दिल्ली चुनाव: राजनीतिक पार्टियों ने प्रचार के लिए जमकर लुटाया फेसबुक पर पैसा

By: | Last Updated: Monday, 9 February 2015 3:27 AM
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नई दिल्ली: दिल्ली में नई सरकार चुनने के लिए वोटिंग हो चुकी है, 10 फरवरी को नतीजे आने के साथ ही साफ हो जाएगा कि दिल्ली की जनता ने किसे चुना. दिल्ली का यहु चुनाव सिर्फ दिल्ली की गलियों और सड़कों पर ही नहीं लड़ा गया बल्कि ऑनलाइन भी इस चुनाव को लेकर खूब बहसबाजी हुई. सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर पर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों में खासी जंग छिड़ी रही.

 

सोशल मीडिया पर छाए रहने के लिए ना केवल राजनीतिक पार्टियों ने बल्कि उम्मीदवारों ने भी खासा पैसा खर्च किया. खास बात यह कि दिल्ली चुनाव की घोषणा का काउंटडाउन शुरु होने के साथ ही सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर विज्ञापनों की कीमत में तार गुना तक का इज़ाफा हो गया.

 

दिल्ली चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही फेसबुक यूजर्स को अपनी न्यूज़फीड में काफी मात्रा में राजनीतिक खबरें, कंटेट मिलना शुरु हो गया. यह कंटेट या तो राजनीतिक पार्टियों के विज्ञापन या उम्मीदवारों के अपने निजी विज्ञापन थे. न्यूज़फीड में इस तरह का कंटेट फेसबुक के “boosted posts” ऑप्शन से आता है जिसके लिए फेसबुक पैसा लेता है.

 

फेसबुक ग्राहक अपने कंटेट को ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाने के लिए अपने कंटेट को ‘boost’ कराते हैं और इसके लिए फेसबुक ग्राहकों से पैसा लेता है. उम्मीदवारों के साथ काम कर चुके डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट्स के मुताबिक 7 फरवरी को वोटिंग से एक दिन पहले फेसबुक पर विज्ञापन की कीमत सबसे ज्यादा थी और इसके एक दिन बाद ही विज्ञापन की कीमत में गिरावट आ गई.

 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक दिल्ली विधानसभा और लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों के सोशल मीडिया प्रचार में शामिल रही एक फर्म Solutions FaKtory के निदेशक आलोक शर्मा कहते हैं, ”नवंबर मध्य तक आप 90 पैसे की कीमत में 100 रुपए चुकाकर 110-112 लाइक्स खरीद सकते थे. वहीं वोटिंग का दिन पास आते ही यानी 4 से 6 फरवरी के बीच यह आंकड़ा 6.50 रुपए से 7.50 रुपए प्रति लाइक हो गया. इसका मतलब है पहले जहां 100 रुपए में 100-112 लाइक्स मिलते थे वहीं अब उम्मीदवारों को 100 रुपए में 12-15 लाइक्स ही मिले. अब चुनाव के बाद यह कीमत गिरकर 3-3.50 रुपए प्रति लाइक हो गई है.”

 

टाइम्स ऑफ इंडिया से वहीं आम आदमी पार्टी के फेसबुक एक्सपर्ट अभिनव बुद्धिराजा ने कहा, ”चुनाव से कुछ दिनों पहले फेसबुक पर विज्ञापन की कीमत में चार गुना तक बढ़ोत्तरी हो गई.” अभिनव के मुताबिक ‘आप’ के बजट के हिसाब से पार्टी वोटिंग से सिर्फ दो दिन पहले ही अंतिम प्रयास के तौर पर अपने कंटेट को ‘boosts’ कर सकती थी. अभिनव कहते हैं, ”हमने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए हर दिन अपने पेज पर लगभग 60 पोस्ट अपडेट की. आप के राष्ट्रीय पेज पर चुनावी दिनों में यूजर्स की संख्या 40 लाख से बढ़कर एक करोड़ 70 लाख तक हो गई. जबकि बीजेपी के पेज पर हर दिन सिर्फ 12 पोस्ट हुए फिर भी उनका कंटेट ज्यादा लोगों तक पहुंचा, जो कि बिना पैसे चुकाए संभव नहीं है.”

फेसबुक के एक प्रवक्ता के मुताबिक वही सिर्फ दिल्ली चुनाव पर टिप्पणी नहीं कर सकते लेकिन उन्होंने बताया, ”वर्ल्ड कप या वैलेंटाइन डे या कुछ और इवेंट पर फेसबुक पर हलचल बढ़ जाती है. दिल्ली चुनाव के दौरान भी हमने इस तरह की हलचल देखी और लोगों ने ज्यादा से ज्यादा इस चुनाव के बारे में फेसबुक पर बात की.”

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दिल्ली चुनाव में खासा उपयोग हुआ. एक अध्ययन के मुताबिक आम आदमी पार्टी सोशल मीडिया का फायदा उठाने में सबसे आगे रही और उसे ऑनलाइन सबसे ज्यादा मेंशन किया गया, हालांकि बीजेपी भी बहुत पीछे नहीं रही. किरन बेदी और अरविंद केजरीवाल के बीच ट्विटर वॉर ने भी खासी चर्चा बटोरी.

सोशल मीडिया पर इस चुनावी खेल में युवाओं और सोशल मीडिया के बीच का रिश्ता भी खासा मायने रखता है. 20 से 35 वर्ष के सबसे ज्यादा युवा वोटर जो कि सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हैं, वे चुनाव को लेकर भी सजग रहे.

 

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