रोहतक: ABP न्यूज़ पर खबर दिखाने के बाद कॉलेज प्रशासन का रुख नर्म

By: | Last Updated: Saturday, 18 April 2015 11:24 AM
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नई दिल्ली: रोहतक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट से निकाले गए 13 कश्मीरी छात्रों की खबर एबीपी न्यूज़ पर दिखाने के बाद कालेज प्रशासन का रूख नर्म नजर आया है. कालेज प्रशासन ने समाधान खोजने का आश्वासन दिया है.

 

निकाले गए छात्रों ने जिला उपायुक्त से मुलाकात की और जिला उपायुक्त ने भी मामले में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है.

 

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृति योजना के तहत रोहतक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट ने 13 कश्मीरी छात्रों को कालेज से निकाल दिया क्योंकि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से फंड जारी नहीं किए गए थे. अब ये छात्र दर-दर की ठोकर खा रहें है.

 

निकाले गए छात्र अपने भविष्य का खराब होता देख जिला प्रशासन के चक्कर काट रहें हैं, इसी मामले में इन सभी छात्रों ने जिला उपायुक्त शेखर विधार्थी से मुलाकात की. जिला उपायुक्त ने मामले की जांच कर हर प्रकार की मदद करने का आश्वासन दिया. जिससे ये छात्र भी संतुष्ट नजर आए और अब इन्हें कुछ उम्मीद लगी है कि उनका भविष्य खराब होने से बच सकता है.

 

मीडिया में मामला उछलने के बाद कालेज प्रशासन का भी रूख कुछ नर्म पडा और अब इन छात्रों से बातचीत करने की बात कह रहें हैं. कालेज के रजिस्ट्रार एस के धमीजा का कहना कि कुल 23 छात्रों में से 10 छात्रों की मंजूरी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से फंड मिला है जिन्हें रख लिया गया है और 13 छात्रों को कालेज से बाहर कर दिया है.

 

साथ ही धमीजा ने कहा कि जिन छात्रों के 60 प्रतिशत से उपर नंबर हैं उनकी ही छात्रवृति की अनुमति मिली है. फिर भी वे इन छात्रों के भविष्य से खिलवाड नहीं होने देंगे और फिलहाल उन्होंने छात्रों को उनसे मिलने की बात कही है.

 

छात्र ओवैश ने बताया कि उन सभी के 60 प्रतिशत से उपर अंक है. फिर भी कहा जा रहा है कि उनकी छात्रवृति की अनुमती नहीं मिली. जबकी बहुत से ऐसे छात्र भी हैं जिनके 60 प्रतिशत से कम अंक हैं फिर भी उनका छात्रवृति के तहत दाखिला हुआ है. अब ऐसे में उन्हें लगता है कि कहीं ना कहीं कुछ गोलमाल है.

 

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से कश्मीरी स्टूडेंट्स को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना की शुरूआत की गई थी. इस योजना के तहत डिग्री, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कालेज में जम्मू कश्मीर से बाहर के राज्यों में दाखिल लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए छात्रवृत्ति का प्रावधान है.

अगस्त 2013 में जम्मू कश्मीर के नासिर सोफी, तोसिफ अहमद लोन, इरफान अहमद, मोहम्मद आसिफ भट्ट, ओवेस मकबूल, पीरजादा आमिर, जावेद अहमद, शाह नवाज रसीद, जहूर अहमद मीर, सूहैल अहमद, तारीक अब्दुल्ला, उबैद बशीर और इशफाख अहमद डार ने रोहतक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के बीटैक कोर्स में दाखिला लिया.

 

शुरूआत में ही कॉलेज प्रबंधन की ओर से इन स्टूडेंट्स को आश्वासन दे दिया गया था कि छात्रवृत्ति योजना के तहत उनसे किसी प्रकार की फीस नहीं वसूली जाएगी, लेकिन अब दो साल बाद प्रबंधन ने रूख अचानक ही बदल गया. प्रबंधन ने सभी स्टूडेंट्स से कॉलेज फीस और हास्टल फीस की मांग करनी शुरू कर दी. जब स्टूडेंट्स ने इंकार कर दिया तो उन्हें कॉलेज और हॉस्टल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

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