वक्त की मांग है भूमि अधिग्रहण बिल: प्रधानमंत्री मोदी

By: | Last Updated: Monday, 11 May 2015 6:42 AM
PM_Narendra_Modi_Interview

नई दिल्ली: मोदी सरकार के एक साल पूरे होने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले सिर्फ घोटाले, महंगाई की खबरें ही दिखती थीं. लेकिन अब एक साल बाद कोई घोटाला नहीं. एफडीआई और विदेशी पर्यटक के आने जैसे हर क्षेत्र में अच्छी खबरें हैं.

 

ये बाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदी अखबार दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में कही हैं. इस इंटरव्यू में पीए मोदी मोदी ने भूमि अधिग्रहण बिल, मनरेगा, किसानों की समस्याएं और जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात की है.

 

सरकार कुछ कर नहीं पा रही है? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा है, “नेपाल में हुई आप आपदा आई नेपाल में और भारत सरकार पहुंच गई. यमन में हम पहुंचे, कश्मीर की त्रासदी हो तो हम वहां थे. पहले 1.74 करोड़ का कोयला घोटाले की चर्चा होती थी.”

 

भूमि अधिग्रहण बिल पर पीएम का कहना है, “भूमि अधिग्रहण बिल वक्त की मांग है. 2013 के कानून में किसान विरोधी जितनी बातें हैं, विकास विरोधी जो प्रावधान हैं, अफसरशाही को ब़ढावा देने के लिए जो व्यवस्थाएं हैं, उनको ठीक करके किसान एवं देश को संरक्षित करना चाहिए. हम जो सुधार लाए हैं, अगर वो नहीं लाते तो किसानों के लिए सिंचाई योजनाएं असंभव बन जाती.”

 

इस बिल को लेकर विपक्ष के हमले पर पीएम का कहना है कि पुराने बिल के लिए जितनी कांग्रेस जिम्मेदार थी उतनी ही बीजेपी भी, क्योंकि बीजेपी ने भी उनका साथ दिया था. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि करीब सभी मुख्यमंत्रियों की चिट्ठी उनके पास है जिसमें कहा गया था कि इस पर विचार करना जरूरी है.

 

पीएम का कहना है कि भूमि अधिग्रहण बिल में बदलाव करना ना ही बीजेपी का एजेंडा है और ना ही मोदी सरकार का. ऐसा बदलाव सभी मुख्यमंत्री चाहते थे.

 

मोदी सरकार ने किसानों के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए हैं? इस पर प्रधानमंत्री ने कहा है, “एक समय था जब देश का किसान भारत के विकास में 60 फीसदी योगदान करता था. आज यह घटकर 15 फीसदी हो गया है. खेत मजदूरों को तो कभी कोई पूछता भी नहीं है. इसलिए भारत में कृषि को आधुनिक बनाने की जरूरत है. प्रति एक़ड उत्पादकता कैसे ब़ढे? ताकि कम जमीन में भी किसान को आर्थिक रूप से लाभ मिले. हमने सोइल (जमीन) हेल्थ कार्ड लागू करने का काम शुरू किया है, जिससे किसान के खेत में लागत कम हो और उत्पादकता ब़ढे. प्रधानमंत्री कृषिष सिंचाई योजना के जरिए सिंचाई की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का प्रयास है. यूरिया में नीम की कोटिंग करने पर बल दिया है, जिससे किसानों को मिलने वाली यूरिया बिचौलिये न बेच खाएं.”

 

पीएम इस बात को मानते हैं कि विपक्षी दल भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर लोगों में यह भ्रम फैलाने में कामयाब हो गए हैं कि विधेयक आने के बाद कारपोरेट घरानों के लिए जमीन ले ली जाएगी. जबकि सरकार ने कारपोरेट के लिए जमीन देने के मामले में 2013 के विधेयक में मौजूद प्रावधान को रत्ती भर भी नहीं बदला है. पीएम का कहना है कि इन सुधारों के तहत किसी भी उद्योग घराने या कारपोरेट को कोई जमीन नहीं दी है और न ही ऐसा कोई इरादा है.

 

देश के सामने क्या क्या चुनौतिया हैं? इस सवाल पर पीएम मोदी का कहना है कि उन्होंने पांच से सात साल में देश की सभी समस्याओं को पूरा करने का बीड़ा उठाया है. पीएम ने कहा है कि गरीबों के लिए घर, पानी, बिजली, सड़क और शिक्षा मुख्य चुनौतिया हैं. इसके अलावा पीएम का कहना है कि डिजिटल इंडिया के माध्यम से देश के युवाओं को रोजगार देना है जिससे वे दुनिया से कदम से कदम मिलाकर चल सकें.

 

पीएम मोदी को उम्मीद है कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों  में भी जीत का सिलसिला बरकरार रहेगा.

 

प्रधानमंत्री मोदी का पूरा इंटरव्यू आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

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