बादल के बस में छेड़खानी कांड का विरोध

By: | Last Updated: Friday, 1 May 2015 8:59 AM
prakash singh badal

नई दिल्ली: पंजाब की बादल सरकार के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है . मोगा बस कांड के खिलाफ आज दिल्ली में महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर के घर के बाहर प्रदर्शन किया है .

 

कांग्रेस मांग कर रही है कि पंजाब में बादल परिवार की ऑर्बिट बस सर्विस बंद की जाए . इसी कंपनी की बस में बच्ची से छेड़छाड़ की घटना हुई थी . कल संसद में भी मामला उठ चुका है . परसों मोगा में बादल परिवार की बस में महिला और उनकी बेटी से छेड़छाड़ की घटना हुई थी . बदमाशों ने दोनों को बस से फेंक भी दिया था जिसमें बेटी की मौत हो गई .

 

पंजाब के मोगा में बस में मां बेटी के साथ पहले छेड़छाड़ हुई और फिर विरोध करने पर उन्हें चलती बस से नीचे फेंक दिया गया. बेटी की मौके पर ही मौत हो गई है और बुरी तरह घायल मां अस्पताल में भर्ती है. जिस बस में हादसा हुआ वो पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के परिवार की है और ये बात सीएम ने खुद मानी है.

 

पंजाब के मोगा में जिस बस में मां बेटी के साथ छेड़छाड़ हुई वह बस पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के परिवार की है. जिस चलती बस से मां बेटी को नीचे फेंक दिया गया उस बस कंपनी के मालिक सीएम के बेटे और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल हैं.

 

इस खौफनाक वारदात ने 13 साल की एक मासूम की जिंदगी छीन ली और बुरी तरह से घायल मां को अस्पताल पहुंचा दिया. घटना चंडीगढ़ से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर पंजाब के मोगा में गिर गांव के पास हुई.

 

बदकिस्मती बताकर सीएम प्रकाश सिंह बादल घटना पर दुख जता रहे हैं. जबकि उनके दुख जताने से ठीक पहले उनकी बहू और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर किसकी बस है ये पता करने की बात कह रही थीं.

 

कहानी को आसानी से समझने के लिए पहले बादल परिवार को को समझ लीजिए. पंजाब के मुख्ममंत्री प्रकाश सिंह बादल के दो बच्चे हैं बेटा सुखबीर सिंह बादल और बेटी प्रनीत कौर.

 

बेटी प्रनीत कौर की शादी आदेश प्रताप सिंह से हुई है. बेटा सुखबीर सिंह बादल जो पंजाब के डिप्टी सीएम हैं उनकी शादी हरसिमरत कौर से हुई है जो कि केंद्रीय मंत्री हैं.

 

हरसिमरत कौर के बाई बिक्रम सिंह मजीठिया सुखबीर सिंह के साले हैं जिन पर आरोप है कि उनके ड्रग तस्करों से संबंध हैं. ईडी ने मजीठिया से पूछताछ भी कर चुका है.

 

अब वापस कहानी पर चलिए जहां बादल परिवार ने ये मान लिया है कि बस उनकी है लेकिन कांग्रेस ने सीएम के बेटे और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है.

 

बस में हुई घटना पर राजनीति गर्म हो चुकी है. बस कंपनी से जुड़ी तमाम जानकारियों से पहले जान लीजिए कि बुधवार को बस में क्या हुआ था.

 

बुधवार शाम को महिला अपनी नौवीं क्लास में पढ़ने वाली 13 साल की बेटी और एक बेटे के साथ मोगा से (भगनपुरा जाने के लिए) बस में सवार हुई थी. बस मोगा से भटिंडा जा रही थी. आरोप है कि मोगा से करीब 10 किलोमीटर दूर गिल गांव के पास कंडक्टर और उसके साथियों ने पहले बेटी से छेड़छाड़ की. मां ने रोका तो मां से भी छेड़छाड़ करने लगे. महिला ने ड्राइवर से बस रोकने के लिए कहा तो आरोपियों ने पहले बेटी को बस से फेंका. और कुछ दूर पर मां को बस से फेंक दिया.

 

बेटी की मौत हो चुकी है जबकि बुरी तरह से घायल मां अस्पताल में भर्ती है. पीड़ित परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है. और पुलिस ने बस कडंक्टर समेत तीन लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है.

 

आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस भले ही दर्ज हो गया है लेकिन कांग्रेस का कहना है कि जब निर्भया कांड में बस मालिक के खिलाफ कार्रवाई हुई तो फिर पंजाब में क्यों नहीं? दो अलग जगहों के लिए अलग कानून क्यों?

 

प्रताप सिंह बाजवा तो यहां तक कह रहे हैं कि पंजाब ट्रांसपोर्ट में ना सिर्फ ऑर्बिट सबसे बड़ी निजी कंपनी है बल्कि पूरे ट्रांसपोर्ट में उसकी 60 फीसदी हिस्सेदारी है.

 

आंकड़े बताते हैं कि इस वक्त पंजाब में बादल परिवार की करीब 250 बसें चलती हैं जो 2007 में सिर्फ 40 हुआ करती थीं. इसको बादल परिवार के सत्ता में आने से भी जोड़ा जाता है क्योंकि 1997 के बाद 2007 में ही बादल सत्ता में आए थे.

 

साल 2007 में बादल परिवार की दो ट्रांसपोर्ट कंपनियां थीं. डबवाली ट्रांसपोर्ट और ऑर्बिट ट्रांसपोर्ट. लेकिन अब 6 ट्रांसपोर्ट कंपनियां हैं.

 

ऑर्बिट ट्रांसपोर्ट

डबवाली ट्रांसपोर्ट

ताज ट्रेवल्स

हरगोबिंद ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड

शान ए पंजाब

और इंडो कैनेडियन ट्रांसपोर्ट में बादल परिवार के शेयर हैं.

इनमें से तीन कंपनियों के नाम तो सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर के हलफनामे में भी दर्ज है. जो लोकसभा चुनाव के लिए हरसिमरत ने दाखिल किया था.

 

आंकड़े बताते हैं साल 2007 में बादल सरकार के आने के बाद से पब्लिक ट्रांसपोर्ट ही खत्म होने लगा है. तमाम बड़े रूटों पर बादल सरकार की बसें चल रही हैं. साल 2011-12 में पंजाब सरकार की 1908 बसें चल रही थीं जबकि 2013-14 में ये घटकर 1662 रह गई हैं.

 

बादल की बस में छेड़छाड़ का ये मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है . संसद में सवाल उठाकर कांग्रेस ने बस पर बैन की मांग की है . ऐसे में अब बादल का ये बस कांड कहां जाकर खत्म होगा कहा नहीं जा सकता?

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