अब CM को मुंह छुपाने की जरूरत नहीं पड़ेगी?

By: | Last Updated: Friday, 18 March 2016 6:03 PM
SC modifies earlier judgement regarding government advertising guidelines

नई दिल्ली: सरकारी विज्ञापनों में अब मुख्यमंत्री और मंत्री की तस्वीर भी छपेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है. कोर्ट ने इससे पहले सरकारी विज्ञापनों में सिर्फ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के फोटो के इस्तेमाल की इजाज़त दी थी. जिसके बाद दिल्ली सरकार के कई विज्ञापन टीवी पर दिखते थे जिसमें उनका चेहरा नहीं दिखता था. अब कोर्ट के फैसले के बाद मुंह छुपाकर विज्ञापन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चेहरा दिखाए बगैर सरकारी विज्ञापनों में नजर आ चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार के काम के प्रचार के लिए केजरीवाल ने अलग रास्ता निकाला था.

केजरीवाल के इस तरीके पर विरोधियों ने सवाल भी उठाए थे लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले बाद ऐसी नौबत नहीं आने वाली. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है हम अपने आदेश में सुधार करना चाहते हैं. अब सरकारी विज्ञापन में राज्यपाल, मुख्यमंत्री के अलावा केंद्र और राज्य के संबंधित मंत्रियों की तस्वीर भी लगाई जा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश के खिलाफ 5 राज्यों – उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और असम ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी. इन राज्यों की याचिका का केंद्र सरकार ने भी समर्थन किया था.

केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए एटॉर्नी जनरल यानी सरकार के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था देश में तमाम लोग हैं जो सरकारी विज्ञापन में लिखी गई बात को या तो पढ़ नहीं सकते या उन पर ध्यान नहीं देते. मंत्रियों या मुख्यमंत्री की तस्वीर लोगों का ध्यान विज्ञापन की तरफ खींचती है. किसी विज्ञापन में जनता के चुने हुए इन प्रतिनिधियों की भूमिका वैसी ही होती है जैसी ब्रांड एम्बेसडर की. अपने विभाग में अच्छा काम कर रहे मंत्रियों या किसी कल्याणकारी योजना को चला रहे मुख्यमंत्री की तस्वीर का विज्ञापन में न होना लोकतंत्र के लिहाज़ से उचित नहीं है.

पिछले साल 13 मई को दिए ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि सरकारी विज्ञापन लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए होते हैं. किसी नेता की छवि बनाने के लिए नहीं. इसी आधार पर अदालत ने सरकारी विज्ञापन में नेताओं के तस्वीर लगाए जाने पर रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस नियम में सिर्फ राष्ट्रपति, पीएम और चीफ जस्टिस को अपवाद माना था.

दस महीने बाद विज्ञापनों में मिली छूट पार्टियों के लिए बडी राहत है क्योंकि इसी साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं और अगले साल यूपी-पंजाब में भी चुनाव होने वाले हैं. और सबसे बड़ी राहत केजरीवाल के लिए है जिन्हें अब विज्ञापनों में मुंह नहीं छुपाना पड़ेगा.

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Web Title: SC modifies earlier judgement regarding government advertising guidelines
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