12 एकड़ में फैले आश्रम के मालिक रामपाल के पास हैं BMW से मर्सिडीज तक सभी लग्जरी गाड़िया

By: | Last Updated: Thursday, 20 November 2014 2:15 AM
Rampal Lives in 12-Acre Ashram, Owns BMWs, Mercs

नई दिल्ली: 2010 में कंपनी में जुनियर इंजीनियर पद पर काम कर रहे एक इंसान को इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि वह लापरवाही से काम करता था. आज उसी इंसान के पास 100 करोड़ का डेरा है और दुनिया आज उसे संत रामपाल के नाम से जानती है.

 

62 साल के इस बाबा के पास BMW से लेकर मर्सिडीज हर तरह की लग्जरी गाड़िया हैं और ये हरियाणा के बरवाला में स्थित 12 एकड़ के एक आश्रम में रहते हैं. बाबा के इस आश्रम में खास भक्तों के लिए एयर-कंडिशन वाले रूम हैं और लेक्चर देने के लिए हॉल भी है जहां पर बड़े बड़े एलईडी स्क्रिन्स भी लगे हुए हैं.

 

रामपाल की अपनी  बेवसाइट  भी है जिस पर उनके नियम लिखे गए हैं. इस बेवसाइट पर रामपाल के संत्संग को लाइव भी दिखाया जाता है.  बाबा के पास अपना फेसबुक और यू-ट्यूब अकाउंट भी है. पिछले एक दिन में बाबा के लगभग 2000 नए लाइक्स बढ़ गए हैं.

 

बाबा का कहना है कि यूपी, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश पंजाब और दिल्ली में करीब 25 लाख फॉलोवर्स हैं. राजस्थान, मध्यप्रदेश और  दिल्ली में रामपाल की अपनी प्रॉपर्टी भी है.

 

रामपाल का जन्म 1951 में हरियाणा के ही गांव सोनपत में एक किसान परिवार में हुआ था. रामपाल पढ़ाई पूरी करने के बाद हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर थे. इसी दौरान उनकी भेंट 107 साल के कबीरपंथी संत स्वामी रामदेवानंद महाराज से हुई. रामपाल उनके शिष्य बन गये. इसके बाद 1995 में उन्होंने 18 साल लंबी अपनी नौकरी छोड दी और सत्संग करने लगे. 1999 में उन्होंने सतलोक आश्रम की नींव रखी.

 

संत रामपाल जी महाराज किसी भगवान को नहीं मानते, किसी भी देवी देवता की पूजा के सख्त खिलाफ हैं संत रामपाल, लेकिन कबीरपंथी रामपाल खुद को परमेश्वर बताते हैं.

पिछले 14 दिनों से चल रहे ड्रामे के बाद रामपाल को पुलिस ने उनके आश्रम से गिरफ्तार कर लिया. रामपाल को गिरफ्तार करने में पुलिस का खासी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस और रामपाल के समर्थकों के बीच झड़पें भी हुईं जिसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई. आश्रम का दावा है कि इन लोगों की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने गोली नहीं चलाई.

 

क्या है इनका ज्ञान-

  • नशीले पदार्थों के सेवन का विरोध – संत रामपाल अपने अनुयायइयों को हुक्का, शराब, बीयर, तम्बाखु, बीड़ी, सिगरेट, हुलास सुंघना, गुटखा, मांस, अण्डा, सुल्फा, अफीम, गांजा और अन्य नशीली चीजों का सेवन तो दूर रहने की बात कहते हैं.
     

  • तीर्थ स्थानों पर जाना निषेध – संत रामपाल किसी भी तरह के व्रत, पूजा पाठ को नहीं मानते. साथी ही गंगा स्नान, मंदिरों में जाने को भी बुरा मानते हैं.
     

  • जन्म-मरण के बाद होने वाले किसी भी तरह के पूजा पाठ का विरोध करते हैं. साथ ही पितरों के पूजा का भी विरोध करते हैं.
     

  • मांसाहारी भोजन और समाज में छूआछूत का विरोध करते हैं.
     

  • किसी भी अवसर पर किए जाने वाले नाच-गान को अश्लील मानते हैं और उसका पूर्ण रूप से विरोध करते हैं.
     

  • विवाह के मौके पर दिए जाने वाले किसी भी तरह के दहेज के लेन देन के खिलाफ हैं. उनका कहना है कि दहेज लेना व देना कुरीति है तथा मानव मात्र की अशांति का कारण है.

 

क्या है विवाद?

 2006 में स्वामी दयानंद की लिखी एक किताब पर संत रामपाल ने एक टिप्पणी की, आर्यसमाज को ये टिप्पणी बेहद नागवार गुजरी और दोनों के समर्थकों कें हिंसक झडप हुई. घटना में एक शख्स की मौत भी हो गयी. घटना के बाद एसडीएम ने 13 जुलाई 2006 को आश्रम को कब्जे में ले लिया. रामपाल और उनके 24 समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया. 2006 में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ था जिसमें उन्हें 21 महीने जेल में रहना पड़ा था. तब से रामपाल जमानत पर हैं.  पिछले चार सालों में रामपाल 43 बार कोर्ट के आदेश का अवहेलना कर चुके हैं.

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Web Title: Rampal Lives in 12-Acre Ashram, Owns BMWs, Mercs
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