राहुल गांधी फेल! एबीपी न्यूज के पैनल ने राहुल को दिए 10 में सिर्फ तीन नंबर

By: | Last Updated: Wednesday, 3 September 2014 11:42 AM
rahul gandhi report card

नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कांग्रेस के भीतर से उठ रही आवाज को लेकर पार्टी में एक खेमा राहुल के बचाव में खुलकर सामने आ गया है. पार्टी के 16 सचिवों ने साझा बयान जारी कर रहा है कि राहुल के खिलाफ बयानबाजी नहीं रुकी तो इसकी शिकायत सोनिया गांधी से की जाएगी.

 

इस बीच मोदी के सौ दिन पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड बनने के बीच एबीपी न्यूज ने राहुल गांधी की रेटिंग की है.

 

मोदी सरकार के बीते सौ दिनों में राहुल गांधी की संसद में एक्शन वाली तस्वीर देश ने देखी थी.  और अब जब सौ दिनों के प्रधानमंत्री मोदी के काम को आंका जा रहा है तो एबीपी न्यूज ने राहुल गांधी के कामकाज को भी परखा है.

 

एबीपी न्यूज के पैनल में वही पांच विशेषज्ञ शामिल हैं जिन्होंने मोदी के कामकाज की पड़ताल की थी. वरिष्ठ लेखक और चिंतक आकार पटेल, वरिष्ठ लेखक और पत्रकार कंचन गुप्ता, आर्थिक मामलों पर पैनी नजर रखने वाले शंकर अय्यर, वरिष्ठ पत्रकार जयंत घोषाल और विश्लेषक अभय कुमार दुबे.

 

राहुल को मिले दस में तीन

 

इस पैनल ने राहुल गांधी को दस में से दिए हैं सिर्फ तीन नंबर. सिर्फ तीन नंबर यानि हमारे पैनल की नजर में राहुल गांधी पिछले सौ दिनों में बिलकुल नाकाम साबित हुए है. राहुल गांधी को सबसे ज्यादा चार नंबर जयंत घोषाल ने दिए हैं. सबसे कम दो नंबर अभय कुमार दुबे से मिले हैं. आकार पटेल, कंचन गुप्ता और शंकर अय्यर ने तीन-तीन नंबर दिये हैं.

 

एबीपी न्यूज के पैनल का मानना है कि चुनावों में करारी हार के बाद हताशा में डूबी कांग्रेस को बचाने के लिए फ्रंटफुट पर आकार राहुल को खेलना चाहिए था. संसद के अंदर पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए था. पूरे देश में घूम कर राहुल को कार्यकर्ताओं के बीच बात करनी चाहिए, संसद के अंदर और बाहर मोदी सरकार को महंगाई के मुददे पर जमकर घेरना चाहिए था. इन सौ दिनों में राहुल ने सिर्फ एक बार महंगाई पर मोदी सरकार पर हमला बोला था.

 

महिला कार्यकर्ताओं के बीच भी एक बार राहुल नजर आए लेकिन पार्टी में जोश भरने की जगह ऐसा बयान दिया जो खुद सुर्खियों में आ गया. हार से सीखकर भी राहुल सीधी जिम्मेदारी लेने से बचते नजर आए. हार के वजहों की समीक्षा के लिए बनी ए के एंटनी कमेटी ने भी हार के लिए मीडिया और मोदी के आक्रामक प्रचार की तोड़ नहीं निकाल पाने जैसे कारण गिनाए थे और राहुल को क्लीन चिट दी थी.

 

हालांकि दिग्विजय सिंह समेत पार्टी के कई नेताओं ने राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठाए . फिलहाल सौ दिनों में राहुल का काम औसत से कम रहा और इसलिए राहुल सवालों के घेरे में हैं. हालांकि इस बीच कांग्रेस को उतराखण्ड, बिहार ,कर्नाटक ,मध्यप्रदेश और पंजाब में हुए विधानसभा उपचुनावों में जीत जरुर मिली.

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Web Title: rahul gandhi report card
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