हिम्मते मर्दा तो मददे खुदा: दिहाड़ी मजदूर के बेटों ने IIT में लहराया परचम

By: | Last Updated: Saturday, 20 June 2015 2:22 PM
Pratapgarh labourer’s sons cracked IIT entrance exam

नई दिल्ली: ‘हिम्मते मर्दा तो मददे खुदा’ यानी शख्स हिम्मत करके किसी काम को करता है तो ऊपर वाला भी उसकी हर मदद करता है… पुराने समय की यह कहावत एक बार फिर यूपी के प्रतापगढ़ में उस समय सच साबित हुईं जब दिहाड़ी मजदूरी करने वाले एक शख्स के बेटों ने IIT में कामयाबी हासिल तो कर ली लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के चलते उनकी फीस का परेशानी भी यूपी सरकार के द्वारा मदद की घोषणा के बाद हल हो गई.

 

जी हां! आज हम आपकी मुलाकात यूपी के प्रतापगढ़ के एक गांव में रहने वाले दो होनहार भाईयों से करा रहे हैं. दोनों भाईयों ने IIT की प्रवेश परीक्षा पास की है और खास बात यह है कि दोनों भाईयों ने जिस हालत में परीक्षा पास की है, उसे जानकार आप हैरान रह जाएंगे.

 

प्रतापगढ़ के एक गांव में रहने वाले धर्मराज सरोज के दोनों बेटों ब्रजेश और राजू ने ने IIT की प्रवेश परीक्षा पास की है. अपने बेटों की इस सफलता से धर्मराज फूले नहीं समां रहे थे लेकिन इसके बावजूद उनके सामने जो सबसे बड़ी समस्या उनके आर्थिक स्थिति की थी.

 

पेशे से दिहाड़ी मजदूर धर्मराज सरोज अपनी कमाई से मुश्किल से ही अपना घर चला पाते हैं और बेटों के कामयाबी की सूचना मिलने के बाद धर्मराज के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाखों रुपए की फीस भरने की थी जो उनके लिए नामुमकिन थी.

 

आपको बता दें कि धर्मराज का परिवार कच्चे मकान में रहता है और पिछले साल ही इस घर में बिजली आई है. परिवार ने आज तक पनीर का टेस्ट नहीं लिया है और इस परिवार के पास जमीन का एक टुकड़ा तक नहीं है.

 

संपत्ति के नाम पर इस परिवार के पास आठ बकरी, एक साइकिल और एक टेबल फैन है. घर में ना ही टीवी है और ना ही रेडियो. मोबाइल का नाम लेना भी यहां गुनाह है लेकिन इनके घर की माली हालत और इस आर्थिक बदहाली के बावजूद दोनों भाईंयों ने आईआईटी के प्रवेश परीक्षा में कामयाबी हासिल की है.

 

राजू के पिता धर्मराज सरोज ने बताया कि रिजल्ट आने के बाद वह काफी परेशान थे कि एडमिशन के लिए पैसे कहां से आएंगे ? लेकिन जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने फोन करके दोनों भाईयों के खर्च उठाने की बात कही तो परिवार को बड़ा सहारा मिला. केवल इतना ही नहीं इसके बाद में यूपी के सीएम अखिलेश यादव भी दोनों भाईयों की मदद के लिए सामने आये.

 

IIT प्रवेश परीक्षा पास करने वाले गरीब छात्रों की शिक्षा का खर्च उठाएगी यूपी सरकार

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की प्रवेश परीक्षा में कामयाबी हासिल करने वाले प्रतापगढ़ निवासी मजदूर परिवार के दो छात्रों के दाखिले और शिक्षा का खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाये जाने का एलान किया है.

 

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रतापगढ़ के रेहुआ लालगंज निवासी मजदूर धर्मराज सरोज के बेटों बृजेश और राजू के कठिन परिस्थितियों के बीच आईआईटी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने की मीडिया में आयी खबरों के बाद मुख्यमंत्री ने यह फैसला किया है.

 

मालूम हो कि प्रतापगढ़ के रेहुआ लालगंज निवासी राजू तथा बृजेश ने वर्ष 2015 की प्रतिष्ठित आईआईटी प्रवेश परीक्षा में क्रमश: 167वीं तथा 410वीं रैंक हासिल की है. इन छात्रों के पिता धर्मराज सरोज गुजरात के सूरत की एक मिल में मजदूरी करते हैं और उनकी मासिक आय 12 हजार रुपये हैं. आईआईटी में दोनों बच्चों का प्रवेश कराने के लिये उन्हें एक लाख रपये की व्यवस्था करनी होगी, जो काफी कठिन है.

 

प्रवक्ता ने बताया कि अखिलेश ने सरोज की इस समस्या का संज्ञान लेते हुए यह फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगने से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वालों को समाजवादी सरकार हमेशा प्रोत्साहित करती है और उन्हें हर सम्भव मदद भी मुहैया कराती है. अपनी इसी नीति के तहत राज्य सरकार ने इन बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर उनकी सहायता करने का निर्णय लिया है.

 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिया मदद का भरोसा

 

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘उन सभी लोगों को बधाई, जिन्होंने आईआईटी परीक्षा पास की है. प्रतापगढ के ब्रिजेश और राजू से बात की, जिन्होंने अपनी तमाम कठिनाईयों के बावजूद जबर्दस्त सफलता हासिल की है.’’

 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ के उन दो भाईयों से फोन पर बात की और उन्हें हर सहायता उपलब्ध कराने का भारोसा दिया, जिन्होंने IIT प्रवेश परीक्षा पास की है.

 

प्रतापगढ के एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे 18 साल के राजू और 19 साल के ब्रिजेश ने इस सप्ताह IIT एडवांस्ड परीक्षा पास की है लेकिन अपने सपनों को साकार करने में आर्थिक कठिनाईयां का सामना कर रहे हैं.

 

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने आज सुबह उन दोनों छात्रों से बात की और राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी तथा उनकी विधायक बेटी आराधना सहित पार्टी के स्थानीय नेताओं को इन छात्रों को मदद पहुंचाने का निर्देश दिया.

 

इन दोनों छात्रों ने प्रतापगढ के नवोदय विद्यालय से पढाई की है. अखबारी खबरों के मुताबिक इनके पिता धर्मराज सरोज दिहाड़ी मजदूर हैं और उनके सामने मुश्किल यह है कि उन्हें अपने बच्चों को IIT में प्रवेश दिलाने और सेमेस्टर शुल्क के लिए एक लाख रूपये की जरूरत है.

 

सूत्रों ने बताया कि इस बारे में जानकारी मिलने पर राहुल ने तत्काल पार्टी के स्थानीय नेताओं को फोन किया और फिर सीघे उन दोनों बच्चों से बात की. राहुल प्रतापगढ के पास के अमेठी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. इन बच्चों की समस्या सुनने के बाद राहुल ने प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी को इन बच्चों को मदद पहुंचाने और प्रवेश शुल्क का इंतजाम करने की जिम्मेदारी सौंपी.

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