500 के नोट की सबसे अधिक मांग, दूसरे नंबर पर 1,000 का नोट

By: | Last Updated: Friday, 11 September 2015 12:47 PM

नई दिल्ली : भारत में करेंसी नोटों में सबसे अधिक मांग 500 रपये के नोट की है. उसके बाद 1,000 रपये के नोट का नंबर आता है. उद्योग मंडल एसोचैम के एक अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है.

 

इस्तेमाल या बाजार में मौजूद कुल नोटों में से 46 प्रतिशत 500 रपये के नोट हैं. 39.3 प्रतिशत के साथ मांग के मामले में 1,000 रपये का नोट दूसरे नंबर पर है. यह आंकड़ा मार्च, 2015 तक का है.

 

एसोचैम ने रिजर्व बैंक के सर्वेक्षण के हवाले से कहा है कि 100 रपये के नोट की खरीद क्षमता कम है. कुल मौजूद नोटों में से 100 के नोटों की संख्या मात्र 10.5 प्रतिशत है.

 

प्रचलन में मौजूद मुद्रा में 20 रपये के नोट का हिस्सा एक प्रतिशत से भी कम है. 50 के नोट का हिस्सा 1.2 प्रतिशत है. मार्च, 2013 में कुल नकदी में 20 के नोटों का हिस्सा 5.2 प्रतिशत था, जो मार्च, 2015 में घटकर 0.6 प्रतिशत रह गया. उस साल 50 के नोटों का हिस्सा 4.7 प्रतिशत था.

 

एसोचैम के महासचिव डी एस रावत ने कहा, ‘‘पिछले कुछ साल में जीवनशैली की लागत में इतना अधिक इजाफा हुआ है कि आज आप छोटे नोटों से वस्तुएं और सेवाएं नहीं खरीद सकते. ’’

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Web Title: Rs 500 notes most in demand, Rs 1000 notes at second place: Assocham
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