पीएम मोदी ने झाड़ू लगाकर 'स्वच्छता अभियान' की शुरूआत की, इंडिया गेट पर दिलाई शपथ

By: | Last Updated: Thursday, 2 October 2014 2:27 AM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां गांधी जयंती के अवसर पर खुद झाड़ू लगाकर अपने ‘स्वच्छ भारत’ मिशन की शुरूआत की. इस अभियान का उद्देश्य अगले पांच साल में पूरे देश में स्वच्छता कायम करना है. मोदी ने इस अभियान की शुरुआत के लिए दिल्ली के वाल्मीकि कॉलोनी को चुना, जहां महात्मा गांधी अप्रैल 1946 से सितंबर 1947 तक रहे थे. उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक मिनट तक झाड़ू लगाया. उन्होंने यहां वाल्मीकि मंदिर में भी कुछ मिनट बिताए.

 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मोदी ने राजपथ पर मिशन की औपचारिक शुरूआत से पहले मंदिर मार्ग स्थित वाल्मीकि बस्ती में खुद झाड़ू लगाकर एक फुटपाथ को साफ किया. वाल्मीकि बस्ती सफाई कर्मियों की बस्ती है .

 

यहां मंदिर मार्ग पर मिशन शुरू करते हुए उन्होंने सफाई का निरीक्षण करने के लिए स्थानीय पुलिस थाने का औचक दौरा भी किया. अधिकारियों के साथ पहुंचे मोदी ने कूड़ा उठाया और कूड़ेदान में डाला. बाद में वहां उन्होंने बच्चों से बात की.

वाल्मिकी बस्ती में ही प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने पहले बायो टॉयलेट को जनता को समर्पित किया. उसके बाद इंडिया गेट के लिए रवाना हो गए.

 

आज मोदी सरकार के ‘स्वच्छ भारत’ मिशन के तहत देशभर में केंद्र सरकार के करीब 31 लाख कर्मचारियों ने विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्वच्छता की शपथ ली. इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों से भी इस व्यापक अभियान का हिस्सा बनने को कहा गया है.

 

यह अब तक का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान है जिस पर कुल 62 हजार करोड़ रूपये से अधिक का खर्च आने का अनुमान है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ अभियान ‘राजनीति से परे’ है और देशभक्ति से प्रेरित है.

इस आलोचना को खारिज करते हुए कि उनकी सरकार हर उपलब्धि का श्रेय ले रही है, मोदी ने भारत को स्वच्छ बनाने में पूर्व की सभी सरकारों के प्रयासों को स्वीकार किया. उन्होंने कहा, “मैं राजनीति की बात नहीं कर रहा..यह राजनीति से परे है. यह मेरी देशभक्ति से प्रेरित है, न कि राजनीति से. हम यह राजनीति के उद्देश्य से नहीं कर रहे..मैं सच्चे दिल से कहता हूं..यदि हम इसे राजनीतिक रंग देंगे तो हम भारत मां के साथ न्याय नही कर पायेंगे.” राजपथ पर उन्होंने इस पंचवर्षीय अभियान की औपचारिक शुरूआत की जिसके दायरे में 4,041 नगर होंगे.
 

 

इस अवसर पर अपने 25 मिनट के संबोधन में मोदी ने कहा, “इस देश की सभी सरकारों ने इस कार्य के लिए कुछ न कुछ किया है. कई राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने इस दिशा में काम किया है. जिन्होंने काम किया, मैं उन सबको बधाई देता हूं.”

 

लोगों को भारत को स्वच्छ बनाने की शपथ दिलाते हुए मोदी ने कहा कि यह दायित्व केवल सफाई कर्मचारियों या सरकार का नहीं, बल्कि सभी 125 करोड़ भारतीयों का है. उन्होंने कहा कि आज के अभियान को महज फोटो खिंचवाने के अवसर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

 

मोदी ने कहा कि वह जानते हैं कि कुछ दिन में कार्यक्रम की आलोचना शुरू हो जाएगी, लेकिन उन्हें विश्वास है कि देश के लोग उन्हें निराश नहीं करेंगे .

 

दो अक्तूबर 2014 से सभी 4,041 सांविधिक शहरों में शुरू हो रहे मिशन का नगरीय तत्व पांच साल तक कार्यान्वित रहना प्रस्तावित है. मंत्रिमंडल ने पिछले महीने गांवों में साफ सफाई के अभियान ‘निर्मल भारत अभियान’ का विलय ‘स्वच्छ भारत’ मिशन में करने का फैसला किया था.

 

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की इस आलोचना का जवाब दिया कि सरकार ऐसे व्यवहार कर रही है जैसे कि सबकुछ उसके सत्ता में आने के बाद हुआ है. उन्होंने कहा, “मैं कोई दावा नहीं करता कि जो सरकार अभी अभी निर्वाचित हुई है, उसने सबकुछ किया है.” कांग्रेस मोदी पर यह आरोप लगाकर हमले कर रही है कि वह संप्रग शासन में शुरू किए गए कार्यों का श्रेय ले रहे हैं और यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि हर अच्छा काम केवल उन्होंने किया है .

 

यह याद करते हुए कि उन्होंने लाल किले की प्राचीर से सभी सरकारों को बधाई दी थी, मोदी ने कहा, “आज भी इस मंच से, मैं सभी सरकारों..केंद्र, राज्य, और निगमों, सामाजिक संगठनों को बधाई देता हूं और नमन करता हूं जिन्होंने इस दिशा में काम किया है, चाहे वे सर्वोदय के नेता हों या सेवा दल के कार्यकर्ता हों. मैं उनके आशीर्वाद से इस कार्यक्रम को शुरू करता हूं.” मोदी ने कहा कि हर कोई प्रशंसा का हकदार है और मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाया जाना चाहिए.

 

उन्होंने कहा, “हमारे सामने हर किसी ने इसके लिए काम किया है . महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने इसकी अगुआई की थी..कौन सफल रहा, कौन नहीं . हमें इस विवाद में नहीं पड़ना चाहिए कि यह किसने किया है, किसने नहीं किया है . हमें जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए.”

 

मोदी ने लोगों को यह शपथ दिलाई-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की शुरुआत करने के बाद राजपथ पर मौजूद लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई. पीएम मोदी ने कहा कि  महात्मा गांधी ने जिस भारत का सपना देखा था उसमें सिर्फ राजनीतिक आजादी ही नहीं थी, बल्कि एक स्वच्छ और विकसित देश की कल्पना भी थी. महात्मा गांधी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर मां भारती को आजाद कराया. अब हमारा कत्र्तव्य है कि गंदगी को दूर करके भारत माता की सेवा करें.

 

शपथ के अंश इस प्रकार हैं:

 

  • मैं शपथ लेता हूं कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूंग और उसके लिए समय दूंगा.

  • मैं वर्ष के 100 घंटे यानी सप्ताह के दो घंटे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करूंगा.

  • मैं न गंदगी करूंगा और न किसी और को करने दूंगा.

  • सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से, मेरे मुहल्ले से, मेरे गांव से एवं मेरे कार्यस्थल से शुरुआत करूंगा.

  • मैं यह मानता हूं कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं उसका कारण यह है कि वहां के नागरिक गंदगी नहीं करते और न ही होने देते हैं.

  • इस विचार के साथ मैं गांव-गांव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूंगा.

  • मैं आज जो शपथ ले रहा हूं, वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करावाऊंगा.

  • वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घंटे दें, इसके लिए प्रयास करूंगा.

  • मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा. भारत माता की जय!