भागवत के भाषण के प्रसारण को लेकर कांग्रेस, वाम दलों ने की सरकार की आलोचना

By: | Last Updated: Friday, 3 October 2014 10:41 AM

नई दिल्ली: विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के संबोधन का दूरदर्शन द्वारा सीधा प्रसारण किए जाने को लेकर आज विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस और वाम दलों ने दूरदर्शन के ‘‘दुरूपयोग’’ की कड़ी आलोचना की लेकिन भाजपा ने इसका बचाव किया.

 

कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने करीब घंटे भर के इस प्रसारण को एक ‘‘खतरनाक परंपरा’’ बताते हुए कहा कि आरएसएस एक विवादास्पद संगठन है .

 

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक खतरनाक परंपरा है . यह कोई ऐसा संगठन नहीं है जो पूरी तरह से निष्पक्ष हो . यह एक विवादास्पद संगठन है .’’ उन्होंने कहा कि यह सरकार का एक राजनीतिक फैसला है .

 

कांग्रेस नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय आकांक्षाओं के मामले में हम आरएसएस के रिकार्ड को संदेह से परे नहीं मानते. माकपा ने कहा, ‘‘आरएसएस इस अवसर का इस्तेमाल अपनी हिन्दुत्व की विचारधारा को फैलाने के लिए करती है . राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रसारक को आरएसएस जैसे संगठन के प्रमुख के भाषण को सीधा प्रसारित नहीं करना चाहिए था .’’ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी भागवत के भाषण को सीधा प्रसारित किये जाने की निंदा की और कहा कि यह सरकारी प्रसारक का दुरूपयोग है .

 

भाकपा के महासचिव डी राजा ने कहा कि सरकार और खासकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को दूरदर्शन को आरएसएस का मुख्यपत्र बनने की इजाजत देने के लिए जनता को स्पष्टीकरण देना चाहिए .

 

भागवत के भाषण के प्रसारण का बचाव करते हुए भाजपा की शाइना एन सी ने कहा कि आरएसएस एक मात्र राष्ट्रवादी संगठन है जो भारत सबसे पहले :इंडिया फर्स्ट: में विश्वास करता है और साथ ही देश को व्यक्तिगत हित से उपर मानती है .

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Web Title: rss chief speech on doordarashan
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