धर्म परिवर्तन में मुस्लिम परिवार पर पांच और ईसाई परिवार पर दो लाख होते हैं खर्च

By: | Last Updated: Thursday, 11 December 2014 5:41 AM
Rs 2 lakh for conversion of a Christian family and Rs 5 lakh for Muslim: Dharm Jagran Manch leader Rajeshwar Singh in a letter

नई दिल्ली: अलीगढ़ में होने वाले विवादित धर्म परिवर्तन पर बड़ा खुलासा हुआ है. पहली बार धर्म परिवर्तन का रेट खुला है. धर्म जागरण मंच के राजेश्वर सिंह की एक चिट्ठी में बताया गया है कि घर वापसी में कितना खर्च आता है. चिट्ठी में घर वापसी कराने में मुस्लिम परिवार पर 5 लाख और ईसाई परिवार पर 2 लाख सालाना खर्च की बात कही गई है.

 

चिट्ठी में ईसाई और मुस्लिम को समस्या की तरह पेश करते हुए धन संग्रह की अपील की गई है. चिट्ठी में कहा गया है कि इस साल एक लाख ईसाई और मुस्लिमों की घर वापसी का लक्ष्य तय किया गया है.

धर्म जागरण मंच के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश्वर सिंह का कहना है, ‘हमें किसी भी काम के लिए धन की आवश्यकता होती है, इसलिए हम अपने समाज से धन लेते हैं. यदि धर्मान्तरण होगा तो पुनः धर्मान्तरण भी होगा, जो भी हिन्दू से ईसाई या मुसलमान बना है हम उसकी घर वापसी करेंगे. कोई रोक नहीं सकता.’

 

धर्म परिवर्तन के रेट पर राजेश्वर सिंह से पूछा गया तो वो भड़क गए. राजेश्वर ने कहा, ‘आपको कोई पूछने का अधिकार नहीं है. आप न्यायालय नहीं है. आप जांच मत करिये. मैं किसी को नहीं बताऊंगा. आप कुछ हमें दे रहे हैं क्या. मैं पत्रकार को कुछ नहीं मानता.’

 

आपको बता दें कि आरएसएस ने क्रिसमस के मौके पर 15 हजार मुस्लिम-ईसाई परिवारों के धर्म परिवर्तन की तैयारी की है. इस कार्यक्रम को आरएसएस ने ‘घर वापसी’ का नाम दिया है.

 

हजारों लोगों के इस धर्म परिवर्तन के बारे में आयोजकों का दावा है कि यह अलीगढ़ में सबसे बड़ा आयोजन होगा जिसमें बीजेपी सांसद आदित्यनाथ भी शामिल होंगे.

 

इस मामले पर बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा है, ‘आप इसे परिवर्तन कह सकते हैं, घर वापसी कह सकते हैं, इसे किसी अन्य तरह नहीं देखना चाहिए. अगर कोई अपनी भूल सुधारकर घर वापसी करना चाहता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.’

 

संसद में भी हुआ हंगामा-

धर्म परिवर्तन को लेकर आज लोकसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ. विपक्ष हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गया. विपक्ष धर्म परिवर्तन पर चर्चा की मांग कर रहा था. सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार न सिर्फ धर्म परिवर्तन पर चर्चा के लिए तैयार है बल्कि धर्म परिवर्तन रोकने के लिए कानून बनाने के लिए भी तैयार है.

 

क्यों हुआ विवाद-

आपको बता दें कि आगरा में बीते दिनों बजरंग दल के कार्यक्रम में करीब 60 मुस्लिम परिवारों ने फिर से हिंदू धर्म को अपना लिया था. इस मामले में नया मोड़ आ गया जब धर्म परविर्तन करने वाले परिवारों का कहना है कि, ”हमसे कहा गया था कि एक कार्यक्रम है जिसमें हमारे राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवा दिए जाएंगे. लेकिन जबहम वहीं पहुंचे तो हमारा धर्म परिवर्तन करा दिया गया. उस वक्त हमने इसलिए हमने झगड़ा होने के डर की वजह से कुछ नहीं कहा और जैसा हमसे कराया गया वैसा ही हमने किया.”