हनीप्रीत को साथ लेकर जगह-जगह जांच कर रही हरियाणा पुलिस अभी भी खाली हाथ

एक तरफ हनीप्रीत पुलिस को गुमराह कर रही है तो दूसरी तरफ डेरा की चेयरपर्सन विपासना इंसा जांच में सहयोग नहीं कर रही है.

By: | Last Updated: Thursday, 12 October 2017 9:13 PM
Police is investigating with Honeypreet, did not get any evidence

पंचकूला: बलात्कारी गुरमीत राम रहीम की सबसे बड़ी राजदार कही जाने वाली हनीप्रीत पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद भी उसे गुमराह करने की पूरी कोशिश कर रही है. हरियाणा पुलिस हनीप्रीत को साथ लेकर जगह जगह जांच कर रही है, लेकिन आठ दिन की रिमांड के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. पुलिस को अब तक न तो हनीप्रीत का मोबाइल मिला है और ना ही उसका लैपटॉप.

कोर्ट में हनीप्रीत के गुनाह कैसे साबित करेगी पुलिस

पहले छह दिन की पुलिस रिमांड और फिर तीन दिन और मिलने के बाद भी अब तक पुलिस ऐसा कोई सुराग नहीं जुटा पाई है, जिससे हनीप्रीत के खिलाफ ठोस केस बनाया जा सके.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है यानी हनीप्रीत ने ये मान लिया है कि उसने ही 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा की पूरी साजिश रची थी लेकिन सवाल ये है कि हनीप्रीत के इस कबूलनामे की कोर्ट में क्या अहमियत होगी, जब तक पुलिस कोर्ट के सामने ऐसे सबूत नहीं रखेगी जो हनीप्रीत को दोषी साबित कर सकें.

पुलिस को हनीप्रीत के मोबाइल और लैपटॉप की तलाश

पुलिस हनीप्रीत को लेकर उन सभी जगहों पर जा रही है, जहां जहां वो अपनी गिरफ्तारी से पहले रह चुकी है. बुधवार को बठिंडा के एक घर में ले जाने के बाद हनीप्रीत को राजस्थान में श्रीगंगानगर के गुरसर मोडिया गांव ले जाया गया, ये गुरमीत राम रहीम का पैतृक गांव हैं. दरअसल पुलिस को हनीप्रीत के मोबाइल और लैपटॉप की तलाश है. क्योंकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने अपने लैपटॉप में पंचकूला के नक्शे के साथ हिंसा का मास्टरप्लान तैयार किया था.

क्या हनीप्रीत सारे सबूत मिटा चुकी है?

हनीप्रीत के मोबाइल और लैपटॉप में कई ऐसी अहम जानकारियां हों सकती हैं जो कथित कबूलनामे पर कानूनी मोहर लगाने में मददगार साबित होंगी, इसीलिए अब तक इन चीजों के न मिलने से ये सवाल भी उठ रहा है कि कहीं हनीप्रीत सारे सबूत पहले ही तो नहीं मिटा चुकी है?

राम रहीम के जेल जाने के बाद से हनीप्रीत फरार थी, उसे 25 अगस्त को रोहतक जेल के बाहर देखा गया था. इसके बाद करीब 38 दिन तक पुलिस जगह-जगह हनीप्रीत को तलाश करती रही और वो लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकती रही. मुमकिन है कि इस दौरान उसने उन सबूतों को मिटा दिया हो जो उसके लिए मुश्किल पैदा कर सकते हैं.

पंचकूला हिंसा के मामले में पुलिस को कुछ नहीं मिल रहा

एक तरफ हनीप्रीत पुलिस को गुमराह कर रही है तो दूसरी तरफ डेरा की चेयरपर्सन विपासना इंसा जांच में सहयोग नहीं कर रही है, उसे 10 तारीख को पुलिस ने पंचकूला बुलाया था. तब वो बीमारी का बहाना बनाकर नहीं आई.  इसके बाद उसे आज आने के लिए कहा गया लेकिन वो आज भी पंचकूला नहीं पहुंची. पंचकूला हिंसा के मामले में पुलिस अब तक सिर्फ हवा में ही हाथ पैर मार रही है.

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Web Title: Police is investigating with Honeypreet, did not get any evidence
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