मोदी ने सांसदों की कैंटीन में किया 29 रूपये का लंच

By: | Last Updated: Monday, 2 March 2015 9:22 AM
PM takes lunch in Parliament Canteen

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद की कैंटीन में लंच किया. प्रधानमंत्री का लंच सुर्खियों में इसलिए है क्योंकि इसके पहले कई सालों में किसी पीएम को कैंटीन में खाना खाते ना देखा गया ना सुना गया. मोदी ने कैंटीन में खाना खाया और 28 रुपए का बिल चुकाया.

शायद ये पहली बार था जब कोई प्रधानमंत्री संसद की कैंटीन में जाकर लंच कर रहा था. ये पहली बार था जब संसद की कैंटीन की शाकाहारी थाली देश के प्रधानमंत्री के लिए परोसी जा रही थी, वो लम्हा खास था. जो कैंटीन में पहले से मौजूद थे उनके लिए और जो पीएम को खाना परोस रहे थे उनके लिए आम तौर पर पीएम संसद भवन में अपने कमरे में लंच करते हैं लेकिन मोदी ने कैंटीन में लंच के बाद ये रिवाज भी खत्म कर दिया है.

 

दोपहर करीब 1 बजकर 20 मिनट का वक्त था जब प्रधानमंत्री मोदी संसद में अपने चेंबर से अचानक निकले और कैंटीन पहुंच गए.

 

मोदी जब कैंटीन पहुंचे तो वहां करीब 18 सांसद लंच कर रहे थे हर कोई छोटे-छोटे ग्रुप में अलग-अलग टेबल पर बैठा हुआ था मोदी कमरा नंबर 70 में बनी सांसदों की कैंटीन में पहुंचे. जो संसद के पहले फ्लोर पर बनी हुई है.

 

मोदी को कैंटीन में देखकर हर कोई हैरान था मोदी एक टेबल पर जाकर बैठ गए जहां पहले से ही तीन सांसद बैठे हुए थे. मोदी जिस टेबल पर बैठे वहां बिहार से बीजेपी सांसद छेदी पासवान बैठे हुए थे. बिहार में इसी साल चुनाव होने हैं मोदी ने छेदी पासवान से पूछा कि बिहार में क्या हाल है? छेदी पासवान सवाल के लिए तैयार नहीं थे इसलिए जवाब देते हुए थोड़ा सा हड़बड़ा गए.

 

उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कैंटीन के स्टाफ से कोई फरमाइश नहीं की. कैंटीन इनचार्ज ने प्रधानमंत्री से जब पूछा कि आप क्या लेंगे तो मोदी ने सिर्फ इतना कहा कि कुछ खाना खिला दो.

 

कैंटीन स्टाफ को भी ये पता था कि मोदी शाकाहारी है इसलिए लंच में ये शाकाहारी थाली परोसी गई जिसमें दाल दही सलाद चावल साग और रोटी होती है. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अलग से सिर्फ फ्रूट सलाद मंगवाया था.

 

प्रधानमंत्री मोदी के कैंटीन में होने की खबर सुनकर धीरे-धीरे वहां कई सांसद और मंत्री जमा होने लगे. कुछ देर बाद बिजली मंत्री पीयूष गोयल भी वहां पहुंच गए. मोदी करीब आधे घंटे तक कैंटीन में रहे.

 

मोदी के खाने का बिल 29 रुपए हुआ. मोदी ने 100 रुपए का नोट दिया और 71 रुपए वापस लिए.

 

खाना खत्म करने के बाद पीएम ने विजिटर्स बुक पर लिखा.  अन्नदाता सुखी भव यानी खाना खिलाने वाले भगवान आपको आपको सुख शांति दे.

 

संसद की कैंटीन सबसे सस्ता खाना खिलाने के लिए मशहूर है. जहां सांसदों से लेक पत्रकार तक बेहद कम दाम में स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया करते हैं यहां सबसे महंगी चीज चिकन बिरयानी जिसकी एक प्लेट का दाम 34 रुपए है.

 

कैंटीन से अपने चेंबर की तरफ जाने से पहले प्रधानमंत्री ने कैंटीन स्टाफ के साथ फोटो भी खिंचवाई.

 

आमतौर पर प्रधानमंत्री अकेले में ही खाना खाना पसंद करते हैं वो मसाले वाला भोजन नहीं करते लेकिन नमक से लेकर मीठे तक उन्हें परहेज भी नहीं है.

 

प्रधानमंत्री के इस तरह संसद की कैंटीन में आकर खाना खाने की ये पहली घटना है..विदेशों में तो राष्ट्राध्यक्षों को आम लोगों के बीच इस तरह देखा जा चुका है लेकिन भारत में मोदी इस तरह सांसदों के बीच लंच करते पहली बार दिखे.

 

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी राष्ट्रपति बनने के बाद बर्गर खरीदते नजर आए थे. ओबामा परिवार के साथ लोगों के बीच छुट्टियां मनाते हुए तस्वीरें भी कई बार आ चुकी हैं.

 

ओबामा और मोदी की दोस्ती भी इन दिनों चर्चा में है. भारत के दौरे पर आए ओबामा को मोदी ने अपने हाथों से चाय बनाकर पिलाई थी और अब मोदी ओबामा के नक्शे कदम पर सांसदों के बीच लंच करते दिख रहे हैं.

 

लेकिन संसद की कैंटीन में लंच करके प्रधानमंत्री मोदी ना सिर्फ पुरानी परंपरा को तोड़ा है बल्कि एक नई मिसाल भी कायम की है संदेश ये है कि जो सबके लिए है वो ही मेरे लिए भी है.