रधानमंत्री. ये मोदी के प्रिय सपनों में से एक है. कि सारे कागजात  डिजिटल हों. यानी सभी सरकारी द्स्तवेज सड़ती बिखरती कागजी फाइलों के बजाय कंप्यूटर पर हों. और सरकरी दफ्तर हो पेपरलेस, यानी कागज से मुक्त.

 

पूरा देश टकटकी लगाए 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का इंतजार कर रहा है. जाहिर ये भाषण हर भाषण से कुछ अलग होगा. भले ही मोदी अपना भाषण बिना पढ़े बोलेंगे लेकिन भाषण तैयार करने के लिए पूरी टीम जुटी हुई है.

 

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोदी का भाषण चार लोगों की टीम मिलकर तैयार कर रही है. टीम के मुखिया कानून और दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद हैं. इसके अलावा टीम में बिजली मंत्री पीयूष गोयल. मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी, और रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार हैं.

 

इस टीम ने पार्टी और हर मंत्रालय के सुझाव को लेकर ड्राफ्ट तैयार किया है. खबर है कि ड्राफ्ट तो तैयार हो चुका है लेकिन मोदी की ये टीम आखिर तक भाषण में होने वाली घोषणाओं को फाइनल रूप देने के लिए तमाम मंत्रालयों से संपर्क बनाए हुए है.

 

हाईवे, बिजली प्लांट के लिए कोयला, स्वास्थ्य, इन सब पर भी नरेंद्र मोदी बड़ी घोषणा करेंगे. लेकिन भाषण का एक बड़ा हिस्सा किसानों के लिए होगा. कृषि कैसे मुनाफे का काम बने, उत्पादकता कैसे बढे इसके लिए सरकार की क्या योजना है प्रधानमंत्री बताएंगे. इसमें भी खास ज़ोर रहेगा छोटे किसान पर. जिसकी पास 5 एकड़ से कम ज़मीन है. गांधी, लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय ने छोटे किसानों पर आधारित जिस कृषि नीति का सपना देखा थ उसको लाल किले से पेश कर मोदी आर्थिक, सामाजिक औऱ राजनीतिक, तीनों संदेश देंगे. औऱ साथ ही समझाएंगे कि डब्लूटीओ में उनकी सरकार ने कांग्रेस सरकार से अलग रुख क्यों अपनाया.

 

यानी भाषण के हर पहलू से मोदी नया इतिहास लिखने की कोशिश करेंगे. बिना लिखे भाषण से लेकर सावरकर के सम्मान और छोटे किसानों की बात कर मोदी लाल किले से अपने पहले भाषण को अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों से अलग बनाकर ऐतिहासिक बनाने की कोशिश करेंगे. औऱ कोशिश करेंगे कि अब के बाद सरकार का सबसे अहम और दिशा देने वाला दस्तावेज माना जाए पीएम का 15 अगस्त का भाषण.

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