ABP स्पेशल: रामपाल के चौंकाने वाले प्रसाद, तहखाने और स्वीमिंग पुल

By: | Last Updated: Friday, 21 November 2014 5:16 PM
Reality of Rampal’s mysterious life

नई दिल्ली: विवादित धर्मगुरू रामपाल के आश्रम के बाहर कई दिन तक चले ऑपरेशन के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. रामपाल सलाखों के पीछे है और 28 नवंबर को रामपाल को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा. लेकिन संत का चोला ओढ़े इस बाबा के आश्रम के भीतर से चौंकाने वाली तस्वीर सामने आ रही है.

 

हैरान मत होइए. हम जो बताने जा रहे हैं वो अपने को संत कहने वाले रामपाल का सच है और ये कि वो दूध से नहाता है.

 

दूध से नहाते थे रामपाल और उसी का खीर बनाकर बंटता था प्रसाद

 

ध्यान की मुद्रा में बैठे संत रामपाल पर दूध की धारा गिराई जाती थी. रामपाल पर गिरने वाला दूध एक बर्तन में इकट्ठा किया जाता था और इसी दूध से खीर बनाकर आश्रम में बाबा के दर्शन करने आए भक्तों बांटी जाती थी और इसे संत रामपाल का प्रसाद कहा जाता था.

 

इंडियन एक्सप्रेस अखबार में छपी खबर के मुताबिक रामपाल के एक समर्थक ने बाबा का ये चौंकाने वाला सच बताया है. अखबार के मुताबिक एक दूसरे भक्त ने बताया कि कमरे की छत पर लगे एक पाइप से रामपाल पर दूध गिराया जाता था और फिर उसी दूध से खीर बनाकर आश्रम में मौजूद लाखों भक्तों के बीच प्रसाद के तौर पर बांटी जाती थी.

 

दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक आश्रम में प्रसाद बांटते वक्त भक्तों से कहा जाता था कि इस खीर से ही आपके जीवन में मिठास आएगी.

 

अपने नहाए हुए दूध से प्रसाद बनवाकर भक्तों के जीवन में मिठास लाने वाला रामपाल फिलहाल सलाखों के पीछे है. बुधवार रात करीब 9.15 बजे रामपाल को हिसार के बरवाला आश्रम से गिरफ्तार कर लिया गया. अब 28 नवंबर को कोर्ट में रामपाल की पेशी होगी.

 

पिछले कई दिनों से गिरफ्तारी से भाग रहा रामपाल बीमारी का बहाना बनाकर आश्रम में छिपा हुआ था, लेकिन कोर्ट में पेशी से पहले हुए मेडिकल में साफ हो गया था कि रामपाल पूरी तरह स्वस्थ है. रामपाल को कोर्ट ने आठ दिनों के लिए जेल भेज दिया है.

 

2006 में हुई हिंसक झड़प के मामले में 21 महीने जेल की हवा खा चुका है रामपाल और अब एक बार फिर रामपाल सलाखों के पीछे पहुंच चुका है.

 

रामपाल के तहखाने

 

सलाखों के पीछे मौजूद बाबा अपने आश्रम में कैसी जिंदगी जीता था ये देखकर आप चौंक जाएंगे, क्योंकि बाहर से आश्रम दिखने वाला रामपाल का ये ठिकाना किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है.

 

रामपाल के रहस्यलोक की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जो यकीनन किसी आश्रम का हिस्सा नहीं हो सकतीं. पुलिस रामपाल के आश्रम के अंदर तो पहुंच चुकी है लेकिन तलाश है आश्रम में बने रामपाल के तहखाने की.

 

आश्रम में लिफ्ट है और सवाल है कि क्या ये लिफ्ट उस अनदेखी जगह तक जाने का रास्ता है जहां सतलोक आश्रम के और रामपाल के रहस्य छिपे हुए हैं.

 

आश्रम को पूरी तरह से खाली करा लिया गया है और पुलिस पूरे आश्रम के सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है.

 

एबीपी न्यूज जब आश्रम के अंदर पहुंचा तो तमाम जगहों के साथ ये लिफ्ट नजर आई जो चल नहीं रही थी. पुलिस को खबर मिली है कि आश्रम में एक तहखाना भी है और शायद लिफ्ट से होते हुए उस तहखाने तक पहुंचा जा सकता है.

