भागवत के स्पीच को लाइव दिखाने पर DD की सफाई- खबर की तरह दिखाया

By: | Last Updated: Friday, 3 October 2014 2:42 AM
RSS chief Mohan Bhagwat speech on Vijayadashmi

फ़ाइल फ़ोटो: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

नई दिल्ली: आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन को दूरदर्शन पर प्रसारित किये जाने पर उठे विवाद के बीच दूरदर्शन ने सफाई देते हुए कहा कि इसे अन्य समाचार कार्यक्रमों की तरह ही दिखाया गया था. इसके लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई थी.

 

दूरदर्शन की महानिदेशक (न्यूज़) अर्चना दत्त ने कहा, ‘‘यह हमारे लिये महज किसी अन्य समाचार से जुड़े कार्यक्रम की तरह ही था. इसलिए हमने इसे कवर किया.’’ विजयादशमी पर सरसंघचालक मोहन भागवत के करीब एक घंटे के संबोधन को दूरदर्शन पर दिखाए जाने पर विवाद उत्पन्न हो गया है और कांग्रेस तथा वामदलों ने सरकार पर राष्ट्रीय प्रसारक का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है.

 

दत्त ने कहा कि इस समारोह के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई थी और राज्य में चुनाव को कवर करने के लिए उपयोग किये जा रहे कई डिजिटल सेटेलाइट न्यूज गैदरिंग वैन (डीएसएनजी) में से एक का उपयोग इस समारोह के लिए किया गया.

 

उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में हमारे कई डीएसएनजी वैन हैं और इनमें से एक वैन का उपयोग नागपुर के लिए किया गया.’’

 

 

 

मोहन भागवत ने की मोदी सरकार की प्रशंसा –

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पिछले छह महीने की में राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े विषयों पर की गई पहलों के लिए मोदी सरकार की भूरिभूरि प्रशंसा की.

 

यहां रेशमबाग मैदान में संघ कार्यकर्ताओं को विजयादशमी संबोधन में भागवत ने कहा कि सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं जिससे लोगों को यह उम्मीद जगी है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत होकर उभर रहा है.

 

सरसंघचालक का संबोधन पहली बार दूरदर्शन पर भी प्रसारित किया गया जिसे लेकर काफी विवाद भी हो गया है.

 

भागवत ने कहा कि लोगों को सरकार को थोड़ा और समय देना चाहिए ताकि वह अपनी नीतियों को तेजी और प्रभावी ढंग से लागू कर सके.

 

भागवत ने कहा कि जब तक देश का अंतिम व्यक्ति कल्याण योजनाओं, सुरक्षा और संरक्षा के प्रति संतुष्टि महसूस नहीं करेगा तब तक सरकार का कार्य पूरा नहीं हो सकता है. सरसंघचालक ने अपने संबोधन में कहा, “हमारे पास बदलाव के लिए जादू की छड़ी नहीं है लेकिन सरकार प्रतिबद्ध दिख रही है.” भागवत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल की अमेरिका यात्रा से सकारात्मक संकेत मिले है और इससे देश के लोगों में नया उत्साह जगा है.

 

दुनिया को भारत की जरूरत होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “लोगों के दिलों में उम्मीद की नयी किरण जगी है. यात्रा और अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत के बाद पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है.” उन्होंने केंद्र और आरएसएस कार्यकर्ताओं के जम्मू कश्मीर में बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत एवं बचाव कार्य में योगदान की सराहना की.

 

यहां पर क्लिक करके आप मोहन भागवत के पूरे भाषण की PDF फाइल डाउनलोड कर सकते हैं.

 

भागवत ने बाढ़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं.”

 

भागवत ने कहा कि केंद्र सरकार की तत्परता, कुशलता और उदारता सं प्रभावित लोगों को काफी राहत मिली है और इसकी सराहना की जानी चाहिए. सरसंघचालक ने आज अपने संबोधन में धर्मपरिवर्तन, भ्रष्टाचार, नक्सलवाद, भारत.चीन संबंधों, मुद्रास्फीति, चुनाव (इस महीने महाराष्ट्र, हरियाणा में विधानसभा चुनाव) का जिक्र नहीं किया.

 

वैश्विक आतंकवाद के विषय पर भागवत ने पश्चिम एशिया से तेल लेने से जुड़ी पश्चिमी देशों के कथित स्वार्थी हितों को वहां इस्लामिक स्टेट (आईएस) की आतंकी गतिविधियां बढ़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया.

 

भागवत ने कहा, “आत्मकेंद्रित सामूहिक लोभ से शोषण, दमन, हिंसा और कट्टरपंथ पैदा होता है. पश्चिम एशिया में आईएसआईएस के नाम से पैदा हुए आतंक एवं कट्टरपंथ के नए चक्र के लिए पूरी तरह से पश्चिमी देशों का स्वार्थ जिम्मेदार है.” सरसंघचालक ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि अधिकांश देश और धार्मिक समूह इस बुराई के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं.

 

आरएसएस का यह वाषिर्क समारोह तब मनाया जा रहा है तब संघ की स्थापना का यह 90वां साल है. आरएसएस की स्थापना विजयदशमी पर ही 1925 में की गई थी.

 

मोहन भागवत का पूरा स्पीच यहा क्लिक करके देखें-