J&K: मारे गए आतंकियों से मिले अमेरिकी सेना के हथियार, मसूद अजहर के भांजे समेत 3 आतंकी ढेर

J&K: मारे गए आतंकियों से मिले अमेरिकी सेना के हथियार, मसूद अजहर के भांजे समेत 3 आतंकी ढेर

पिछले कुछ समय से जम्मू कश्मीर में जैश ए मोहम्मद की गतिविधियां बढ़ गईं थीं. घाटी में बीते दिनों हुए आतंकी हमलों में जैश ए मोहम्मद सीधे तौर शामिल रहा है. जैश लगातार घाटी में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में लगा हुआ था.

By: | Updated: 07 Nov 2017 11:48 AM
pulwama, talha rasheed Nephew of Jaish e Mohammad chief Masood Azhar killed by Security personnel

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को आज बहुत बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने आज आतंकियों से मुठभेड़ में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद की कमर तोड़ने का काम किया है. सुरक्षाबलों ने जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के भांजे आतंकी तल्हा रशीद समेत तीन आतंकियों को ढेर कर दिया. मारे गए दो अन्य आतंकियों में एक पाकिस्तान का रहने वाला है वहीं दूसरा जम्मू कश्मीर का ही है. इस ऑपरेशन में सेना का एक जवान भी शहीद हो गया है.


आतंकियों से मिले अमेरिका सेना वाले हथियार
जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आतंकियों के पास से AK74 रायफल औऱ M4 कार्बाइन बरामद हुई है. सेना की ओर से बताया गया कि ये अथियार अमेरिकी सेना अफ्गानिस्तान और इराक में इस्तेमाल करती है. पुलिस ने पत्रकारों को भी ये हथियार दिखाए.


पाक ने कबूला- 'उनका था आतंकी'
जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी मुनीर अहमद ने बताया कि इस तरह के हथियारों की फोटो वायरल करके आतंकी सिर्फ डर का माहौल बनाना चाहते हैं. लेकिन हम इस के हथियारों को छुपाना और इनका इस्तेमाल करना बेहद कठिन है. इसलिए हम आतंकियों से जल्द ही ऐसे हथियारों को बरामद कर लेंगे.  आईजी मुनीर अहमद ने कहा कि पाकिस्तान ने पहली बार माना है कि ये पाकिस्तान का आतंकी था, अब हम पाकिस्तान से उसका शव लेने के लिए भी कहेंगे.
Munir khan show weapon 3

सुरक्षाबलों से मिली जानकारी के मुताबिक कल देर शाम उन्हें पुलवामा के एक गांव में जैश ए मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी. इसके बाद इलाके की घेराबंदी करके ऑपरेशन शुरू किया गया.


पिछले कुछ समय से जम्मू कश्मीर में जैश ए मोहम्मद की गतिविधियां बढ़ गईं थीं. घाटी में बीते दिनों हुए आतंकी हमलों में जैश ए मोहम्मद सीधे तौर शामिल रहा है. जैश लगातार घाटी में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में लगा हुआ था.


जैश के आतंकी घुसपैठ के घाटी में दाखिल हुए थे. माना जा रहा है कि इन्हीं आतंकियों के साथ तल्हा रशीद भी आया था. ऐसे में तल्हा रशीद का मारा जाना आतंकियों के लिए बहुत बड़ा झटका और सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.


कौन है मसूद अजहर?


जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर जिसे 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड के बाद भारत को रिहा करना पड़ा था. तब भारत की मजबूरी थी क्योंकि इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 814 के 178 यात्रियों को सही सलामत आतंकियों के कब्जे से छुड़ाना था. भारत के चंगुल से छूटते ही मसूद ने जैश-ए-मोहम्मद बनाया औऱ फिर भारत के खिलाफ जहर और जंग का एलान कर दिया.


छूटने के दो साल में ही मसूद अजहर ने 2001 में संसद पर हमला करके एहसास कराया कि उसे छोड़ना कितनी बड़ी भूल थी. संसद हमले के बाद मसूद ने भारत के खिलाफ नए सिरे से आतंकी हमले को अंजाम देना शुरू किया. पठानकोट एयरबेस पर हमला मसूद के आतंकियों ने किया. 7 महीने के बाद फिर मसूद ने उरी में सेना मुख्यालय पर हमला करके खुद को भारत का दुश्मन नंबर एक साबित कर दिया है.

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Web Title: pulwama, talha rasheed Nephew of Jaish e Mohammad chief Masood Azhar killed by Security personnel
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