एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा-लोग अब एक दल को सरकार की कमान देना चाहते हैं

By: | Last Updated: Thursday, 2 October 2014 1:37 PM
prithviraj chavan

नई दिल्ली : एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में आज हमारे तीखे सवालों का जवाब दिए हैं महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण.

 

चव्हाण ने कहा कि गठबंधन की वजह से विकास दर में प्रभाव पड़ा है. देश की जनता ने एक ही दल के हाथों देश की कमान सौंप दी. 1999 में जब कांग्रेस में महत्वकांक्षा की वजह से फूट हुई उसी वजह से एनसीपी का जन्म हुआ. महाराष्ट्र को हमने देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनाया.

 

सवाल : NCP से अलग होकर फायदा या नुकसान ?

 

उत्तर . देखिए देश की जनता अब किसी एक दल को सरकार सौंपना चाहती हैं. उसे जिम्मेदार बनाना चाहती है.

 

हर दम का यह फैसला था कि जिसकी सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी इसको मुख्यमंत्री पद मिलेगा. जिस दिन गठबंधन टूटा उस दिन एनसीपी द्वारा कहा जाने लगा कि ढ़ाई-ढ़ाई साल का मुख्यमंत्री दोनों दलों को दी जाए. कांग्रेस एक वरिर्ष्ठ सहयोगी है. हमने तो पहले ही कहा था कि जो दल सबसे अधिक सीटें लाएगा वह मुख्यमंत्री बनेगा.

 

सेक्यूलर वोट नहीं बटना चाहिए इसलिए हम चाहते हैं कि एनसीपी हमारे साथ रहे.

 

सेक्यूलर वोट ना बंटे इसके लिए क्या आप भ्रष्टाचार से समझौता करना आपके मुताबिक महत्वाकांक्षी लोगों से समझौता करना उचित है. इस पर चव्हाण ने कहा है कि देखिए यह कहना आसान है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी गठबंधन से दूर क्यों नहीं हो जाते. रेशनल बनना पड़ता है.

 

सवाल : मुंबई में कैसे जीतेंगे ?

 

आपने मोनो रेल, मुंबई मेट्रो का उद्धाटन किया. आपने कोई ऐसे काम बताएं जो आपने शुरू किए हों.

 

देखिए हमने कई ऐसे योजनाएं शुरू किए काम पूरे हुए. कई काम हमसे पहले शुरू हुए. कई सारे प्रोजेक्ट चल रहे हैं. कई सारे प्रोजेक्ट हमने आगे बढ़ाएं.

 

आपकी क्या मजबूरी है कि अजीत पवार को क्लीन चीट देनी पड़ी.

 

कुछ आंकड़ें गलत हैं परिभाषाएं गलत हैं इसलिए हमने व्हाइट पेपर प्रस्तुत करें. ऐसा मैंने किया था.

 

मुंबई आज जमीन नहीं है. सभी चाहते हैं कि हमको घर मिले. हमने एक व्यवस्था के अंदर जमीन देने का काम किया. मैं चाहता हूं कि सबको घर मिले. हमने इसके लिए योजनाएं बनाई है.

 

सवाल: मोदी की लहर का तोड़ क्या है?

 

उत्तर : लोकसभा में जो हुआ उसका विश्लेषण अभी भी हो रहा है. लोगों के बीच यूपीए 2 के खिलाफ गुस्सा था. जिसे लोगों ने लोकसभा में दिया. किसी दिल्ली में बैठे के लिए महाराष्ट्र में लोग वोट नहीं देंगे. विधानसभा के लिए अलग लोगों की सोच होती है.