जम्मू कश्मीर में कितने कारगर सज्जाद लोन ?

By: | Last Updated: Tuesday, 11 November 2014 1:44 PM
sajjad lone

नई दिल्ली : बीजेपी ने साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. कल पीपल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष और कश्मीर के अलगाववादी नेता सज्जाद लोन की पीएम नरेंद्र मोदी से दिल्ली आकर मिले थे. इस मुलाकात से दोनों पार्टियों में चुनावी गठबंधन की अटकलें लग रही थीं. इस मुलाकात के चुनावी मायने को सज्जाद लोन भी नकार रहे हैं. लेकिन चुनाव बाद के गठबंधन की संभावना को वो सीधे-सीधे खारिज नहीं कर रहे हैं.

 

केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने इस बयान ने जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीपल्स कांफ्रेंस के बीच चुनावी गठबंधन की संभावनाओं को खारिज कर दिया है. सोमवार शाम कश्मीर के अलगाववादी नेता और पीपल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद लोन पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने दिल्ली आए थे. मुलाकात के बाद सज्जाद जिस अंदाज में मोदी की तारीफ करते नजर आए. उससे दोनों पार्टियों में गठबंधन की अटकलें तेज हो गई थीं.

 

श्रीनगर पहुंच चुके सज्जाद लोन भी कह रहे हैं कि उनकी मुलाकात के चुनावी मायने नहीं निकाले जाएं. लेकिन एबीपी न्यूज से बातचीत में उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि गठबंधन की बात वह चुनाव के बाद सोचेंगे.

 

आपको बता दें, हरियाणा और महाराष्ट्र में जीत के बाद बीजेपी जम्मू-कश्मीर में मिशन-44 प्लस में जुट गई है. मिशन -44 प्लस यानी 87 सीट वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा.

 

जम्मू कश्मीर की कुल 87 सीटों में से 46 कश्मीर घाटी से, 37 जम्मू में और 4 लद्दाख से आती हैं . 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जम्मू और लद्दाख में तो जीत मिली थी लेकिन कश्मीर घाटी से बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत पाई .

 

बताया जाता है गुंजाइशों को खंगालने के लिए ही पिछले हफ्ते बीजेपी नेता राम माधव श्रीनगर जाकर सज्जाद लोन से मिले थे, जिसके बाद सज्जाद लोन ने बीजेपी से गठबंधन के संकेत दिये थे.

 

जम्मू कश्मीर में कितने कारगर सज्जाद लोन ?

 

सज्जाद लोन की पार्टी पीपल्स कॉन्फ्रेंस ने अब तक उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिले में 12 उम्मीदवारों का एलान किया है. बड़ी बात ये है कि पीपल्स कॉन्फ्रेंस के बड़े उम्मीदवारों के सामने बीजेपी ने उम्मीदवार नहीं खड़े किए हैं.

 

बीजेपी और पीपल्स कॉन्फ्रेंस के नेता गठबंधन पर खुलेआम जो कुछ भी बोल रहे हों लेकिन साफ है कि सज्जाद लोन और बीजेपी में पर्दे के पीछे कुछ पक रहा है. जम्मू कश्मीर में 44 प्लस की उम्मीद लगाए बैठी बीजेपी को कश्मीर घाटी में सज्जाद लोन की अहमियत मालूम है.

 

सज्जाद लोन के पिता और बड़े हुर्रियत नेता अब्दुल गनी लोन ने साल 2002 में पीपल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी बनाई थी. पार्टी का बड़ा एजेंडा कश्मीर को भारत से अलग करना था, साथ ही बाकी अलगाववादियों की तरह पीपल्स कॉन्फ्रेंस भी चुनाव के खिलाफ थी.

 

2009 में सज्जाद लोन ने बारामुला सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन बुरी तरह हारे थे, तीसरे नंबर पर रहे थे सज्जाद लोन. इस बार के लोकसभा चुनाव सज्जाद खुद तो खड़े नहीं हुए थे लेकिन बारामूला में उन्होंने जिस उम्मीदवार को खड़ा किया उसकी भी बुरी तरह हार हुई. इस विधानसभा चुनाव में हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं. युवाओं में सज्जाद लोन खास लोकप्रिय हैं. उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिले में पीपल्स कॉन्फ्रेंस का अच्छा दबदबा है.

 

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