चार साल की लड़ाई के बाद दलित महिला को मिला झंडा फहराने का अधिकार

By: | Last Updated: Friday, 15 August 2014 3:56 PM
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मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की दलित महिला सरपंच बादामी बाई के लिए आजादी की 67वीं वर्षगांठ खास रही, क्योंकि चार साल की लम्बी लड़ाई के बाद उसे झंडा फहराने का अधिकार जो मिल गया.

 

पिछले चार वर्षो से मुरैना जिले की पुरावसकलां में दबंग लोग स्वाधीनता दिवस व गणतंत्र दिवस समारोह में झंडा फहराने का मौका नहीं दे रहे थे, इस बार के रक्षाबंधन के मौके पर भोपाल पहुंचकर सरपंच बादामी बाई ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को राखी बांधी और अपनी व्यथा सुना डाली.

 

दलित महिला सरपंच की बात सुनकर मुख्यमंत्री चौहान ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि स्वाधीनता की वर्षगांठ पर बादामी को झंडा फहराने का अधिकार दिया जाए.

 

बादामी देवी ने मुरैना जिलाधिकारी से लेकर भारतीय मानवाधिकार आयोग तक से शिकायत कर अपना अधिकार मांगा था. शुक्रवार को प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में बादामी बाई ने झंडा फहराया.

 

उसका कहना था कि पिछले वर्षो में वह सरकारी विद्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में आती थी मगर बैठने को कुर्सी तक नहीं दी जाती थी, गांव के प्रभावशाली लोग झंडा फहराते थे, आज वह बेहद खुश है क्योंकि उसे अपना अधिकार मिल गया है.

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