 

तहखाना सुनकर कुछ तस्वीरें आंखों के सामने घूमती है लेकिन वहां मौजूद एक शख्स ने जो बताया जरा वो सोचने पर मजबूर करता है. उसका कहना है कि पांच मंजिला है उनका तहखाना.

 

बरवाला में रामपाल का सतलोक आश्रम पांच मंजिला है और अगर इन दावों में सच्चाई है तो इतना ही बड़ा साम्राज्य आश्रम के नीचे बसा हुआ है. नीचे बसे पांच मंजिला रामपाल के साम्राज्य में तहखाना भी हो सकता है सुरंग भी हो सकती है.

 

इन खबरों और दावों पर यकीन इसलिए भी हो रहा है क्योंकि साल 2006 में जब रोहतक के करौंथा आश्रम में पुलिस ने छापा मारा था आश्रम में मिली थी सुरंग.

 

सुरंग रामपाल के कमरे से निकलती थी और करीब 100 मीटर लंबी थी. सुरंग के दोनों छोर पर सोफे के साथ हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी हुई थी. जिसके जरिए रामपाल अचानक अपने समर्थकों के सामने पेश होता था.

 

रामपाल के रहस्यलोक की एक झलक करौंथा आश्रम में मिल चुकी है. अब सतलोक आश्रम में पुलिस खुफिया रास्तों की तलाश कर रही है, जो रामपाल के रहस्य से पर्दा उठाने में मदद करेंगे.

 

रामपाल के सतलोक आश्रम में होटल जैसी सुविधाएं मौजूद है. अब इन सुविधाओं का इस्तेमाल रामपाल अकेला करता था या नहीं ये तो कहा नहीं जा सकता लेकिन सुविधाएं क्या-क्या थीं वो जबरदस्त हैं. स्वीमिंग पूल, टाइल्स मार्बल वाले चमचमाते बड़े-बड़े हॉल, 40 इंच स्क्रीन वाले एलसीडी, एक्सरसाइज करने वाली साइकिल और रामपाल की बुलेट प्रूफ गाड़ी.

 

ये सबकुछ चौंकाता है. किसी आश्रम में जहां हजारों भक्त सत्संग सुनने के लिए आते हैं वहां भला इतना बड़ा स्वीमिंग पूल क्यों है. जाहिर है भक्त तो इस स्वीमिंग पूल में डुबकी नहीं लगाते होंगे तो फिर क्या रामपाल ने सत्संग के बाद पूल में आराम करने के लिए ये व्यवस्था करवाई थी.

 

आश्रम में जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे थे. तस्वीरें हैरान कर रही थीं. ऐसे कई कमरे नजर आए जहां करीब 40 इंच के टीवी लगे हुए थे. तिजोरियां थीं. पलंग थे. लेकिन ये कह पाना मुश्किल था कि रामपाल इन कमरों में आराम फरमाता होगा.

 

चौथे माले का सच
 

सतलोक आश्रम के चौथे माले की तस्वीर ने हैरान कर दिया. प्लास्टिक की तमाम बोतलों में केमिकल भर कर रखा गया था. इस कैमिकल के जरिए आश्रम के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों पर हमला किया जा रहा था.

 

एक आश्रम में इस तरह के ज्वलनशील केमिकल इकट्ठे करके क्यों रखे गए थे. हमले के लिए इतनी तैयारी क्यों की गई थी. बड़ी बड़ी ट्रॉली में हमले के लिए पत्थर जमा किए गए थे.

 

खुद को संत बताने वाला रामपाल बुलेट प्रूफ शीशे से अपने भक्तों को सत्संग करवाता रहा है. बुलेटप्रूफ चेंबर की सच्चाई साल 2006 के छापों में सामने आई थी. जहां हाइड्रोलिक लिफ्ट के जरिए चलने वाले रामपाल के ऐसे 8 सिंहासन मिले थे लेकिन सतलोक आश्रम में नजर आई रामपाल की बुलेटप्रूफ गाड़ी.

 

12 एकड़ में फैला ये आश्रम कितना बड़ा है वो इन तस्वीरों से साफ हो रहा है. आश्रम के कई हिस्से अभी ऐसे हैं जहां तक पहुंचना बाकी है और रामपाल के रहस्यों से पर्दा उठना बाकी है.