शरीर भले ठीक से साथ न दे रहा हो, पर परवान पे है जज्बे की उड़ान

By: | Last Updated: Thursday, 4 September 2014 5:03 PM
prakash teach students

नई दिल्ली : पांच सितंबर को शिक्षक दिवस है. हम आपको आज देश के ऐसे स्कूलों की कहानी बता रहे हैं जो आपको झकझोर देगी. शरीर भले ठीक से साथ न दे रहा हो पर जज्बा उनके साथ है. विदिशा के शिक्षक प्रकाश अहिरवार शिक्षक शब्द को सार्थक कर रहे हैं.

 

प्रकाश अहिरवार इस फलसफे को बार बार दोहराते हैं. इन छोटे छोटे बच्चों को भी ये बताने की कोशिश करते हैं कि हौसला हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है. मध्य प्रदेश के विदिशा के प्रकाश शारीरिक रूप से कमजोर हैं. बैसाखी के बिना चल नहीं सकते. लेकिन बच्चों को शिक्षा देने के उनके हौसले के आगे कमजोरियों ने भी हार मान ली.

 

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स्कूल की प्रिंसिपल भी बताती हैं कि गर्मी हो ठंड हो या फिर बारिश का मौसम. पर मजाल है कि प्रकाश कभी स्कूल आने से चूक जाएं.

 

स्कूल के अलावा प्रकाश के कंधों पर दूसरी जिम्मेदारी भी है. दो भाई हैं जो पढ़े लिखे नहीं हैं और मजदूरी करते हैं इसलिए घर की आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं है. लिहाजा प्रकाश ने घर चलाने का जिम्मा भी उठा रखा है और इसे वो बहुत अच्छी तरह निभा रहे हैं.