क्या पीएम को RSS की बैठक में जाना चाहिए?

By: | Last Updated: Wednesday, 2 September 2015 12:40 PM
RSS reviews Modi Government performance

नई दिल्ली: आज से दिल्ली में आरएसएस बीजेपी समन्वय समिति की बैठक शुरू हुई है. बैठक में परसों प्रधानमंत्री के शामिल होने की भी चर्चा है. विरोधी इसी बात को लेकर सरकार को घेरने में जुटे हैं.

 

सरकार बनने के सवा साल बाद दिल्ली में आरएसएस और बीजेपी की बैठक हो रही है. इसी को लेकर विरोधी अब सवाल उठा रहे हैं. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि तो आरएसएस तीन दिन तक मोदी सरकार के प्रदर्शन का अप्रेज़ल करेगा. क्या अब भी कोई मुझे बताना चाहता है कि वो एक ‘सामाजिक संगठन’ है?

 

उमर अब्दुल्ला जिस अप्रेजल शब्द का जिक्र कर रहे हैं उसका मतलब होता है कामकाज का मूल्यांकन करना. अमूमन कंपनियों में कर्मचारियों के कामकाज के मूल्यांकन के लिए इस शब्द का इस्तेमाल होता है. आरएसएस की ये बैठक तीन दिनों तक चलेगी.

 

बुधवार को पहले दिन की बैठक में

 

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह

वित्त मंत्री अरुण जेटली

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर

ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी

शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू

रसायन मंत्री अनंत कुमार

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा

कृषि मंत्री राधामोहन सिंह शामिल हुए

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक के आखिरी दिन शामिल होंगे. अब इसी बात को लेकर विरोधी इतिहास का पन्ना पलटते हुए सवालों की बौछार कर रहे हैं.

 

ऐसा नहीं है कि बतौर प्रधानमंत्री आरएसएस की बैठक में शामिल होने वालों में नरेंद्र मोदी पहले शख्स हैं. इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी भी समन्वय बैठक में जाया करते थे. इस तरह की बैठक में देश दुनिया के मुद्दों के अलावा सरकार के कामकाज और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है.

 

सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक में वन रैंक वन पेंशन पर चर्चा हुई और आरएसएस ने सरकार पर जल्द लागू करने का दबाव बनाया है. बैठक में जातीय जनगणना, पटेल आरक्षण और बिहार चुनाव को लेकर भी चर्चा हो सकती है .

 

बैठक के शुरुआत में आरएसएस नेताओं ने संगठनों के प्रतिनिधियों से सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया. मोदी सरकार बनने के बाद आरएसएस के सभी संगठनों की एक साथ ये पहली बैठक हो रही है.

 

नोट: क्या आरएसएस के इशारे पर सरकार काम कर रही है? आरएसएस खुद को सामाजिक संगठन बताता है, ऐसे में मोदी सरकार के मंत्रियों के साथ मीटिंग का क्या अर्थ है? क्या ऐसे बैठक में प्रधानमंत्री को जाना चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में आप अपनी राय दें. हम सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले कमेंट को टीवी पर दिखाएंगे. कमेंट में शब्दों की मर्यादा का ख्याल करें.

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