संघ प्रचारक सुनील जोशी केस में NIA का रुख बदला

By: | Last Updated: Sunday, 5 July 2015 4:51 PM

नई दिल्लीः जिस संघ प्रचारक सुनील जोशी की हत्या को एनआईए पहले आतंकी साजिश मान रही थी उसे अब ये आपसी रंजिश लग रही है. सुनील जोशी हत्याकांड की जांच कर रही एनआईए के मुताबिक हत्या का आतंकवादियों से कोई संबंध नहीं है.

 

NIA ने सुनील जोशी की हत्या का केस मध्य प्रदेश सरकार को ये कहते हुए वापस कर दिया है कि इसमें किसी आतंकी साजिश के सबूत नहीं मिले.

 

हालांकि यूपीए सरकार के राज में NIA ने खुद ही जोर देकर ये केस अपने हाथ में लिया था. उस वक्त NIA ने शक जाहिर किया था कि समझौता ट्रेन ब्लास्ट, मालेगांव, अजमेर और हैदराबाद की मक्का मस्जिद में हुए धमाकों में सुनील जोशी का हाथ रहा है. NIA को शक था कि जोशी की हत्या इसलिए की गयी है ताकि कथित भगवा आतंकवाद के इन मामलों से पर्दा न उठे. लेकिन अब NIA ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दावा किया है कि सुनील जोशी ने प्रज्ञा ठाकुर पर बुरी नज़र डाली थी जिसके कारण प्रज्ञा के सहयोगियों ने उसे मार डाला.

 

सुनील जोशी की 29 दिसंबर 2007 को एमपी के देवास इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जिस वक्त जोशी को मौत के घाट उतारा गया था उस समय वो देवास के चूना खदान इलाके में अपने ठिकाने पर जा रहे थे.

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Web Title: sanjay joshi
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