संसद में सरकार का एलान, सेतु समुद्रम के लिए रामसेतु नहीं तोड़ा जाएगा

By: | Last Updated: Thursday, 14 August 2014 7:12 AM

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सेतु समुद्रम के मुद्दे पर आज पुरजोर शब्दों में ऐलान किया कि किसी भी सूरत में राम सेतु (सेतुसमुद्रम) को तोड़ा नहीं जाएगा.

 

सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा, ‘‘ हम किसी भी हालत में राम सेतु को तोड़ेंगे नहीं. राम सेतु को बचाकर देशहित में प्रोजेक्ट हो सकता है तो हम करेंगे. ’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘ यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है और इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. उच्चतम न्यायालय में इस मुद्दे पर हम ऐसा सुझाव देंगे जो सभी संबंधित पक्षों को मान्य होगा. ’’

 

गडकरी ने कहा कि वह इसी महीने इस मामले को देखने के लिए तमिलनाडु का दौरा करेंगे.

 

प्रस्तावित सेतुसमुद्रम शिपिंग कैनाल प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की परियोजना है जिसमें इस क्षेत्र को बड़े पोतों के परिवहन योग्य बनाना और साथ ही तटवर्ती इलाकों में मत्स्य और नौवहन बंदरगाह स्थापित करना है.

 

क्या है सेतू समुद्रम?

सेतु समुद्रम परियोजना के जरिये समंदर में नया रास्ता बनाने की तैयारी थी. इसके लिए पाक बे और मन्नार की खाड़ी के बीच समंदर में खुदाई कर नया रास्ता बनाया जाना था. इसके लिए रामसेतु को तोड़ा जाता. सेतु समुद्रम बनने से भारत का पूर्वी और पश्चिमी तट जोड़ने की योजना थी. इससे समंदर में अरब सागर जाने के लिए 380 किलोमीटर की दूरी के साथ साथ जहाज के लिए 30 घंटे का समय भी बचता.