कानून मंत्री गौड़ा का बेतूका बयान, 'व्यापम जैसे छोटे मुद्दों पर क्यों बोलेंगे पीएम'

By: | Last Updated: Tuesday, 7 July 2015 8:32 AM
sada nand gauda controversial statement

नई दिल्लीः व्यापम घोटाला अब तक का सबसे खतरनाक घोटाला बनकर उभरा है. इस घोटाले ने अब तक 46 लोगों की जान निगल ली है. व्यापम घोटाले पर विपक्ष सरकार पर लगातार हमले कर रहा है और पीएम मोदी से भी इस घोटाले पर अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग कर रहा है.

 

लेकिन कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने व्यापम को बेहद छोटा मुद्दा बताते हुए कहा है, “प्रधानमंत्री को इतने छोटे और सिली (मुर्खतापूर्ण) मामलों में बोलने की कोई जरुरत नहीं है. वैसे भी ये राज्य का मामला है, इस पर पीएम हस्तक्षेप करें  ये जरुरी नहीं है, हमारे गृहमंत्री राजनाथ सिंह  और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह अपनी राय इस पूरे विवाद दे पर व्यक्त कर चुके हैं.”

 

उन्होंने आगे कहा, “हर छोटे बड़े मूर्खतापूर्ण मुद्दों पर पीएम जवाब दें. ये उचित नहीं है. अगर मुद्दा देश हित में हो तभी पीएम को जवाब देना चाहिए. क्या हम राज्य सरकार के अधिकारों का अतिक्रमण करें, अगर कल राज्य कहे कि केंद्र ने कैसे अतिक्रमण किया तब कौन जवाब देगा.”

 

क्या है व्यापम घोटाला

 

उच्च शिक्षा मंत्री के तहत काम करने वाला व्यावसायिक परीक्षा मंडल मेडिकल, इंजीनियरिंग और दूसरी व्यावसायिक पढ़ाई के साथ सरकारी नौकरियों के लिए प्रवेश परीक्षाएं करवाने और छात्रों के चयन का काम करता है. व्यापम घोटाला दो हिस्सों में बंटा हुआ है. पहला तो ये कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाओं में धांधली हुई. वहीं दूसरा सरकारी नौकरियों के लिए हुई परीक्षाओं में भी गड़बड़ी करके नाकाबिल लोगों को नौकरी दी गई.

 

व्यापम मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के अधीन था-घोटाले के तार लक्ष्मीकांत शर्मा से जुड़ रहे थे. उन्हें भी गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही घोटाले के कर्ताधर्ता उनके ओएसडी ओ पी शुक्ला, व्यावसायिक परीक्षा मंडल के नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, ऑनलाइन विभाग के सर्वेसर्वा नितिन महिंद्रा पर शिकंजा कसा जा चुका है. इनकी ही मिलीभगत से भर्ती घोटाले का खेल चल रहा था.

व्यापम मूर्खतापूर्ण मुद्दा, पीएम क्यों बोले?- सदानंद गौड़ा 

आरोप है कि सिफारिश करने वालों में राज्यपाल रामनरेश यादव, उनके बेटे शैलेश यादव, ओएसडी धनराज यादव, केंद्रीय मंत्री उमा भारती से लेकर संघ के सुरेश सोनी, केसी सुदर्शन और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं.

 

इस बीच घोटाले से जुडे आरोपियों की संदिग्ध मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया. एमपी के राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेश यादव की भी 24 मार्च को लखनऊ में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी.

 

मामले की जांच कर रही एसटीएफ की निगरानी के लिए हाईकोर्ट ने एसआईटी बनाई है. कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस मामले की जांच शुरू कराने का श्रेय खुद को देते हैं. जबकि कांग्रेस घोटाले का आरोप मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर लगा चुकी है.

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Web Title: sada nand gauda controversial statement
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